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who is nyra sharma: दस साल और तीन महीने की नायरा शर्मा नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने वाली भारत की सबसे कम उम्र की शूटर बन गई हैं. भोपाल में आयोजित ऑल इंडिया इंटर स्कूल शूटिंग चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के दौरान उन्होंने 400 में से 363 अंक हासिल कर यह ऐतिहासिक सफलता पाई. महज तीन प्रतियोगिताओं का अनुभव रखने वाली नायरा अब दिल्ली की टॉपगन शूटिंग एकेडमी में इस साल के अंत में होने वाली नेशनल चैंपियनशिप की तैयारी करेंगी.
नायरा शर्मा ने रचा इतिहास.
नई दिल्ली. महज दस साल और तीन महीने की नायरा शर्मा ने अपनी एकाग्रता, अनुशासन और सटीक निशानेबाजी के दम पर नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर लिया है. इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही वह नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने वाली भारत की सबसे कम उम्र की शूटर बन गई हैं. नायरा की यह सफलता न केवल उनके परिवार और कोच के लिए गर्व की बात है, बल्कि देश भर के उन युवाओं के लिए भी एक मिसाल है जो खेल के क्षेत्र में बड़े सपने देखते हैं.
नायरा शर्मा (Nyra Sharma) ने भोपाल में आयोजित ऑल इंडिया इंटर स्कूल शूटिंग चैंपियनशिप में यह अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की. भोपाल के शूटिंग रेंज में अपनी बेहतरीन तकनीक और मानसिक मजबूती का प्रदर्शन करते हुए नायरा ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में 400 में से 363 का शानदार स्कोर बनाया. इस बेहतरीन स्कोर की बदौलत उन्होंने सीधे नेशनल चैंपियनशिप का टिकट अपने नाम कर लिया. इतनी कम उम्र में और इतने बड़े मंच पर ऐसा प्रदर्शन करना न केवल उनकी प्रतिभा को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि खेल में उम्र नहीं, बल्कि जज्बा और मेहनत मायने रखती है.
नायरा शर्मा ने रचा इतिहास.
महज तीन प्रतियोगिताओं में रचा इतिहास
नायरा का निशानेबाजी का यह सफर जितना शानदार है, उतना ही तेजी से आगे बढ़ा है. उन्होंने इसी साल जून के महीने में दिल्ली स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप के माध्यम से अपने प्रतिस्पर्धी करियर की शुरुआत की थी. इसके ठीक एक महीने बाद, जुलाई में उन्होंने देहरादून में आयोजित इंडिया ओपन में भाग लिया. महज कुछ ही महीनों के भीतर और अपने करियर की केवल तीसरी बड़ी प्रतियोगिता में ही उन्होंने वह कारनामा कर दिखाया जिसे हासिल करने में बड़े-बड़े एथलीटों को सालों लग जाते हैं. केवल तीन प्रतियोगिताओं के अनुभव के बाद नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करना उनकी असाधारण क्षमता को उजागर करता है.
पिता ने जताया गर्व, एकेडमी को दिया श्रेय
इस ऐतिहासिक क्षण पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए नायरा के पिता प्रशांत शर्मा (Prashant Sharma) ने भावुक होकर कहा कि एक पिता के रूप में नायरा को भारत की सबसे कम उम्र की शूटर बनकर नेशनल के लिए क्वालीफाई करते देखना उनके लिए बहुत बड़े गर्व और कृतज्ञता का पल है. उन्होंने कहा कि यह कोई रातों-रात मिली सफलता नहीं है, बल्कि यह नायरा की कड़ी मेहनत, कड़े अनुशासन और कभी न हार मानने के उसके संकल्प का परिणाम है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नायरा की इस यात्रा में टॉपगन शूटिंग एकेडमी (TOPGUN Shooting Academy) का मार्गदर्शन और निरंतर समर्थन बहुत महत्वपूर्ण रहा है, जिसने उसकी प्रतिभा को पहचाना और उसे सही दिशा दी.
नेशनल चैंपियनशिप के लिए टॉपगन एकेडमी में कड़ा अभ्यास
भोपाल में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने के बाद अब नायरा का अगला लक्ष्य इस साल के अंत में आयोजित होने वाली नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप है. इस बड़ी चुनौती के लिए उन्होंने अभी से अपनी कमर कस ली है. नायरा दिल्ली की प्रसिद्ध ‘टॉपगन शूटिंग एकेडमी’ में अपनी कोचिंग और अभ्यास जारी रखेंगी. नेशनल चैंपियनशिप में देश भर के बेहतरीन और अनुभवी निशानेबाज हिस्सा लेंगे, ऐसे में नायरा के कोच उनके तकनीक, मानसिक संतुलन और शूटिंग के समय की सटीकता को और बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. एकेडमी के मेंटर्स और कोचों का मानना है कि नायरा में एक विश्वस्तरीय एथलीट बनने की पूरी क्षमता है और वह नेशनल चैंपियनशिप में भी अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित करेंगी.
कम उम्र में असाधारण एकाग्रता और मानसिक संतुलन
दस साल की उम्र में जहां बच्चे अक्सर खेल-कूद के शुरुआती पड़ाव पर होते हैं, वहीं नायरा का इतने पेशेवर और प्रतिस्पर्धी स्तर पर अपनी छाप छोड़ना वास्तव में काबिले तारीफ है. कम समय में हासिल की गई उनकी यह बढ़त दर्शाती है कि अगर सही समय पर प्रतिभा को तराशा जाए और सही दिशा में मेहनत की जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता. शूटिंग जैसे खेल में, जहां एकाग्रता और धैर्य का सबसे बड़ा योगदान होता है, नायरा की यह सफलता दर्शाती है कि उनका मानसिक संतुलन उम्र के हिसाब से काफी परिपक्व है.
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कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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