कल का मौसम : यूपी-बिहार के आसमान पर बन रहा दानव, अगले 20 घंटे में ढाएगा कहर, 21 राज्यों में IMD की चेतावनी

IMD Weather Update 9 September: सितंबर के दूसरे सप्ताह की शुरुआत के साथ ही मानसून ने एक बार फिर देश के बड़े हिस्से में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है, जिसे लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 सितंबर को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत सहित कुल 21 राज्यों में बारिश से बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. आईएमडी के मुताबिक, अगले 20 घंटों में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में तेज बारिश हो सकती है. वहीं दक्षिण भारत के भी कई राज्यों में बारिश के साथ आंधी, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से सटे इलाकों में 65 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती है.

दरअसल मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ गया है, लेकिन उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) अब पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर सक्रिय है. इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ और दूसरे साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी मौसम के मिजाज पर असर डाल रहे हैं. इन मौसमी सिस्टम के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है.

दिल्ली-NCR में बादलों का डेरा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के लोगों के लिए 9 सितंबर का दिन राहत भरा रह सकता है. आईएमडी ने दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान जताया है. यानी आसमान पर बादलों और धूप के बीच आंख-मिचौली देखने को मिल सकती है. वैसे दिल्ली में कल बारिश की कोई प्रमुख चेतावनी नहीं है. इसके बावजूद आसपास सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण मौसम में बदलाव बना रह सकता है. दिन के दौरान बादल घने हो सकते हैं और धूप की तीव्रता कम रह सकती है.

उत्तर प्रदेश में कमजोर पड़ा लो प्रेशर

उत्तर प्रदेश में बना निम्न दबाव का क्षेत्र भले ही कमजोर पड़ गया हो, लेकिन इससे जुड़े मौसमी सिस्टम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं. चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश और इससे सटे बिहार के इलाकों के ऊपर सक्रिय है. ऐसे में राज्य के पूर्वी हिस्सों में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है.

राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी मौजूद है, जिससे मौसम में बदलाव की स्थिति बनी हुई है.

बिहार-झारखंड में कुछ स्थानों पर 9 सितंबर को भारी से बेहद बारिश का अनुमान है. (फोटो PTI)

उत्तराखंड में 9 सितंबर के बाद बढ़ेगी बारिश

उत्तराखंड में 9 सितंबर को कुछ जगहों पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, लेकिन असली चुनौती अगले दिन से शुरू होने की आशंका है. मौसम विभाग ने 10 से 14 सितंबर के बीच राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान जताया है. इस दौरान उत्तराखंड में कई स्थानों पर भारी वर्षा की भी संभावना है. पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश का मतलब है कि भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों को खासतौर पर सतर्क रहने की जरूरत होगी. पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम चेतावनी और प्रशासन के निर्देशों पर नजर रखना जरूरी होगा.

बिहार में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

9 सितंबर को बिहार का मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाला है. पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के आसपास सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है. आईएमडी ने अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है.

इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है. कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है.

झारखंड में भी झमाझम बारिश

झारखंड में भी 9 सितंबर को मानसून का असर तेज रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है. कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे खराब मौसम के दौरान लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी. खासतौर पर खुले इलाकों और खेतों में काम करने वाले लोगों को बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जाती है.

आईएमडी के अनुसार झारखंड में 9 से 11 सितंबर के बीच भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा 12 से 14 सितंबर के दौरान भी कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं.

ओडिशा में आसमानी आफत का डर

पूर्वी भारत में ओडिशा के लिए अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं. 9 सितंबर को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है. इसके बाद 10 सितंबर को बारिश और तेज हो सकती है. आईएमडी ने 10 सितंबर को ओडिशा के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. वहीं पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट के आसपास 11 सितंबर के करीब एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकता है. यह सिस्टम आगे चलकर बारिश की गतिविधियों को और तेज कर सकता है. यही वजह है कि 10 से 12 सितंबर के बीच ओडिशा में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ रह सकता है.

पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर में भी सक्रिय रहेगा मानसून

गंगीय पश्चिम बंगाल में 9 सितंबर को कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. इसके साथ ही तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है. पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर यात्रा और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है.

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मानसून सक्रिय रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में बारिश की गतिविधियां और व्यापक हो सकती हैं. अरुणाचल प्रदेश में कुछ दिनों के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है.

देश के बाकी हिस्सों का हाल

पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है. 9 सितंबर को भी कई इलाकों में बारिश हो सकती है और आने वाले दिनों में यह गतिविधि बनी रह सकती है. मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है. गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भी छिटपुट बारिश का अनुमान है.

हालांकि पश्चिमी भारत में भारी बारिश की गतिविधियां 12 और 13 सितंबर के आसपास ज्यादा प्रभावी होने की संभावना है. गुजरात और कोंकण-गोवा के लिए इन दिनों मौसम पर खास नजर रखने की जरूरत होगी.

दक्षिण भारत में बारिश के साथ तेज हवाओं का अलर्ट

दक्षिण भारत में भी 9 सितंबर को मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. तेलंगाना में भी बारिश, बिजली और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. वहीं केरल और माहे में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है. हालांकि अगले कुछ दिनों में यहां बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. तटीय आंध्र प्रदेश में भी उमस बनी रह सकती है, जबकि बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम तेजी से बदल सकता है.

समुद्र में तेज हवाओं का खतरा

मौसम विभाग ने समुद्री क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की है. अरब सागर में सोमालिया और ओमान तट के आसपास तेज हवाएं चल सकती हैं. हवा की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है, जबकि झोंकों के दौरान यह 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में भी आने वाले दिनों में समुद्र की स्थिति खराब हो सकती है. मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

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