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दिल्ली के तकनीकी विश्वविद्यालयों को अब केवल किताबी पढ़ाई और बंद कमरों की रिसर्च तक सीमित नहीं रहना होगा. दिल्ली के उप-राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की 6वीं कोर्ट मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने साफ कहा कि विश्वविद्यालय दिल्ली की असली नागरिक समस्याओं का व्यावहारिक तकनीकी समाधान तलाशें.
दिल्ली के LG तरनजीत सिंह संधू ने इंजीनियरों से नागरिक समस्याओं पर काम करने को कहा. (फाइल फोटो)
दिल्ली के तकनीकी विश्वविद्यालयों को अब रिसर्च को जमीन पर उतारने और शहर की वास्तविक समस्याओं के तकनीकी समाधान तैयार करने पर फोकस करना होगा. दिल्ली के उप-राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) की 6वीं कोर्ट मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय को दिल्ली की नागरिक समस्याओं पर काम करने के निर्देश दिए.
एलजी संधू ने कहा कि NSUT स्वच्छता, ट्रैफिक मैनेजमेंट, सड़कों की स्थिति और बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करे. इसके लिए दुनिया में अपनाई जा रही बेहतरीन तकनीकों और मॉडलों का अध्ययन करने के साथ विशेषज्ञ एजेंसियों के साथ समन्वय करने को कहा गया. उन्होंने एनएसयूटी को एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, PWD और परिवहन विभाग की जरूरतों के मुताबिक तकनीकी समाधान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
AI आधारित हेल्थकेयर पर जोर
LG संधू ने कहा कि AI की पढ़ाई को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जाना चाहिए. इसके लिए वैश्विक संस्थानों और इंडस्ट्री के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया. खासतौर पर सरकारी अस्पतालों में AI आधारित हेल्थकेयर के इस्तेमाल को लेकर काम करने के निर्देश दिए गए. उन्होंने AI, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल टूल्स से जुड़े स्किल कोर्स शुरू करने और ऐसे पाठ्यक्रमों पर जोर दिया, जिससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़े.
गांवों के साथ शहरी कॉलोनियां भी गोद ले NSUT
एलजी संधू ने NSUT को अपने गोद लिए गांवों में गतिविधियां जारी रखने के निर्देश दिए. इनमें रोजगार क्षमता बढ़ाने, वित्तीय जागरूकता फैलाने और टीम स्पोर्ट्स आयोजित करने पर फोकस करने को कहा गया. इसके साथ ही विश्वविद्यालय को RWAs के सहयोग से शहरी केंद्रों और कॉलोनियों को भी गोद लेने का निर्देश दिया गया. एनसीसी और एनएसएस के छात्रों को नागरिक समस्याओं के समाधान से जोड़ने और उनके बेहतर काम को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार शुरू करने को कहा गया.
छात्रों से नियमित संवाद के निर्देश
LG ने छात्रों के साथ प्रभावी संवाद व्यवस्था बनाने को कहा. इसके तहत वाइस चांसलर, डीन और फैकल्टी को छात्रों के साथ नियमित बातचीत करने के निर्देश दिए गए. खेल और को-करिकुलर गतिविधियां नियमित कराने, छात्रों और शिक्षकों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने और खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने को भी कहा गया. LG ने कहा कि कंसल्टेंसी और रिसर्च प्रोजेक्ट समाज और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार किए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि ‘विकसित दिल्ली’ की दिशा में आगे बढ़ने के लिए रिसर्च को समाधान और इनोवेशन को वास्तविक असर में बदलना होगा.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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