ब्रिक्‍स समिट के लिए दिल्ली तैयार, सिक्‍योरिटी से ट्रैफिक तक तगड़ा इंतजाम, सड़क से रेल तक थमेगी आवाजाही और…

BRICS Summit: ब्रिक्स समिट के लिए राजधानी दिल्ली पूरी तरह तैयार है. 11 से 13 सितंबर तक भारत मंडपम में होने वाले इस बड़े इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस को लेकर तैयारियां अब आखिरी दौर में हैं. विदेशी मेहमानों और वीवीआईपी नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली में सिक्योरिटी से लेकर ट्रैफिक तक के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए बड़ा प्लान तैयार किया है. इस दौरान सिक्योरिटी का घेरा जमीन से लेकर आसमान तक रहेगा.

वहीं वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही के लिए 22 डायवर्जन पॉइंट और 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों को चिन्हित किया गया है. भारत मंडपम से लेकर कनॉट प्लेस और खान मार्केट तक ब्रिक्स समिट की तैयारियां साफ दिखाई दे रही हैं. जगह-जगह ब्रिक्स समिट से जुड़े बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं. बाजारों और प्रमुख इलाकों में रात के समय लाइटिंग भी बढ़ाई गई है. लेकिन तैयारियां सिर्फ सजावट तक सीमित नहीं हैं. दिल्ली में सिक्योरिटी और ट्रैफिक का ऐसा नेटवर्क तैयार किया गया है, जिसमें किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश कम से कम रहे.

भारत मंडपम के आसपास मल्टी-लेयर सिक्योरिटी

ब्रिक्स समिट के दौरान भारत मंडपम और उसके आसपास करीब 5 किलोमीटर के दायरे में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी रहेगी. दिल्ली पुलिस के साथ पैरामिलिट्री फोर्स की भी तैनाती की गई है. एनएसजी कमांडो और दूसरी सिक्योरिटी एजेंसियां भी अलर्ट रहेंगी. सिक्योरिटी व्यवस्था में आईबी, एसपीजी, एनएसजी और दिल्ली पुलिस के जवान शामिल रहेंगे. करीब 7 हजार सिक्योरिटी पर्सनल की तैनाती की तैयारी है.

भारत मंडपम के बाहर से लेकर अंदर तक सिक्योरिटी के कई घेरे बनाए गए हैं. समिट में आने वाले डेलीगेशन के होटल, महत्वपूर्ण लोकेशन और वीवीआईपी रूट भी सिक्योरिटी एजेंसियों की निगरानी में रहेंगे. एयरपोर्ट से होटल और होटल से भारत मंडपम तक वीवीआईपी रूट की लगातार निगरानी की जाएगी. सीसीटीवी कैमरों, टेक्निकल सर्विलांस और दूसरे सिक्योरिटी इक्विपमेंट के जरिए हर जरूरी मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी.

35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक का असर

  1. ब्रिक्स समिट के दौरान सबसे बड़ी चुनौती वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही और आम लोगों के ट्रैफिक के बीच तालमेल बनाने की होगी. इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने करीब 35 प्रमुख सड़कों को चिन्हित किया है.
  2. वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान जरूरत के मुताबिक इन सड़कों पर ट्रैफिक रोका जा सकता है या फिर वाहनों को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया जा सकता है.
  3. इन सड़कों में सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, तेज जनवरी मार्ग, राजेश पायलट मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग, मथुरा रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग और डॉ. जाकिर हुसैन रोड शामिल हैं.
  4. इसके अलावा जनपथ, अशोका रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, नीति मार्ग, एपीजे अब्दुल कलाम रोड, प्रेस एन्क्लेव रोड और लाल बहादुर शास्त्री मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कों पर भी ट्रैफिक मूवमेंट प्रभावित हो सकता है.
  5. वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही के दौरान ट्रैफिक को अल्टरनेटिव रूट पर भेजने के लिए 22 प्रमुख डायवर्जन पॉइंट चिन्हित किए गए हैं.
  6. इनमें पटेल चौक, आरएमएल अस्पताल राउंडअबाउट, धौला कुआं, मोती बाग फ्लाईओवर, नीला गुंबद, ओबेरॉय फ्लाईओवर और मंडी हाउस जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं.
  7. मथुरा रोड और भारत मंडपम की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए जरूरत पड़ने पर लोधी रोड और लोधी फ्लाईओवर जैसे अल्टरनेटिव रूट का इस्तेमाल कराया जा सकता है.
  8. वहीं धौला कुआं और सरदार पटेल मार्ग की तरफ वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान रिंग रोड, वंदे मातरम मार्ग और एनएच-48 जैसे अल्टरनेटिव रूट इस्तेमाल किए जा सकेंगे.
  9. ब्रिक्स समिट के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए करीब 4,800 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की तैयारी है. इनकी जिम्मेदारी सिर्फ ट्रैफिक डायवर्जन संभालने तक सीमित नहीं होगी.
  10. ये पुलिसकर्मी वीवीआईपी काफिलों की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही भी सुनिश्चित करेंगे. वीवीआईपी काफिले के गुजरने से पहले और उसके दौरान अलग-अलग रास्तों पर ट्रैफिक को कंट्रोल किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर कुछ रास्तों पर थोड़े समय के लिए ट्रैफिक रोका भी जा सकता है.
  11. ब्रिक्स समिट के दौरान एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत होगी. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से कहा है कि वे अपनी यात्रा की प्लानिंग पहले से करें और घर से निकलते समय अतिरिक्त समय लेकर चलें.
  12. वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान अगर किसी रास्ते पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाता है तो अल्टरनेटिव रूट का इस्तेमाल करें. जहां संभव हो, लोग मेट्रो का इस्तेमाल कर सकते हैं.
  13. खास तौर पर एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा के समय का खास ध्यान रखना होगा. क्योंकि वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही के कारण कुछ रास्तों पर ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है.
  14. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि 11 से 13 सितंबर के बीच घर से निकलने से पहले अपना रूट जरूर चेक करें. साथ ही जरूरी सेवाओं और इमरजेंसी वाहनों की आवाजाही को प्राथमिकता देने की व्यवस्था भी रहेगी.

