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पुलिस ने बताया कि सत्य निकेट बिल्डिंग हादसे में सात लोगों की मौत हुई है. दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास स्थित यह आवासीय इमारत लड़कों के लिए पेइंग गेस्ट आवास के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी. 6 सितंबर की दोपहर करीब डेढ़ बजे मरम्मत का काम चलने के दौरान इमारत ढह गई थी.
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है.
नई दिल्ली. दिल्ली के सत्य निकेतन में ढही PG बिल्डिंग में छात्रों के रहने की व्यवस्था और मकान मालिक की जिम्मेदारी को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है. हादसे में सात लोगों की मौत के बाद सामने आए रेंट एग्रीमेंट की कॉपी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि PG में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर क्या शर्तें तय की गई थीं. एग्रीमेंट में एक ऐसी शर्त दर्ज होने की बात सामने आई है, जिसमें PG संचालक ने परिसर में रहने वाले किरायेदारों के साथ किसी तरह की दुर्घटना, जोखिम या जनहानि की स्थिति में अपनी जिम्मेदारी से इनकार किया था.
यानी दस्तावेज में यह स्पष्ट किया गया था कि किसी हादसे में किरायेदार को नुकसान पहुंचने या उसकी जान जाने की स्थिति में PG प्रबंधन जिम्मेदार नहीं होगा. रेंट एग्रीमेंट का यह हिस्सा पांच मंजिला इमारत के ढहने के मद्देनजर महत्वपूर्ण है, जिसका उपयोग पीजी आवास और छात्रों के रहने के लिए किया जा रहा था.
सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर को इमारत गिरी थी. इस घटना में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. कई घायलों का इलाज चल रहा है, जबकि मलबे के नीचे अभी कई लोगों के दबे होने की आशंका है.
‘हॉस्टल डेज’ नाम की यह पांच मंजिला इमारत लड़कों के पीजी के तौर पर चल रही थी और घटना के समय कई छात्र वहां रह रहे थे. घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मालिक हरिराम बंसल और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (साउथवेस्ट) अमित गोयल ने मामला दर्ज होने की पुष्टि की.
वहीं, लापरवाही बरतने पर इस मामले में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के पांच कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. जिन लोगों पर कार्रवाई हुई है, उनमें डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार शामिल हैं.
दिल्ली सरकार ने तुरंत प्रभाव से इन अधिकारियों को सस्पेंड करने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जिम्मेदार पाए जाने वाले एमसीडी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया था. सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा किया और राहत व बचाव कार्यालय को लेकर जानकारी हासिल की. इसके बाद उन्होंने अपने बयान में कहा कि लापरवाही या चूक के दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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