How to Boost Stamina: स्टैमिना क्या है. अधिकांश लोग इसके बारे में गलत चीज दिमाग में लगा लेते हैं. इसे ऐसे समझिए. आपका स्टैमिना आपके घर की बैटरी की तरह है. बैटरी जब तक चार्ज रहती है तब तक उससे चलने वाली चीजें रफ्तार के साथ चलती है लेकिन जैसे ही बैटरी डाउन होती है वह चीज धुक-धुक करने लगती है. हमारा स्टैमिना भी इसी तरह से काम करता है. स्टैमिना हमारे शरीर के अंदर की रिजर्व ताकत है जो मेहनत वाले काम के समय हमें बिना थके एनर्जी देती है. जब हमारे पास स्टैमिना की कमी रहती है तो हम थोड़ी सी मेहनत वाले काम में भी थक जाते हैं. इतना ही नहीं अगर हमारे पास कम स्टैमिना होगा तो इसका सीधा असर हार्ट पर पड़ेगा. इसलिए स्टैमिना को बूस्ट कर रखना बहुत जरूरी है. लेकिन सिर्फ हेल्दी चीजें खाने-पीने से स्टैमिना नहीं बढ़ती है. यहां हम ऐसे 5 क्विक टिप्स बता रहे हैं जिनके माध्यम से आपका स्टैमिना तेजी से बूस्ट होगा.
लो स्टैमिना से हार्ट खून को पंप नहीं कर पाता
फोर्टिस अस्पताल, नई दिल्ली में कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. नित्यानंद त्रिपाठी बताते हैं कि हार्ट के लिए गतिहीन जीवनशैली बड़ा विलेन है. जब व्यक्ति का शरीर हिलता-डुलता नहीं है. वह हमेशा बैठा हुआ रहेगा. कोई शारीरिक काम नहीं करेगा. कभी भी एक्सरसाइज नहीं करेगा तो उसका स्टैमिना कम हो जाएगा. स्टैमिना कम होने का सीधा असर हार्ट पर पड़ेगा. जब आप सांस लेते हैं, तो लंग्स हवा में से ऑक्सीजन खींचते हैं. उस ऑक्सीजन को खून के जरिए शरीर के हर हिस्से, मांसपेशियों और दिमाग तक पहुंचाने का काम हार्ट करता है. इसे एक पावर बैंक या कार के इंजन की तरह समझ सकते हैं. मान लीजिए आप आराम कर रहे हैं, इस समय आपकी गाड़ी 20 की स्पीड से चल रही है.तो आपके दिल को कम मेहनत करना पड़ेगा लेकिन जैसे ही आप दौड़ लगाएंगे, अचानक सीढ़िया चढ़ेंगे आपको 80 से 100 तक की स्पीड पकड़नी होगी. इस समय आपके हार्ट को 4-5 गुना ज्यादा मेहनत करने की जरूरत होगी. 20 की स्पीड और 100 की स्पीड के बीच जो अंतर है, वही रिजर्व है जिसे स्टैमिना कहते हैं. अगर आपकी स्टैमिना सही है तो आसानी से बिना थके आप दौड़ लगा सकते हैं. अगर स्टैमिना कमजोर है जो जल्दी ही आप थक जाएंगे, सांसें फूलने लगेगा और चक्कर भी आने लगेगा. यह स्टैमिना खाने-पीने से नहीं बल्कि एक्सरसाइज से बढ़ती है. जब आप एक्सरसाइज करते हैं, तो आपकी मांसपेशियां और रक्त कोशिकाएं ऑक्सीजन को सोखने में ज्यादा सक्षम हो जाती हैं. सुस्त रहने से फेफड़े भले ही सांस खींच लें लेकिन दिल उस ऑक्सीजन को तेजी से पंप नहीं कर पाता और न ही मांसपेशियां उसे सही से इस्तेमाल कर पाती हैं.
