छठ पर कैसे जाएंगे बिहार, ट्रेन की सारी टिकट बुक, दिल्ली-पटना फ्लाइट का किराया पहुंचा 22,000 पार

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छठ पर बिहार जाने वाले परदेशियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. ट्रेनों में अभी से वेटिंग लिस्ट लंबी है. स्पेशल ट्रेनों और तत्काल में भी टिकट मिलना नामुमकिन लग रहा है. वहीं दिल्ली से पटना का फ्लाइट किराया ₹22,000 के पार पहुंच गया है. ऐसे में घर पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है.

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छठ पर्व को लेकर रेलवे स्टेशनों पर भीड़(सांकेतिक फोटो)

पटना/नई दिल्लीः बिहार में छठ पूजा को आस्था का महापर्व माना जाता है. ऐसे में पढ़ाई या रोजगार के लिए बाहर रह रहे लोग भी पर्व में घर जरूर पहुंचते हैं. लेकिन ट्रेनों में अभी से बुकिंग फुल दिखा रहा है. कई स्पेशल ट्रेनों की भी घोषणा की गई है. लेकिन वहां भी कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल लग रहा है. ऐसे में लोगों के पास फ्लाइट का ऑप्शन बच जाता है. दिल्ली से बिहार आने के लिए कई फ्लाइट मौजूद हैं. लेकिन यहां भी टिकट के लिए कम मारामारी नहीं है. छठ से पहले आने के लिए दिल्ली से पटना के फ्लाइट का किराया अभी से 22,000 रुपये तक पहुंच चुका है.

कब है छठ पर्व? जानें महत्वपूर्ण तिथियां
इस साल छठ महापर्व 13 नवंबर 2026 से 16 नवंबर 2026 तक मनाया जाएगा.

  • नहाय-खाय (पहला दिन): 13 नवंबर 2026, शुक्रवार
  • खरना / लोहंडा (दूसरा दिन): 14 नवंबर 2026, शनिवार
  • संध्या अर्घ्य (तीसरा दिन – मुख्य पूजा): 15 नवंबर 2026, रविवार
  • उषा अर्घ्य व पारण (चौथा दिन): 16 नवंबर 2026, सोमवार

छठ से पहले दिल्ली-पटना फ्लाइट का किराया

  • 10 नवंबरः दिल्ली से पटना की फ्लाइट का किराया 8,500 रुपये से लेकर 15,800 रुपये तक है.
  • 11 नवंबरः दिल्ली से पटना की फ्लाइट का किराया 8,900 रुपये से लेकर 22,200 रुपये तक है.
11 नवंबर को 22,200 रुपये तक किराया
  • 12 नवंबरः दिल्ली से पटना की फ्लाइट का किराया 9,600 रुपये से लेकर 22,200 रुपये तक है.
  • 13 नवंबरः दिल्ली से पटना की फ्लाइट का किराया 9,700 रुपये से लेकर 13,700 रुपये तक है.
  • 14 नवंबरः दिल्ली से पटना की फ्लाइट का किराया 6,700 रुपये से लेकर 22,200 रुपये तक है.

ट्रेन में तत्काल टिकट पर भी आफत
हालांकि पर्व नजदीक आने पर रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद है. लेकिन उस समय बुकिंग और भी कठिन हो जाती है. घोषणा के बाद स्पेशल ट्रेनों में तुरंत टिकट मिल जाएगी, ऐसे कोई गारंटी नहीं रहती. तत्काल टिकट मिलना भी आसान नहीं होता है. उस स्थिति में घर पहुंचना और मुश्किल भरा हो सकता है. लंबे सफर में लोग कंफर्म टिकट चाहते हैं. खास कर परिवार और बच्चों के साथ यात्रा करना बड़ी चुनौती होती है. क्योंकि पर्व के दौरान ट्रेनों में बैठना तो दूर, खड़ा रहना भी आसान नहीं रहता है.

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Prashun Singh

प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.

इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…

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