बेटी की पढ़ाई से इमरजेंसी खर्च तक… महिलाएं हर महीने बचाएं सिर्फ ₹500-1000,मुश्किल समय में बनेगा सबसे बड़ा सहारा

दिल्ली: घर संभालने वाली महिलाएं अक्सर परिवार की जरूरतों और खर्चों के बीच अपनी छोटी-छोटी इच्छाओं को पीछे कर देती हैं, लेकिन अगर यही महिलाएं घर के खर्च से थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाकर उसे सही जगह निवेश करें, तो समय के साथ यही छोटी बचत परिवार के लिए एक बड़ी आर्थिक ताकत बन सकती है.

शॉपिंग के बजट से निकालें छोटी सी बचत

इकोनॉमिस्ट आकाश जिंदल बताते हैं कि अक्सर घर की महिलाएं शॉपिंग, घर के सामान या रोजमर्रा के खर्चों के लिए 3 हजार या 5 हजार रुपये तक निकालती हैं. ऐसे में अगर पूरे पैसे खर्च करने के बजाय उसमें से कुछ रकम अलग रखी जाए और नियमित तौर पर बचाई जाए, तो धीरे-धीरे एक अच्छी रकम तैयार हो सकती है.
इस पैसे को सिर्फ बचाकर रखने के बजाय सही जगह निवेश करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. लंबे समय तक किया गया निवेश और उस पर मिलने वाला रिटर्न समय के साथ रकम को बढ़ाने में मदद करता है.

मुश्किल वक्त में यही बचत बनती है सहारा

मान लीजिए किसी परिवार में पति की आमदनी 35 से 40 हजार रुपये महीने है और ज्यादातर पैसा घर के खर्चों में ही चला जाता है. ऐसे में अचानक कोई बड़ी जरूरत सामने आ जाए, तो परिवार के लिए अतिरिक्त रकम जुटाना मुश्किल हो सकता है, लेकिन अगर घर की महिला ने सालों से थोड़ी-थोड़ी रकम अलग करके रखी है. वही पैसा उस मुश्किल समय में बहुत काम आ सकता है. यह रकम सिर्फ बचत नहीं रहती, बल्कि परिवार के लिए एक Financial Cushion बन जाती है.

बेटी की पढ़ाई में काम आ सकती है वर्षों की बचत

आकाश जिंदल कहते हैं कि इसे एक उदाहरण से समझिए. अचानक बेटी का इंजीनियरिंग कालेज में एडमिशन हो जाता है और उसकी फीस करीब 5 लाख रुपये है. परिवार की नियमित आमदनी से इतनी बड़ी रकम एक साथ निकालना आसान नहीं होगा. ऐसे समय में अगर मां ने वर्षों से छोटी-छोटी रकम बचाकर और निवेश करके रखी है. वहीं, पैसा बेटी की पढ़ाई के काम आ सकता है. यानी जो रकम कभी 500 या 1000 रुपये से शुरू हुई थी. वह समय के साथ इतनी बड़ी बन सकती है कि बेटी की एजुकेशन जैसी बड़ी जरूरत पूरी करने में मदद कर सके.

छोटी बचत की असली ताकत है समय

इसी को पावर ऑफ कंपाउंडिंगसे भी समझा जा सकता है. जब निवेश पर मिलने वाला रिटर्न दोबारा निवेश होता रहता है, तो समय के साथ रकम बढ़ने की रफ्तार भी बढ़ सकती है.इसलिए महिलाओं के लिए जरूरी नहीं कि शुरुआत में बहुत बड़ी रकम ही निवेश की जाए. असली बात है कि जितना संभव हो, उतना नियमित रूप से बचाया जाए और लंबे समय तक उसे बढ़ने का मौका दिया जाए.

महिलाओं की अपनी बचत, परिवार की मजबूत ताकत

घर की जिम्मेदारियां संभालने वाली महिलाओं की अपनी Financial Cushion सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए सुरक्षा बन सकती है. बेटी की पढ़ाई हो, अचानक कोई बड़ा खर्च आ जाए या परिवार को किसी मुश्किल समय से गुजरना पड़े सालों से की गई छोटी-छोटी बचत उस वक्त बहुत बड़ी मदद साबित हो सकती है. इकोनॉमिस्ट आकाश जिंदल बोले इसलिए घर के खर्च में से थोड़ी रकम बचाने की आदत को सिर्फ छोटी बचत न समझें. सही तरीके से की गई नियमित बचत और निवेश आने वाले समय में परिवार के लिए बड़ी आर्थिक ताकत बन सकता है.

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