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दिल्ली के बवाना इलाके में एक निजी स्कूल में साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ कथित यौन शोषण के मामले ने हड़कंप मचा दिया है. आज दिल्ली बाल संरक्षण आयोग, पुलिस और सीडब्ल्यूसी ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया है. आरोपी ड्राइवर गिरफ्तार हो चुका है और उसके खिलाफ पहले से डकैती समेत सात आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं. जांच में स्कूल के बिना मान्यता और जरूरी एनओसी के संचालित होने की बात भी सामने आई है. आयोग को आशंका है कि अन्य बच्चे भी पीड़ित हो सकते हैं. स्कूल को सील करने की कार्रवाई संभव है.
बवाना के एक स्कूल से तीन साल की बच्ची के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया है. (एआई इमेज)
बवाना. दिल्ली के आउटर नॉर्थ इलाके के पूठ खुर्द गांव में एक निजी स्कूल में साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ दरिंदगी के मामले ने बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामले का संज्ञान लेते हुए दिल्ली बाल संरक्षण आयोग, दिल्ली पुलिस और बाल कल्याण समिति की टीम ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया. न्यूज18 इंडिया की टीम भी इस दौरान मौके पर मौजूद रही.
आयोग के अध्यक्ष ओपी व्यास ने निरीक्षण के दौरान बताया कि स्कूल करीब चार से पांच साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन अब तक उसे मान्यता नहीं मिली है. आयोग की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि स्कूल के पास जरूरी एनओसी और अन्य दस्तावेज नहीं थे. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इतने वर्षों से यह स्कूल किस आधार पर चल रहा था.
- सबसे गंभीर बात यह है कि जिस ड्राइवर पर बच्ची के साथ दरिंदगी का आरोप है, उसका पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं कराया गया था. आरोपी ड्राइवर विकास को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. जांच में सामने आया है कि उसके खिलाफ पहले से डकैती समेत सात आपराधिक मामले दर्ज हैं. अब यह सवाल भी उठ रहा है कि इतने गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति को छोटे बच्चों के बीच काम करने की अनुमति कैसे मिली.
- बताया जा रहा है कि घटना की शुरुआत 20 अगस्त को हुई थी. परिवार वालों ने बच्ची के यौन अंग पर चोट के निशान देखे. आरोप है कि जब परिवार ने बच्ची से बात की तो उसने ड्राइवर अंकल का नाम लिया. अगले दिन, 21 अगस्त को परिवार ने स्कूल पहुंचकर प्रिंसिपल के सामने शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया और पुलिस जांच शुरू हुई.
- 24 अगस्त को पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई. बच्ची का मेडिकल कराया गया और आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया. अब दिल्ली बाल संरक्षण आयोग ने भी मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए स्कूल प्रबंधन और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है. निरीक्षण के दौरान आयोग और सीडब्लूसी की टीम ने स्कूल के बच्चों से बातचीत की. बच्चों से पूछा गया कि क्या उन्हें गुड टच और बैड टच के बारे में जानकारी दी जाती है.
- आयोग की टीम ने स्कूल प्रबंधन से सीसीटीवी कैमरों, शिक्षकों और कर्मचारियों के दस्तावेज, उपस्थिति रिकॉर्ड, वेतन संबंधी रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात भी मांगे हैं. टीम ने उस शौचालय और आसपास की जगहों का भी निरीक्षण किया, जहां वारदात होने की बात सामने आई है. आयोग को आशंका है कि कहीं इस तरह की घटनाएं किसी अन्य बच्चे के साथ भी तो नहीं हुईं. इसी वजह से जांच का दायरा केवल एक शिकायत तक सीमित नहीं रखा जा रहा है.
- वहीं, डीसीपीसीआर ने 1 सितंबर को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए आउटर नॉर्थ दिल्ली पुलिस से दो सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है. आदेश की कॉपी दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशक, डिप्टी कमिश्नर और सीडब्ल्यूसी को भी भेजी गई है. आयोग ने स्कूल को शो-कॉज नोटिस जारी किया है और अगर गंभीर अनियमितताएं साबित होती हैं तो स्कूल को जल्द सील करने की कार्रवाई भी हो सकती है.
हालांकि, पूरे मामले पर स्कूल की प्रिंसिपल ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. बीते एक सप्ताह में दिल्ली के मौजपुर, जनकपुरी, विनोद नगर और बवाना समेत कई इलाकों से बच्चों के खिलाफ हिंसा और कथित यौन शोषण के मामले सामने आए हैं. ऐसे में यह घटना सिर्फ एक स्कूल की लापरवाही नहीं, बल्कि राजधानी के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन पर बड़े सवाल खड़े करती है.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
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