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Ghaziabad News: गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है. बच्चे घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं. माता-पिता डंडे लेकर निकलने को मजबूर हैं. ऐसे में एक आरटीआई में बताया कि आवारा कुत्तों को वैक्सीन लगाई जा रही है. मगर निगम के एक जवाब पर राज्य सूचना आयोग भड़क गया.
गाजियाबाद में कुत्तों को वैक्सीन लगाने की जानकारी छिपाने पर आयोग भड़का. (सांकेतिक तस्वीर)
गाजियाबाद : यूपी के गाजियाबाद से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां लगातार आवारा कुत्तों से लोग परेशान हैं. आए दिन कोई न कोई केस सामने आ ही जाता है. ऐसे में एक आरटीआई से जानकारी सामने आई की स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी और टीकाकरण कराया जा रहा है. मगर, इसमें एक सवाल का जवाब नहीं दिया गया. ऐसे में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर राज्य सूचना आयोग ने सवाल उठा दिए. उन्होंने पूछा कि अगर कुत्तों को वाकई वैक्सीन लगाई जा रही है तो उसे कितने रुपये में खरीदा गया.. इस बात की जानकारी क्यों छिपाई जा रही है.
दरअसल, एक आरटीआई के जवाब में निगम ने बताया था कि स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी और टीकाकरण का काम एक एनजीओ से कराया जा रहा है. 1 अक्टूबर, 2023 से 15 अप्रैल, 2026 के बीच 22,494 स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी और टीकाकरण किए जाने की जानकारी दी गई थी. आवेदक ने एनजीओ को किए गए भुगतान का ब्योरा भी मांगा था. इस पर निगम ने इसे तीसरे पक्ष के आर्थिक हितों से जुड़ी सूचना बताते हुए जानकारी देने से मना कर दिया था.
इस पर राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने सवाल किया कि एनजीओ को कितना भुगतान किया गया, यह तीसरे पक्ष के आर्थिक हितों से जुड़ी सूचना कैसे हो सकती है. आवेदक ने एनजीओ की बैलेंसशीट या बैंक स्टेटमेंट नहीं मांगा है. आयोग ने एनजीओ की ओर से किए गए 22,494 नसबंदी और टीकाकरण के दावे के सत्यापन की व्यवस्था की जानकारी भी मांगी है.
उन्होंने कहा कि अगर स्ट्रीट डॉग्स को वैक्सीन लगाई जा रही है तो उसकी खरीद भी की जा रही होगी. ऐसे में वैक्सीन कहां से और कितने रुपये में खरीदी गई. इससे संबंधित दस्तावेज कहां है? इन सवालों की जानकारी क्यों नहीं दी जा रही है? साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि वैक्सीन कहां से खरीदी गई और खरीद से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराए जाएं.
नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष त्रिपाठी ने कहा कि नसबंदी और टीकाकरण का काम एनजीओ को दिया गया है और एनजीओ किसी तीसरी कंपनी से वैक्सीन खरीदता है. कंपनी से पूछे बिना यह जानकारी नहीं दी जा सकती थी. आयोग का पत्र मिलते ही मांगी गई जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी.
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Kavya Mishra is a Senior Sub Editor at News18 Hindi with over seven years of experience in digital and print journalism. She is part of the regional editorial team, covering Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana …
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