नई दिल्ली: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नकवी एक बार फिर शर्मसार हुए हैं. इस बार तो नकवी को पहले से पता भी था कि उनका बायकॉट होने वाला है, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी बेइज्जती कराने पहुंच गए. मामला महिला टी20 एशिया कप का है. भारत ने फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की, लेकिन दुर्भाग्य से वह उसे मिल नहीं पाई. हालांकि, ट्रॉफी टीम इंडिया को नहीं मिली, लेकिन दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के बड़े स्क्रीन बोर्ड पर बड़े अक्षरों में भारत के लिए लिखा था, 8 बार की चैंपियन.
ऐसा ही मामला मेंस एशिया कप 2025 में हुआ था. फाइनल मैच भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया था. इस खिताबी भिड़ंत में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से रौंदा था. मोहसिन नकवी भी एसीसी चीफ की हैसियत से स्टेडियम में मौजूद थे. उन्हें लगा कि पाकिस्तान चैंपियन बनेगा तो वह गर्व से अपनी टीम को ट्रॉफी थमाएंगे, लेकिन यह सपना ही रह गया. ऐसे में जब मैच खत्म हुआ और ट्रॉफी देने की बारी आई, तो शादी में बिन बुलाए मेहमान की तरह नकवी ट्रॉफी देने के लिए आगे आ गए.
भारतीय मेंस टीम ने किया नकवी का बायकॉट
एशिया कप 2025 के फाइनल के बाद नकवी को लगा कि वह भारतीय टीम को ट्रॉफी थमाकर रौब झाड़ेंगे, लेकिन सूर्यकुमार एंड कंपनी ने सीधे तौर पर पीसीबी चीफ का बायकॉट कर दिया था. भारतीय टीम ने साफ कह दिया कि वह नकवी से ट्रॉफी नहीं लेगी, लेकिन नकवी भी अपनी जिद पर अड़ गए. पीसीबी चीफ ने ठान लिया कि वही अपने हाथ से ट्रॉफी थमाएंगे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि टीम इंडिया के लिए ट्रॉफी से कहीं ज्यादा देश की आन, बान और शान मायने रखती है.
मोहसिन नकवी मायूस होकर काफी देर तक इंतजार करते रहे. क्रिकेट इतिहास में इस तरह की शायद यह पहली घटना थी. काफी देर इंतजार के बाद नकवी ने वापस लौटने का फैसला किया. नकवी के लौटने के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने बिना ट्रॉफी के ही पोडियम पर चढ़कर जीत का जश्न मनाया.
ट्रॉफी को होटल लेकर चले गए थे नकवी
क्रिकेट के मैदान पर शर्मसार होने के बाद उन्होंने तब हद कर दी, जब वह अधिकारियों के साथ ट्रॉफी को होटल लेकर चले गए. इसके बाद ही सोशल मीडिया पर उन्हें ‘ट्रॉफी चोर’ कहा जाने लगा. हालांकि, बाद में ट्रॉफी को एशियन क्रिकेट काउंसिल के ऑफिस में रखवा दिया गया था, लेकिन उसे होटल ले जाने के कारण नकवी की खूब आलोचना हुई थी.
हद तो तब हो गई, जब नकवी ने यह घोषणा की कि अगर भारतीय टीम को ट्रॉफी चाहिए, तो उसे उनकी शर्तों पर ले जाना होगा, लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने साफ कह दिया कि वह ट्रॉफी अपने पास ही रखे, पर पाकिस्तान क्रिकेट की एक भी शर्त नहीं मानी जाएगी. हालांकि, उस घटना के 350 दिनों के बाद महिला टी20 एशिया कप में हुए विवाद के बाद नकवी को ट्रॉफी साथ ले जाते हुए नहीं देखा गया.
