Health tips: बार-बार चक्कर और कमजोरी को न करें नजर अंदाज, एक्सपर्ट से जानिए इसके पीछ की वजह

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Causes of Fatigue in Women: लगातार थकान, चक्कर और कमजोरी को सिर्फ व्यस्त दिनचर्या का असर मानकर नजर अंदाज नहीं करना चाहिए. महिलाओं में आयरन की कमी, एनीमिया, थायरॉइड, ब्लड शुगर में बदलाव, विटामिन B12 और D की कमी या हार्मोनल बदलाव इसकी वजह हो सकते हैं. पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग होने पर आयरन की कमी का खतरा बढ़ सकता है. बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट लेने के बजाय लक्षणों के आधार पर जरूरी जांच और मेडिकल सलाह लेना बेहतर है.

नई दिल्ली: दिनभर काम करने के बाद थकान होना आम बात है. लेकिन अगर बिना ज्यादा काम किए भी आपको लगातार थकान, चक्कर या कमजोरी महसूस होती है, तो इसे सिर्फ काम की थकावट समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. खासकर महिलाओं में इसके पीछे शरीर से जुड़ी कई वजहें हो सकती हैं. तो आइए जानते हैं महिलाओं को होने वाली थकान के कारण.

थायरॉइड तक हो सकती है वजह
डॉक्टर पूजा, आयुर्वेदिक फिजिशियन, ने बताया कि लगातार थकान और कमजोरी के पीछे आयरन की कमी या एनीमिया एक आम वजह हो सकती है. इसके अलावा थायरॉइड में बदलाव, ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव, विटामिन B12 या विटामिन D की कमी और हार्मोनल बदलाव भी शरीर पर असर डाल सकते हैं. ऐसे में अगर थकान लगातार बनी हुई है, तो इसके पीछे की वजह जानना जरूरी है.

पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग हो तो ध्यान दें
डॉक्टर पूजा कहती हैं कि महिलाओं को खासतौर पर अपने पीरियड्स से जुड़े बदलावों पर ध्यान देना चाहिए. अगर पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होती है और इसके साथ लगातार कमजोरी, चक्कर या थकान रहती है, तो इसे सामान्य मानकर टालना ठीक नहीं है. ज्यादा ब्लीडिंग की स्थिति में शरीर में आयरन की कमी होने का खतरा बढ़ सकता है.

बिना सलाह के सप्लीमेंट लेना पड़ सकता है भारी
अक्सर कमजोरी महसूस होने पर लोग अपनी तरफ से आयरन, विटामिन B12, विटामिन D या दूसरे सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं. लेकिन हर व्यक्ति में कमजोरी की वजह एक जैसी नहीं होती. इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा या सप्लीमेंट शुरू करने से बचना चाहिए.

डॉक्टर की सलाह के बाद ही कराएं जरूरी टेस्ट
अगर थकान लंबे समय से बनी हुई है या इसके साथ चक्कर, कमजोरी और पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग जैसी समस्या भी है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. डॉक्टर आपके लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री को समझने के बाद जरूरत के हिसाब से कुछ टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं. इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि शरीर में किस चीज की कमी या किस तरह का बदलाव परेशानी की वजह बन रहा है. इसलिए अगर शरीर लगातार थकान या कमजोरी का संकेत दे रहा है, तो उसे सिर्फ व्यस्त दिनचर्या का असर मानकर नजर अंदाज न करें. सही वजह जानने के लिए समय पर मेडिकल सलाह लेना ज्यादा जरूरी है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…

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