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Railway Expansion News: दिल्ली-यूपी रेल मार्ग पर ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए गाजियाबाद से मुरादाबाद के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन का निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो गया है. इसके तहत अमरोहा जनपद की तीन तहसीलों (अमरोहा, धनौरा और हसनपुर) के कुल 46 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी. परियोजना के दायरे में आने वाली इन जमीनों की खरीद-फरोख्त और धारा 80 पर रोक लगा दी गई है. रेलवे बोर्ड द्वारा जमीन का ब्योरा मांगे जाने के बाद प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है, जिससे प्रभावित किसानों को मोटा मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है.
रेलवे लाइनों का होगा एक्सपैंशन, किसानों को होगा फायदा.
Railway News: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से किसानों के लिए एक बहुत बड़ी और खुशखबरी भरी अपडेट सामने आ रही है. दिल्ली-यूपी रेल मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक और यात्री दबाव को कम करने के लिए रेलवे प्रशासन ने अब जमीन पर काम शुरू कर दिया है. इस महत्वाकांक्षी रेल विस्तार परियोजना के तहत अमरोहा जनपद के 46 गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसके बदले किसानों को मालामाल करने वाला भारी-भरकम मुआवजा मिलने की पूरी उम्मीद है. प्रशासन ने प्रभावित जमीनों पर सख्त प्रशासनिक पाबंदियां भी लगानी शुरू कर दी हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेलवे बोर्ड द्वारा गाजियाबाद-मुरादाबाद, मुरादाबाद-रोजा और रोजा-सीतापुर के मध्य कुल 402.78 किलोमीटर लंबे मार्ग पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन का निर्माण किया जाना है. इस विशाल राष्ट्रीय परियोजना के दायरे में अमरोहा जिले के कुल 46 गांवों की उपजाऊ जमीन आ रही है, जिसका अधिग्रहण सीधे रेलवे बोर्ड द्वारा किया जाएगा.
परियोजना में जिले की तीन प्रमुख तहसीलों के गांवों को शामिल किया गया है:
- अमरोहा तहसील: 27 गांव (48.1182 हेक्टेयर रकबा)
- धनौरा तहसील: 14 गांव (12.487 हेक्टेयर रकबा)
- हसनपुर तहसील: 5 गांव (10.787 हेक्टेयर रकबा)
जमीनों की खरीद-फरोख्त और धारा-80 पर लगाई गई रोक
रेलवे लाइन के इस चौड़ीकरण कार्य में किसी भी तरह की कानूनी अड़चन या हेरफेर को रोकने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. तीनों तहसीलों के उपजिलाधिकारियों (SDM) और सब-रजिस्ट्रार ने प्रोजेक्ट के संरेखण (Alignment) से प्रभावित गांवों के गाटों की जमीन के क्रय-विक्रय (खरीद-बेच), धारा-80 और किसी भी तरह के अनधिकृत निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा दी है. अब इन क्षेत्रों में कोई भी किसान जमीन की धारा-80 नहीं करवा पाएगा.
प्रशासन ने मांगा गाटों का पूरा ब्योरा
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कर्मेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि रेल लाइन चौड़ीकरण की जद में आने वाले गांवों की जमीनों की धारा-80 और खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए सभी संबंधित एसडीएम को पत्र भेजा जा चुका है. इसके साथ ही रेलवे अधिकारियों से किसानों की जमीनों का गाटा संख्या सहित पूरा ब्योरा मांगा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस किसान की कितनी जमीन इस प्रोजेक्ट में जा रही है.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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