नई दिल्ली: दिल्ली का मिरांडा हाउस तो आपने देखा ही होगा और इसके बारे में सुना भी बहुत होगा. हर साल यहां पर एडमिशन के लिए मारामारी होती है. यह गर्ल्स कॉलेज है, लेकिन इसका इतिहास बहुत दिलचस्प है. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से लेकर शोभना नारायण जैसी प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना ने यहां से पढ़ाई की हैं और पूरे देश में नाम कमाया है. यही नहीं, मिनिषा लांबा अभिनेत्री तक ने यहीं से निकल कर बॉलीवुड में नाम कमाया है. इन नामों के अलावा मीरां नायर जिन्होंने हॉलीवुड तक पहचान बनाई और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार तक ने मिरांडा हाउस से ही पढ़ाई की है और ऐसे ही कई तमाम नाम मिरांडा हाउस की लिस्ट में दर्ज है.
आप इस कॉलेज का इतिहास नहीं जानते होंगे, जो कि बहुत दिलचस्प है. आपको बता दें कि लाल ईटों की शैली में बनाया गया मिरांडा हाउस सबसे पहले गर्ल्स हॉस्टल के रूप में विकसित हो रहा था. 1948 में मिरांडा हाउस की स्थापना महिलाओं और लड़कियों को उच्च शिक्षा देने के लिए और विज्ञान के क्षेत्र से जोड़ने के लिए इसकी शुरुआत हुई थी. शुरुआत में सिर्फ 122 छात्राएं ही थी और अब यहां पर सीट के लिए मारामारी होती है.
इस वजह से नाम रखा गया है मिरांडा हाउस
आपको बात दें कि मिरांडा हाउस कॉलेज के नाम के पीछे भी कई वजह हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति सर मॉरिस ग्वायर ने 1948 में इसका नाम मिरांडा हाउस रखा था. कहते हैं कि उनकी बेटी का नाम मिरांडा था. इस वजह से इस कॉलेज का नाम उन्होंने मिरांडा रख दिया था.
वहीं, कुछ कॉलेज के ही प्रोफ़ेसर मानते हैं कि शेक्सपियर के नाटक The Tempest की मिरांडा ग्वायर को लगा कि नाटक की मिरांडा युवा छात्राओं के लिए एक आदर्श चरित्र का उदाहरण हो सकती है. तब इसका नाम मिरांडा रखा गया था. कॉलेज के इतिहास में यही वजह आधिकारिक तौर पर विशेष रूप से दर्ज है. इस कॉलेज की खासियत यह है कि यहां की पूर्व छात्राओं ने राजनीति, इतिहास, साहित्य, फिल्म, कला, नृत्य, अर्थशास्त्र, सामाजिक कार्य और मीडिया जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है.
आंगन और गलियों से भरा हुआ है पूरा मिरांडा हाउस
मिरांडा हाउस को डिजाइन जिसने किया था, उनका नाम वास्तुकार वाल्टर जॉर्ज है. मिरांडा हाउस पहले यह सिर्फ गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाना था, तो उसी हिसाब से इसका डिजाइन किया गया था. पूरे मिरांडा हाउस में आपको गलियां मिलेंगी. आंगन मिलेंगे. ऐसा लगेगा कि जैसे आप किसी हॉस्टल के अंदर आ गए हैं, लेकिन असल में यह बेहद मशहूर कॉलेज है. मिरांडा हाउस में 7 मार्च 1948 को लाइब्रेरी की स्थापना हुई थी और पहली किताब यहां पर 22 जुलाई 1948 को आई थी. यहां पर इतिहास विभाग और अर्थशास्त्र विभाग की स्थापना 1948 को ही हुई थी. जबकि बीएससी ऑनर्स की शुरुआत भी 1948 में ही हो गई थी. यहां की पहली प्रिंसिपल का नाम था वेदा ठाकुरदास था.
मिरांडा हाउस की चर्चित पूर्व छात्राएं
1– शीला दीक्षित दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री
2-ब्रिंदा करात राजनीतिज्ञ, महिला अधिकार कार्यकर्ता
3-रोमिला थापर प्रसिद्ध इतिहासकार
4-अनिता देसाई अंतरराष्ट्रीय ख्याति की लेखिका
5-सायदा हमीद लेखिका, महिला अधिकार कार्यकर्ता
6-उर्वशी बुटालिया लेखिका, प्रकाशक, महिला आंदोलन से जुड़ी हस्ती.
7-बिना अग्रवाल प्रसिद्ध अर्थशास्त्री
8-शोभना नारायण प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना
9-मीरां नायर अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्म निर्देशक
10-नंदिता दास अभिनेत्री, निर्देशक और सामाजिक कार्यकर्ता
11-अनुजा चौहान लेखिका
12-अंजोली इला मेनन प्रसिद्ध चित्रकार
छात्राएं बोली उन्हें गर्व होता है यहां आकर
समाजशास्त्र ऑनर्स 1ST ईयर की जानवी ने खास बातचीत में कहा कि मिरांडा हाउस में पढ़ने का सपना उनका शुरू से ही था. इसीलिए पूरी मेहनत से यहां पर सीट पानी की कोशिश की थी. मिरांडा हाउस सिर्फ एक कॉलेज ही नहीं, बल्कि आपके करियर को एक नई ऊंचाई और उड़ान देने वाला कॉलेज है. इसके बारे में बहुत सुना था, बहुत पढ़ा था, इसलिए सपना था यहां पर आकर पढ़ने का. जब पहली बार यहां कदम रखा तब काफी गर्व महसूस हुआ कि उस कॉलेज में पढ़ने आए हैं. जहां से कई प्रसिद्ध हस्तियां निकल चुकी है. वहीं, एक और स्टूडेंट मोहिनी ने कहा कि मिरांडा हाउस खुद में ही एक बड़ा इतिहास है और करियर को उड़ान देने वाला कॉलेज है.
