नोएडा-दिल्ली के जी का जंजाल, हाइवे से अचानक सर्विस रोड में बदल जाती है ये सड़क, फ‍िर लगता है भयंकर जाम

Delhi-Noida DND Expressway Traffic News: वैसे तो नोएडा और दिल्ली के बीच कोई खास दूरी नहीं है. दोनों शहर एक दूसरे से सटे हुए हैं और सड़कों से ऐसे कनेक्टेड हैं कि एक शहर से निकलकर कब दूसरे में पहुंच जाते हैं, बहुत सारे लोगों को इसका पता ही नहीं चल पाता है, लेकिन फिर भी दोनों शहरों को जोड़ने वाली एक सड़क है जो नोएडा-दिल्ली के जी का जंजाल बन गई है. हाइवे जितनी चौड़ी ये सड़क अचानक सर्विस रोड में बदल जाती है और संकरी हो जाती है, बस यहीं से लोगों की मुसीबत शुरू हो जाती है.

नोएडा-दिल्ली एक्सप्रेसवे का ये दो किलोमीटर का स्ट्रैच रोजाना लोगों के लिए आफत बन जाता है और भयंकर जाम का कारण बन जाता है. अचानक छह लेन लेन में सिमटने वाले इस रोड के चलते महामाया फ्लाईओवर से डीएनडी फ्लाईवे की ओर निकलने वाले इस हिस्से पर सुबह-शाम लंबी कतारें लग जाती हैं. वैसे तो रोजाना ही यहां ट्रैफिक स्लो होता है और जाम लगता है लेकिन कभी-कभी यह जाम कई किलोमीटर तक फैल जाता है. जबकि बारिश के दिनों में तो यहां परेशानियों का पहाड़ टूट पड़ता है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक खासकर नोएडा से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों के लिए यह सबसे खराब स्थिति होती है. फिल्म सिटी फ्लाईओवर से लेकर सेक्टर 126 में एमिटी यूनिवर्सिटी तक करीब चार किलोमीटर लंबी कतार रोजाना लगना यहां आम बात हो गई है. नोएडा ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, इस स्ट्रेच से रोजाना करीब 4.50 लाख वाहन गुजरते हैं. चिल्ला बॉर्डर पर करीब 3.50 लाख और डीएनडी बॉर्डर पर 4 लाख वाहनों का आंकड़ा है. जबकि एक्सप्रेसवे मूल रूप से महज 1.50 लाख वाहनों के लिए बनाया गया था. ऐसे में वाहनों का भारी दबाव भी यहां की समस्या का एक मूल कारण है.

सेक्टर 150, 128, 132, 110, 108, 105, 135 और 134 जैसे आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्रों के विस्तार के कारण इस इलाके में वाहनों का दबाव और ज्यादा बढ़ गया है. ज्यादातर हिस्से में चार लेन वाली सड़क और दोनों तरफ सर्विस रोड के कारण आवागमन सुचारू रहता है. सेक्टर 37 और कालिंदी कुंज का ट्रैफिक मिलने के बाद सड़क छह लेन तक चौड़ी हो जाती है, लेकिन फिर अचानक सड़क संकरी होती जाती है.

राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल के गेट नंबर 2 के पास छह लेन चार में और थोड़ी दूर फिल्म सिटी फ्लाईओवर के पास तीन में ही सिमट जाती है. उसी बिंदु पर सेक्टर 62-18 एलिवेटेड रोड से तीन लेन का अतिरिक्त ट्रैफिक भी आकर मिल जाता है. नतीजा यह होता है कि यहां वाहनों का रेला पहुंच जाता है और निकलने को जगह ही नहीं बचती है.

इसके लिए ट्रैफिक पुलिस अतिरिक्त जवान तैनात करती है और स्टॉप-एंड-गो तरीके से वाहनों को नियंत्रित करने की कोशिश करती है. फिल्म सिटी फ्लाईओवर पर बैरिकेडिंग से दो लेन ब्लॉक रहती हैं. दलित प्रेरणा स्थल के टिकट काउंटर के पास अवैध पार्किंग और ड्राइवरों की खराब लेन डिसिप्लिन समस्या को और बढ़ा देती है. फरवरी 2025 से लेन उल्लंघन पर चालान भी काटे जा रहे हैं, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के आगे यह उपाय सीमित हैं.

निकाला गया हल लेकिन…
इस समस्या का कई बार समाधान खोजने की कोशिशें भी की गई हैं. जून 2025 में नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर 95 से डीएनडी तक 600 मीटर लंबी सड़क बनाने का प्रस्ताव रखा था लेकिन वन विभाग की अनापत्ति न मिलने के कारण योजना रद्द कर दी गई. विशेषज्ञों का कहना है कि अब सिर्फ चिल्ला एलिवेटेड रोड ही राहत दे सकती है. 893 करोड़ रुपये की लागत वाली यह छह लेन की परियोजना साल 2019 में शुरू हुई थी, लेकिन गैस पाइपलाइन और कोविड जैसे कारणों से रुकी रही. वर्तमान में 47 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और नया लक्ष्य जुलाई 2027 रखा गया है. इसके पूरा होने के बाद इस रोड पर ट्रैफिक का भार कुछ कम हो सकता है.

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