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गाजियाबाद के तुराब नगर बाजार में जन्माष्टमी की रौनक साफ नजर आ रही है. बाजार में बाल गोपाल की रंग-बिरंगी पोशाक, आभूषण, झूले और आकर्षक सिंहासन दुकानों की शोभा बढ़ा रहे हैं खास बात यह है कि यहां अलग-अलग डिजाइन और रेंज में सामान उपलब्ध है जिससे बजट के हिसाब से खरीदारी की जा सकती है. बाजार स्थित श्री श्याम श्रृंगार की दुकान जिसे लोग मिनी वृंदावन के नाम से भी जानते हैं पर इन दिनों महिलाओं की काफी भीड़ पहुंच रही है.
गाजियाबादः कान्हा के जन्म का इंतजार अब कुछ ही दिनों का रह गया है. 4 सितंबर को जन्माष्टमी मनाई जाएगी और इसके लिए मंदिरों से लेकर घरों तक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. कहीं लड्डू गोपाल के लिए नया झूला सजाया जा रहा है तो कहीं उनके लिए खास पोशाक और आभूषण पसंद किए जा रहे हैं ऐसे में अगर आप भी बाल गोपाल के श्रृंगार से लेकर झूले, सिंहासन और दूसरी पूजा सामग्री की खरीदारी करना चाहते हैं तो गाजियाबाद का तुराब नगर बाजार आपके लिए खास जगह हो सकता है.
बाल गोपाल की रंग बिरंगी पोशाक से सजी बाजार
इन दिनों तुराब नगर बाजार में जन्माष्टमी की रौनक साफ नजर आ रही है. बाजार में बाल गोपाल की रंग-बिरंगी पोशाक, आभूषण, झूले और आकर्षक सिंहासन दुकानों की शोभा बढ़ा रहे हैं खास बात यह है कि यहां अलग-अलग डिजाइन और रेंज में सामान उपलब्ध है जिससे बजट के हिसाब से खरीदारी की जा सकती है. बाजार स्थित श्री श्याम श्रृंगार की दुकान जिसे लोग मिनी वृंदावन के नाम से भी जानते हैं पर इन दिनों महिलाओं की काफी भीड़ पहुंच रही है. दुकान पर लोग लड्डू गोपाल के लिए सुंदर पोशाक, मुकुट, आभूषण, झूले और सिंहासन खरीद रहे हैं. जन्माष्टमी के बाद आने वाले छठी पर्व को लेकर भी खरीदारी शुरू हो गई है. इसके बाद राधाष्टमी भी आने वाली है इसलिए राधा रानी के बाल स्वरूप के लिए भी लोग सुंदर पोशाक, बाल और श्रृंगार का सामान पसंद कर रहे हैं.
डायमंड ज्वैलरी की बढ़ी डिमांड
अगर कीमतों की बात करें तो बाजार में लड्डू गोपाल की मूर्तियां 150 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक उपलब्ध हैं. वहीं बाल गोपाल की पोशाक 50 रुपये से शुरू होकर 5 हजार रुपये तक, झूले 200 रुपये से 25 हजार रुपये तक और सिंहासन 50 रुपये से 2 हजार रुपये तक मिल रहे हैं यानी छोटी खरीदारी से लेकर खास और प्रीमियम श्रृंगार तक के विकल्प यहां मौजूद हैं. दुकान मालिक अनुज गोयल ने बताया कि जन्माष्टमी को लेकर बाजार पूरी तरह तैयार है. समय के साथ बाल गोपाल के श्रृंगार का फैशन भी बदला है पहले मोती वाली ज्वेलरी ज्यादा पसंद की जाती थी लेकिन अब अमेरिकन डायमंड ज्वेलरी की मांग काफी बढ़ गई है. इसी तरह पहले सामान्य गोल पोशाक ज्यादा चलती थी लेकिन अब कुर्ता-पायजामा और मस्तानी ड्रेस जैसे नए डिजाइन लोग पसंद कर रहे हैं.
राधा रानी के बाल स्वरूप के लिए भी हाईलाइट वाले बाल और आकर्षक श्रृंगार लोगों की पसंद बने हुए हैं. तुराब नगर गाजियाबाद के पुराने और प्रमुख बाजारों में शामिल है जहां त्योहारों के दौरान खरीदारी का अलग ही माहौल देखने को मिलता है. जन्माष्टमी से पहले बाजार में बढ़ती भीड़ देखकर साफ है कि इस बार भक्त कान्हा के स्वागत में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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