लो स्टैमिना कैसे हार्ट को नुकसान पहुंचाता है
सुस्त जीवनशैली के कारण जब स्टैमिना गिरता है. इससे खून को पंप करने के लिए हार्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. ठीक वैसे ही जैसे पुराने इंजन की कार को चढ़ाई पर चढ़ने में दिक्कत होती है. इससे हार्ट तेजी से धड़कने लगता है जिससे हार्ट पर प्रेशर पड़ता है और हार्ट धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है. एक्सरसाइज नहीं करने से ब्लड वैसल्स लचीली न होकर सख्त होने लगती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है जो हार्ट की दीवालों को नुकसान पहुचाता है. दिल में पंपिंग रिजर्व खत्म होने से दिल ऑक्सीजन की बढ़ी हुई मांग को पूरा नहीं कर पाता, जिससे सीने में दर्द या सांस फूलने की समस्या तुरंत शुरू हो जाती है.लो स्टैमिना और सेडेंटरी लाइफ का सीधा संबंध शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स और डायबिटीज से है. ये सभी एक साथ मिलकर धमनियों में ब्लॉकेज पैदा करते हैं. लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहने से हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
स्टैमिना बढ़ाने के 5 आसान नुस्खे
कार्डियो और एरोबिक एक्सरसाइज करें –डॉ. नित्यानंद त्रिपाठी बताते हैं कि स्टैमिना बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी एक्सरसाइज है. इसके लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करनी जरूरी है. इस बात का ध्यान रखें कि अचानक कोई हार्ड एक्सरसाइज न करें. धीरे-धीरे स्पीड और पेस को बढ़ाएं. स्टैमिना बढ़ाने के लिए कार्डियो और एरोबिक एक्सरसाइज सबसे बेहतर होगा. दौड़ना, तैराकी, साइकिल चलाना या तेज पैदल चलना हार्ट और लंग्स के फंक्शन को बढ़ाता है. नियमित कार्डियो वर्कआउट से शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई सुधरती है और हार्ट की पंपिंग क्षमता मजबूत होती है, जिससे स्टैमिना तेजी से बढ़ता है.
कंसिस्टेंसी रखें- एक्सरसाइज में कंसिस्टेंसी रखनी जरूरी है. अगर एक दिन एक्सरसाइज कर लिए और फिर 10 दिनों के बाद किए या एक महीना कर लिए और फिर 5 महीनों के बाद किए तो इससे स्टैमिना नहीं बढ़ती. इसलिए रोजाना अपनी शारीरिक क्षमता को थोड़ा-थोड़ा बढ़ाएं. उदाहरण के लिए अगर आज आप 10 मिनट दौड़ते हैं, तो अगले सप्ताह इसे 12-15 मिनट करें. धीरे-धीरे तीव्रता और समय बढ़ाने से शरीर और दिल मजबूत होते हैं और स्टैमिना बढ़ता है.
संतुलित डाइट- शरीर को लंबे समय तक ऊर्जावान बनाए रखने के लिए कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट जैसे ओट्स, दलिया, प्रोटीन में अंडे, दालें और हरी सब्जियां खाएं. यह आहार शरीर में ग्लाइकोजन का स्तर बनाए रखता है, जो वर्कआउट के दौरान रिजर्व एनर्जी का काम करता है.
पर्याप्त पानी पिएं-शरीर में पानी की थोड़ी सी भी कमी से थकावट महसूस होने लगती है और दिल को खून पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. दिनभर पर्याप्त पानी, नारियल पानी या नींबू पानी पिएं ताकि इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस और एनर्जी लेवल बना रहे.
7-8 घंटे की गहरी नींद लें-स्टैमिना केवल वर्कआउट से नहीं, बल्कि सही रिकवरी से बनता है. सोते समय शरीर मांसपेशियों की मरम्मत करता है और ऊर्जा को रीचार्ज करता है. नींद पूरी न होने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ता है, जो स्टैमिना घटाता है.
