नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) को छोड़ बीजेपी में शामिल हुई राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने मंगलवार को उन लोगों को जवाब दिया, जो उन्हें ‘गद्दार’ कह रहे हैं. स्वाति ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखी है. इसमें उन्होंने अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी पर तीखा प्रहार किया है. उन्होंने कहा, “जो लोग पूछते हैं कि मैंने AAP क्यों छोड़ी, कहते हैं मैंने ‘गद्दारी’ कर दी. मैं आज उनसे दिल की बात करना चाहती हूं. मैंने 2006 में अरविंद केजरीवाल की संस्था से जुड़कर सामाजिक संघर्ष का रास्ता चुना था. झुग्गियों में रही, RTI की लड़ाई लड़ी, छोटे-छोटे गांवों, बाढ़ग्रस्त इलाकों में जाकर लोगों के लिए काम किया. अन्ना आंदोलन की सबसे युवा कोर कमिटी सदस्य बनी. उसके बाद पार्टी से लेकर दिल्ली महिला आयोग तक हर जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई. सड़कों पर उतरी, लाठियां खाई, अनशन किए, महिलाओं के लिए लड़ाई लड़ी. मेरे वर्षों के संघर्ष को देखकर पार्टी ने मुझे राज्यसभा भेजा. एक दशक बाद पहली बार कोई महिला AAP से संसद पहुंची थी. मुझे लगा था कि अब महिलाओं की आवाज़ संसद में रख पाऊंगी.”
मालीवाल ने आगे लिखा, “लेकिन संसद पहुंचने के कुछ ही महीनों बाद मेरी ज़िंदगी की सबसे दर्दनाक घटना हुई. अरविंद केजरीवाल के घर में मुझे उनके PA ने बुरी तरह पीटा, अपमानित किया. मेरी आत्मा तक घायल हो गई. मैंने तय किया कि मैं डरूंगी नहीं, लडूंगी. खुद पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर माना कि मेरे साथ अभद्रता और हिंसा हुई. लेकिन सिर्फ 24 घंटे बाद वही लोग उस आरोपी को साथ लेकर घूम रहे थे. एक महिला का दर्द छोटा पड़ गया, सत्ता बड़ी हो गई. मेरे खिलाफ पूरी मशीनरी लगा दी गई, मुझे बदनाम किया गया, आरोपी को बचाया गया. आज मुझे पीटने वाला वो PA पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान जी का मुख्य सलाहकार है, बंगला-गाड़ी-Z+ Security के साथ पूरे पंजाब पर राज कर रहा है. बेहिसाब भ्रष्टाचार फैला हुआ है… ये है ग़द्दारी जो पंजाब के साथ की गई…”
राज्यसभा सांसद ने कहा, “अगर कोई गद्दार है, तो मैं नहीं. गद्दार वो हैं जिन्होंने एक महिला को पीटा, उसका सम्मान छीना और फिर उसी पर सवाल उठाए. गद्दार वो हैं जिन्होंने पंजाब की जनता का भरोसा तोड़ा, कट्टर ईमानदारी के नाम पर भ्रष्टाचार की दुकान खोली. गद्दार वो हैं जिन्होंने आंदोलन की आत्मा बेच दी. संसद में मेरी 95% अटेंडेंस रही, लेकिन उसके बावजूद मुझे संसद में बोलने के लिए AAP ने अपने आवंटित समय में से एक सेकंड का वक्त मुझे नहीं दिया. क्या महिलाओं की आवाज़ संसद में नहीं उठनी चाहिए थी? आपने दिल्ली की आवाज़ को संसद में उठने से रोका. फिर भी जब भी मौक़ा मिला, मैंने जनता के मुद्दे मज़बूती से उठाए. संसद में लगभग सभी सांसदों ने मेरा हौसला बढ़ाया. उन्होंने मुझे टूटने नहीं दिया. मैं उनका आभार मानती हूं.”
स्वाति मालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी तारीफ की. उन्होंने लिखा, “पीएम मोदी ने देश के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए हैं. धारा 370 हटाकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया, सर्जिकल स्ट्राइक्स और आतंक के खिलाफ कड़े कदमों से दुश्मनों को जवाब दिया, ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों से भारत की शक्ति दिखाई, तीन तलाक खत्म कर करोड़ों मुस्लिम बहनों को न्याय दिया, महिला आरक्षण बिल लाकर राजनीति में महिलाओं के लिए नया अध्याय शुरू किया, रिकॉर्ड रफ्तार से हाइवे, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया, गरीबों के लिए घर, शौचालय, बिजली, पानी और जनकल्याण योजनाओं को घर-घर पहुंचाया.”
मालीवाल ने कहा, “अमित शाह के रूप में देश को एक दृढ़ और निर्णायक गृह मंत्री मिले हैं. उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया, नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार किया, आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, सीमाओं और राज्यों में कानून व्यवस्था को मजबूत किया और देश को सुरक्षित बनाया.” आखिर में उन्होंने बीजेपी का धन्यवाद किया और वादा किया कि वह पूरी मेहनत, ईमानदारी और निष्ठा से देश सेवा करेंगी. स्वाति मालीवाल ने लिखा, मैं टूटी नहीं हूं. मैं झुकी नहीं हूं. ये मेरी ज़िंदगी के चैप्टर 1 का अंत था… दूसरे चैप्टर में आप मुझे और भी अधिक मेहनत और हिम्मत से देश के लिए काम करते देखेंगे. जय हिन्द.”
