Money Saving Tips: 15-20 हजार की सैलरी में भी होगी बचत, इकोनॉमिस्ट आकाश जिंदल ने बताया 50-30-20 रूल

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Savings With Low Salary: कम सैलरी में भी बचत संभव है. इकोनॉमिस्ट आकाश जिंदल के मुताबिक, सैलरी मिलते ही पहले बचत का पैसा अलग करें. इसके लिए 50-30-20 रूल भी अपना सकते हैं. जानते हैं यह कैसे काम करता है.

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दिल्ली. अगर आपकी सैलरी 15 से 20 हजार रुपये महीने है, तो जरूरी खर्चों के बीच बचत करना मुश्किल लग सकता है. लेकिन सही प्लानिंग और थोड़ी सी फाइनेंशियल डिसिप्लिन के साथ कम कमाई में भी हर महीने कुछ पैसा बचाया जा सकता है. इकोनॉमिस्ट आकाश जिंदल के मुताबिक, इसके लिए सबसे जरूरी है कि सैलरी मिलते ही पहले बचत का पैसा अलग कर दिया जाए.

सैलरी आते ही अलग करें बचत का पैसा
आकाश जिंदल बताते हैं कि अगर किसी व्यक्ति की महीने की कमाई 18 हजार रुपये है, तो उसे पहले ही तय कर लेना चाहिए कि हर महीने कितनी रकम बचानी है. उदाहरण के लिए, 18 हजार रुपये की सैलरी में 6 हजार रुपये अलग रखे जा सकते हैं और बाकी 12 हजार रुपये से महीने के जरूरी खर्च मैनेज किए जा सकते हैं.

इस तरीके से व्यक्ति के खर्च भी एक सीमा में रहते हैं और हर महीने सेविंग की आदत बनती है. एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर पहले पूरा पैसा खर्च कर दिया जाए और महीने के आखिर में बची रकम को सेव करने की कोशिश की जाए, तो अक्सर बचत नहीं हो पाती. इसलिए पहले सेविंग, फिर खर्च का नियम अपनाना ज्यादा आसान हो सकता है.

क्या है 50-30-20 का नियम
बजट बनाने के लिए 50-30-20 नियम भी अपनाया जा सकता है. इस नियम के मुताबिक आम तौर पर अपनी आय का करीब 50 फीसदी हिस्सा जरूरी खर्चों के लिए, 30 फीसदी इच्छाओं या गैर-जरूरी खर्चों के लिए और 20 फीसदी हिस्सा सेविंग या निवेश के लिए रखा जाता है.

लेकिन, 15 से 20 हजार रुपये कमाने वाले हर व्यक्ति के लिए बिल्कुल इसी अनुपात में पैसा बांटना संभव हो, यह जरूरी नहीं है. अगर खर्च ज्यादा हैं तो छोटी रकम से बचत शुरू की जा सकती है. यहां सबसे जरूरी चीज रकम से ज्यादा नियमित बचत की आदत है.

आज की छोटी बचत बनेगी कल का सहारा
हर महीने अलग की गई छोटी रकम धीरे-धीरे बड़ा फंड तैयार कर सकती है. यही पैसा भविष्य में बच्चों की पढ़ाई, शादी, घर खरीदने या किसी दूसरे बड़े आर्थिक लक्ष्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. आकाश जिंदल ने कहा कि कम कमाई में भी अगर व्यक्ति अपने खर्च और बचत को लेकर अनुशासन बनाए रखता है, तो समय के साथ उसका निवेश और फाइनेंशियल पोर्टफोलियो मजबूत हो सकता है.

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Raina Shukla

Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…

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