एंटी-सबोटाज चेकिंग से ड्रोन मॉनिटरिंग तक

ब्रिक्स समिट के दौरान सिक्योरिटी के मोर्चे पर भी कई स्तर पर इंतजाम किए गए हैं. भारत मंडपम और आसपास के संवेदनशील इलाकों में एंटी-सबोटाज चेकिंग की जाएगी. अगर कोई संदिग्ध वस्तु मिलती है तो बीडी़डीएस यानी बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड की टीमें तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगी. इसके साथ ही ड्रोन और दूसरी अनधिकृत उड़ने वाली वस्तुओं पर भी नजर रखी जाएगी. यानी सिक्योरिटी का घेरा सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसमान से आने वाले संभावित खतरे पर भी नजर रखी जाएगी.

वीवीआईपी काफिले पर हाईटेक नजर

वीवीआईपी काफिले की सिक्योरिटी के लिए हाईटेक सिस्टम का भी इस्तेमाल किया जाएगा. काफिले में शामिल वाहनों की लोकेशन और मूवमेंट पर जीपीएस के जरिए नजर रखी जाएगी. इसके अलावा सीसीटीवी सर्विलांस, टेक्निकल मॉनिटरिंग और रियल टाइम कम्युनिकेशन की व्यवस्था रहेगी. किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सिक्योरिटी अलर्ट की स्थिति में क्विक रिस्पॉन्स टीम तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहेगी. इसके साथ फायर सर्विस, एंबुलेंस और मेडिकल इमरजेंसी रिस्पॉन्स को भी अलर्ट मोड पर रखा जाएगा. किसी भी तरह की इमरजेंसी होने पर मेडिकल और फायर टीम को तुरंत मौके पर पहुंचाने की व्यवस्था रहेगी.

दिल्ली-एनसीआर से लेकर दूसरे राज्यों तक कोऑर्डिनेशन

ब्रिक्स समिट की सिक्योरिटी सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है. दिल्ली-एनसीआर के साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और चंडीगढ़ की सिक्योरिटी एजेंसियों के बीच भी कोऑर्डिनेशन बढ़ाया गया है. बॉर्डर चेकिंग से लेकर इंटेलिजेंस शेयरिंग तक सिक्योरिटी एजेंसियां आपस में लगातार संपर्क में रहेंगी. इसका मकसद दिल्ली में आने वाले प्रमुख रास्तों पर भी सिक्योरिटी को मजबूत रखना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय पर दूसरी एजेंसियों तक पहुंचाना है.

11 सितंबर को स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद

ब्रिक्स समिट को देखते हुए 11 सितंबर, शुक्रवार को दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे. इसके बाद शनिवार और रविवार का अवकाश है. इस तरह स्कूलों में लगातार तीन दिन की छुट्टी रहेगी. दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के अधीन आने वाले दफ्तरों में भी 11 सितंबर को अवकाश रहेगा. वहीं प्राइवेट दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों को ट्रैफिक दबाव को देखते हुए वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी गई है. इससे नई दिल्ली और आसपास के इलाकों में सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है.

सुरक्षा और ट्रैफिक का बड़ा ऑपरेशन

ब्रिक्स समिट के दौरान दिल्ली में एक साथ कई स्तरों पर सिक्योरिटी और ट्रैफिक ऑपरेशन चलेगा. एक तरफ करीब 7 हजार सिक्योरिटी पर्सनल भारत मंडपम, वीवीआईपी रूट, होटल और दूसरी महत्वपूर्ण जगहों की सिक्योरिटी संभालेंगे. दूसरी तरफ करीब 4,800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी वीवीआईपी काफिलों और आम लोगों के ट्रैफिक के बीच तालमेल बनाएंगे.

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