QS Best Student Cities 2027: विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों के लिए क्यू बेस्ट स्टूडेंट सिटीज 2027 (QS Best Student Cities 2027)रैंकिंग जारी हो गई है.इस बार भी दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल ने दुनिया की सबसे बेहतरीन स्टूडेंट सिटी का खिताब बरकरार रखा है.भारत के लिए भी इस रैंकिंग में अच्छी खबर आई है.मुंबई देश की सबसे बेहतर स्टूडेंट सिटी बनकर उभरी है जबकि दिल्ली पहली बार दुनिया के टॉप-100 स्टूडेंट शहरों में शामिल हो गई है.इतना ही नहीं,दिल्ली को दुनिया का सबसे किफायती (Affordable) छात्र शहर भी घोषित किया गया है.
क्या है क्यू बेस्ट स्टूडेंट सिटीज रैंकिंग?
QS Quacquarelli Symonds हर साल दुनिया के उन शहरों की रैंकिंग जारी करता है जहां छात्रों को पढ़ाई,करियर,रहने की सुविधा और जीवन स्तर के लिहाज से सबसे बेहतर माहौल मिलता है.इस साल की रैंकिंग में दुनिया के 150 शहरों का मूल्यांकन किया गया.इसके लिए छह प्रमुख मानकों को आधार बनाया गया जिनमें विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता, रोजगार के अवसर, पढ़ाई का खर्च, शहर की रहने योग्य स्थिति, अंतरराष्ट्रीय छात्रों की मौजूदगी और छात्रों की राय शामिल है.रैंकिंग में शामिल होने के लिए किसी शहर की आबादी कम से कम 2.5 लाख होनी चाहिए और वहां QS World University Rankings में शामिल कम से कम दो विश्वविद्यालय होने जरूरी हैं.
सियोल लगातार नंबर-1, टोक्यो और लंदन दूसरे स्थान पर
इस साल भी सियोल ने 100 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया.सियोल को विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता के मामले में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शहर माना गया.टोक्यो दूसरे स्थान पर रहा.उसे रोजगार के अवसर (Employer Activity) में पूरे 100 अंक मिले.लंदन तीसरे स्थान पर रहा जहां छात्रों का अनुभव (Student View) दुनिया के सबसे बेहतर शहरों में शामिल रहा.चौथे स्थान पर मेलबर्न रहा जिसने अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में शानदार प्रदर्शन किया.म्यूनिख और सिडनी संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहे.इसके अलावा पेरिस सातवें,बर्लिन आठवें,वियना नौवें और ज्यूरिख दसवें स्थान पर रहे.टॉप-10 से बाहर सिंगापुर 11वें,बीजिंग 12वें और कुआलालंपुर 15वें स्थान पर रहे जिससे साफ है कि एशिया वैश्विक शिक्षा का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है.
मुंबई बनी भारत की नंबर-1 स्टूडेंट सिटी
इस बार भारतीय शहरों में सबसे बेहतर प्रदर्शन मुंबई ने किया.मुंबई ने सात स्थान की छलांग लगाते हुए 98वें स्थान से 91वें स्थान पर पहुंचकर भारत की सबसे ऊंची रैंक वाली स्टूडेंट सिटी बनने का गौरव हासिल किया.QS के मुताबिक मुंबई को रोजगार के बेहतर अवसर और अपेक्षाकृत कम शिक्षा खर्च का फायदा मिला.शहर को Employer Activity में दुनिया में 34वां स्थान मिला जबकि Affordability यानी पढ़ाई और रहने के खर्च के मामले में 12वीं रैंक हासिल हुई.मुंबई का कुल स्कोर 61.8 रहा.
दुनिया की सबसे सस्ती स्टूडेंट सिटी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने भी इस साल शानदार प्रदर्शन किया.दिल्ली ने 104वें स्थान से सुधार करते हुए 99वां स्थान हासिल किया और पहली बार दुनिया के टॉप-100 स्टूडेंट शहरों में जगह बनाई.सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि दिल्ली को दुनिया का सबसे किफायती स्टूडेंट शहर घोषित किया गया.QS के अनुसार यहां अंतरराष्ट्रीय छात्रों की औसत वार्षिक ट्यूशन फीस लगभग 2,700 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 2.6 लाख रुपये है.दिल्ली को Employer Activity में भी दुनिया में 29वां स्थान मिला जिससे यह साफ होता है कि यहां पढ़ाई के बाद रोजगार के अच्छे अवसर उपलब्ध हैं.दिल्ली का कुल स्कोर 60.3 रहा.
बेंगलुरु की रैंक क्यों गिरी?
जहां मुंबई और दिल्ली ने बेहतर प्रदर्शन किया वहीं बेंगलुरु इस साल छह स्थान नीचे खिसक गया और संयुक्त रूप से 114वें स्थान पर पहुंच गया.QS के अनुसार इसका एक बड़ा कारण यहां अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अपेक्षाकृत अधिक ट्यूशन फीस है.बेंगलुरु में औसत वार्षिक फीस करीब 5,400 अमेरिकी डॉलर है जो रैंकिंग में शामिल भारतीय शहरों में सबसे ज्यादा है.बेंगलुरु का कुल स्कोर 56.0 रहा.
चेन्नई ने भी सुधारी अपनी स्थिति
चेन्नई ने इस साल पांच स्थान की बढ़त हासिल की और 123वें स्थान पर पहुंच गया हालांकि यह अभी भी भारतीय शहरों में चौथे स्थान पर है लेकिन इसकी रैंकिंग में सुधार दर्ज किया गया है.चेन्नई का कुल स्कोर 54.0 रहा.
भारतीय शहरों की रैंकिंग कैसी रही?
QS Best Student Cities 2027 में भारत के चार शहरों को जगह मिली. इनमें मुंबई सबसे आगे रहा.उसके बाद दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई का स्थान रहा.मुंबई 91वें, दिल्ली 99वें, बेंगलुरु संयुक्त रूप से 114वें और चेन्नई 123वें स्थान पर रहा.
किन मानकों पर तय होती है यह रैंकिंग?
QS Best Student Cities Ranking तैयार करने के लिए कुल 23 अलग-अलग संकेतकों का इस्तेमाल किया जाता है. इन्हें छह बड़ी श्रेणियों में बांटा गया है.इनमें विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता, रोजगार के अवसर, पढ़ाई और रहने का खर्च, शहर की रहने योग्य स्थिति, अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या और छात्रों के अनुभव को प्रमुख आधार बनाया जाता है.इन सभी पहलुओं का विश्लेषण करने के बाद दुनिया के सबसे बेहतर छात्र शहरों की सूची तैयार की जाती है.
छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह रैंकिंग?
जो छात्र विदेश में उच्च शिक्षा लेने की योजना बना रहे हैं उनके लिए यह रैंकिंग काफी उपयोगी मानी जाती है. इससे यह समझने में मदद मिलती है कि किस शहर में बेहतर विश्वविद्यालय, कम खर्च, नौकरी के ज्यादा अवसर और छात्रों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध है.इस बार की रैंकिंग से यह भी साफ हुआ कि एशियाई शहर तेजी से वैश्विक शिक्षा के बड़े केंद्र बन रहे हैं.वहीं भारत के मुंबई और दिल्ली जैसे शहर भी लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए आकर्षक विकल्प बनते जा रहे हैं.
