Last Updated:
cricket sachin record: क्रिकेट इतिहास का एक ऐसा अनोखा पन्ना है जिसे खुद सचिन तेंदुलकर ने अपनी आत्मकथा ‘प्लेइंग इट माई वे’ में स्वीकार किया है. मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में जब सचिन ने अनजाने में ही सही, लेकिन पहली बार पाकिस्तानी जर्सी पहनकर मैदान संभाला था.
1989 में डेब्यू मैच से पहले 1987 में सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तान के लिए की थी फील्डंग
नई दिल्ली. क्रिकेट इतिहास में जब भी कभी बेदाग करियर की बात होगी, बिना मुंह से बोले गेंदबाजों को जवाब देने की बात होगी और 25 साल के लंबे करियर की बैत होगी जिसमें हर कलर की जर्सी में सिर्फ रिकॉर्ड ही बना तो नाम अपने आ जुबान पर आ जाएगा और वो होगा मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का. वैसे तो हर कोई जानता है कि 1989 में लिटिल जीनियस का डेब्यू हुआ पर बहुत कम लोग जानते है कि 2 साल पहले वो पाकिस्तान के लिए अंतर्राष्ट्रीय मैच में मैदन पर उतर चुके थे.
यह कोई कोरी कल्पना या अफवाह नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास का एक ऐसा अनोखा पन्ना है जिसे खुद सचिन तेंदुलकर ने अपनी आत्मकथा ‘प्लेइंग इट माई वे’ में स्वीकार किया है. मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में जब सचिन ने अनजाने में ही सही, लेकिन पहली बार पाकिस्तानी जर्सी पहनकर मैदान संभाला था.
सीसीआई की स्वर्ण जयंती और वो ऐतिहासिक दिन
यह बात साल 1987 की है. क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया अपनी स्वर्ण जयंती मना रहा था. इस मौके पर भारत और पाकिस्तान के बीच मुंबई के ऐतिहासिक ब्रेबोर्न स्टेडियम में एक 25-25 ओवर का एग्जीबिशन मैच खेला जा रहा था. पाकिस्तान की टीम उस समय भारत के दौरे पर थी और स्टार ऑलराउंडर इमरान खान पाकिस्तानी टीम के कप्तान थे. सचिन तेंदुलकर उस समय महज 13-14 साल के एक उभरते हुए खिलाड़ी थे, जो मुंबई के क्रिकेट गलियारों में रन मशीन के रूप में अपनी पहचान बना रहे थे. इस मैच के दौरान वह स्टेडियम में मौजूद थे और उन्हें सीसीआई की तरफ से अतिरिक्त खिलाड़ी (सबस्टीट्यूट) के तौर पर रिजर्व में रखा गया था.
जब इमरान खान ने सचिन को बुलाया मैदान पर
चूंकि यह एक दोस्ताना और प्रदर्शनी मैच था, इसलिए नियमों में काफी ढील थी. मैच के दौरान लंच ब्रेक के बाद पाकिस्तान के दो प्रमुख खिलाड़ी जावेद मियांदाद और अब्दुल कादिर आराम करने के लिए मैदान से बाहर चले गए. अचानक मैदान पर फील्डर्स की कमी हो गई तब पाकिस्तानी कप्तान इमरान खान ने तब सीसीआई के अधिकारियों से फील्डिंग के लिए कुछ खिलाड़ियों को भेजने को कहा. वहां मौजूद सचिन तेंदुलकर को जैसे ही इशारा मिला, उन्होंने बिना वक्त गंवाए पाकिस्तानी टीम की अभ्यास जर्सी पहनी और मैदान पर दौड़ पड़े.
बाउंड्री पर खड़े सचिन और इमरान खान की वो डांट
सचिन तेंदुलकर को इमरान खान ने लॉन्ग-ऑन और मिड-ऑन की बाउंड्री पर फील्डिंग के लिए तैनात किया. सचिन ने मैदान पर उतरते ही पूरी शिद्दत के साथ फील्डिंग करना शुरू कर दिया. मैच के दौरान एक ऐसा पल भी आया जब कपिल देव ने हवा में एक शॉट खेला सचिन बाउंड्री से दौड़ते हुए कैच पकड़ने के लिए आगे बढ़े, लेकिन गेंद उनसे काफी दूर गिर गई. सचिन ने अपनी किताब में लिखा है कि अगर उन्हें थोड़ा और आगे तैनात किया गया होता, तो शायद वह कपिल देव का वह कैच पकड़ लेते. हालांकि, उस समय इमरान खान ने सचिन को बाउंड्री पर ही रहने की हिदायत दी थी. कुछ ही ओवरों के बाद पाकिस्तान के मूल फील्डर वापस आ गए और सचिन का यह अनोखा सफर समाप्त हो गया.
आधिकारिक डेब्यू से दो साल पहले की झलक
इस घटना के ठीक दो साल बाद, 15 नवंबर 1989 को सचिन तेंदुलकर ने कराची में पाकिस्तान के ही खिलाफ अपना आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू किया. नियति का खेल देखिए कि जिस देश के खिलाफ उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की और वसीम अकरम व वकार यूनिस जैसे गेंदबाजों की खौफनाक गेंदों का सामना किया, उसी देश के लिए उन्होंने अपनी जिंदगी का पहला बड़ा मैदान संभाला था.
यह घटना आज भी क्रिकेट प्रेमियों को रोमांचित करती है. यह इस बात का सबूत है कि खेल हमेशा सीमाओं और दुश्मनी से परे होता है।सचिन तेंदुलकर का पाकिस्तान के लिए फील्डिंग करना खेल भावना का एक अनूठा उदाहरण है। हालांकि यह एक अनौपचारिक मैच था, लेकिन इसने क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा किस्सा दर्ज कर दिया जो सदियों तक याद रखा जाएगा।
About the Author
राजीव मिश्रा, खेल पत्रकारिता में एक जाना पहचाना चेहरा है जो अपनी बेबाक विशलेषण के लिए जाने जाते है. वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स …
और पढ़ें
