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Ground Report Dog Attack Ghaziabad : गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है. बच्चे घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं. माता-पिता डंडे लेकर निकलने को मजबूर हैं. बीते दिनों राजनगर एक्सटेंशन की स्टार रामेश्वरम सोसायटी में छह वर्षीय मासूम पर तीन आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया. घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है. सोसायटी में दहशत का माहौल है. लोकल 18 से सोसायटी निवासी वर्षा चौधरी ने बताया कि अब लोग घरों से डंडे लेकर बाहर निकल रहे हैं. डर इस कदर है कि सोसायटी छोड़कर जाने का मन करता है. आशा गुप्ता ने बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी को भी पहले कुत्ता काट चुका है. वह अभी तक परेशान है.
गाजियाबाद. यूपी स्थित गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन में हाईराइज सोसायटियों में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि छोटे बच्चे घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं. माता-पिता भी उन्हें अकेले बाहर भेजने से बच रहे हैं. बच्चों के मन में कुत्तों का ऐसा डर बैठ गया है कि उनका बचपन अब घर की चारदीवारी में कैद होकर रह गया है. बीते दिनों राजनगर एक्सटेंशन की स्टार रामेश्वरम सोसायटी में छह वर्षीय मासूम पर तीन आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया. हमले में बच्ची को कई चोटें आईं. इस घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है. घटना के बाद सोसायटी में दहशत का माहौल है. लोकल 18 से सोसायटी निवासी वर्षा चौधरी ने बताया कि हमारे यहां कुत्तों का आतंक इतना है कि अब यहां निकलने से भी डर लगता है. छोटे बच्चों को घर से अकेले भेजने में डर लगता है. कल जिस छोटी बच्ची के साथ हादसा हुआ, वह अभी सदमे में है और उससे चला नहीं जा रहा है. उसके पैर में चोट आई है. तीन आवारा कुत्तों ने बच्ची पर इतनी बुरी तरह हमला किया कि अगर आसपास के लोग समय पर नहीं बचाते तो कुत्ते उसे खींचकर बेसमेंट में ले जाते.
घूम भी नहीं पाते
वर्षा चौधरी ने बताया कि अब लोग घरों से डंडे लेकर बाहर निकल रहे हैं. माता-पिता छोटे बच्चों को बाहर नहीं भेज रहे हैं. उनका कहना है कि जब नगर निगम की टीम सोसायटी में कुत्तों को पकड़ने आती है तो डॉग लवर उन्हें कुत्तों को ले जाने नहीं देते. डर इस कदर है कि सोसायटी छोड़कर जाने का मन करता है और ऐसी सोसायटी में रहने का मन है जहां कुत्तों का आतंक न हो. वर्षा ने डॉग लवरों से कहा कि अगर आप कुत्तों से इतना ही प्यार करते हैं तो उन्हें अपने घर में रखें. आपकी वजह से दूसरे लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने गाजियाबाद नगर निगम से अपील की कि इन कुत्तों को सोसायटी से पकड़कर ले जाया जाए. उनका कहना है कि डर इतना है कि मासूम छोटे बच्चों का बचपन घर में कैद हो चुका है और कुत्तों के आतंक के चलते लोग सोसायटी में घूम भी नहीं पाते.
नहीं हो रही कार्रवाई
सोसायटी निवासी नीलमणि राय ने बताया कि आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने की वजह डॉग लवर हैं. डॉग लवर उन्हें खाना खिलाने के लिए सोसायटी के अंदर लाते हैं और उसके बाद कुत्ते रोजाना आना शुरू कर देते हैं. जिस दिन उन्हें खाना नहीं मिल पाता है वह लोगों पर अटैक करते हैं. बच्चे पहले पार्क में खेलने और ट्यूशन जाने जाते थे लेकिन अब चारदीवारी में कैद होकर रह गए हैं. गाजियाबाद नगर निगम को कई बार शिकायत दी जा चुकी है लेकिन नगर निगम की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती.
ऑफिस से घर आने पर डर
सोसायटी निवासी आशा गुप्ता ने बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी को भी पहले कुत्ता काट चुका है. वह अभी तक परेशान है और 10 दिन से स्कूल नहीं जा पाई है. घर में कैद होकर रह गई है. जब डॉग अटैक करता है तो सिर्फ शारीरिक परेशानी नहीं होती, मानसिक रूप से भी बहुत परेशानी होती है. डर मन में बैठ जाता है. क्या मिडिल क्लास आदमी फ्लैट में भी अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी गार्ड रखे, जो उन्हें लाने-ले जाने के लिए हर समय रहे. सोसायटी निवासी ज्योत्सना शर्मा ने बताया कि पहले पार्क में छोटे बच्चों को खेलते देखा जाता था, लेकिन आजकल पार्क सूने पड़े हैं. मंदिर में भी लोग नहीं आ रहे हैं क्योंकि मंदिर के बाहर ही छोटी बच्ची पर आवारा कुत्तों ने अटैक किया था. इतनी महंगी सोसायटी में फ्लैट लेने के बावजूद लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं. देर रात ऑफिस से घर आने पर भी सोसायटी में कुत्ते हमला कर देते हैं.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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