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MCD News: लोग अक्सर यह जानना चाहते हैं कि नगर निगम की कमाई का क्या जरिया होता है. विभिन्न शहरों में गठित निगम के पास किस तरह की जिम्मेदारी होती है. दरअसल, नगर निगम के पास ही मुख्य तौर पर संबंधित शहर के मैनेजमेंट की पूरी जिम्मेदारी होती है. कमाई का जरिया भी इसी से निकलता है.
MCD ने पार्किंग फी से अपनी झोली भर ली है.
MCD News: दिल्ली नगर निगम (MCD) के पार्किंग संचालकों पर पिछले तीन वर्षों में लाइसेंस फीस और अनुबंध संबंधी मदों में 80 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया जमा हो गया है. निगम के आधिकारिक दस्तावेजों में यह जानकारी सामने आई है. यह खुलासा गुरुवार को सिविक सेंटर में हुई स्थायी समिति की बैठक में भाजपा पार्षद एवं समिति सदस्य हेम चंद गोयल के अल्प सूचना प्रश्न के जवाब में हुआ.
निगम के अनुसार, पार्किंग संचालकों से भुगतान में लगातार दिक्कत बनी हुई है. MCD के पास करीब 109 करोड़ रुपये की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट और अग्रिम सुरक्षा राशि मौजूद होने के बावजूद कई मामलों में भुगतान नहीं किया गया. इसके चलते निगम को डिफॉल्ट नोटिस जारी करने, सुरक्षा राशि जब्त करने और कुछ अनुबंध रद्द करने जैसी कार्रवाई करनी पड़ी है.
दस्तावेजों के मुताबिक, फिलहाल विभिन्न जोन में 374 पार्किंग स्थल संचालित हैं. इनमें सिविल लाइंस, रोहिणी, करोल बाग और सिटी-एसपी जोन समेत कई क्षेत्र शामिल हैं. इनमें से 25 पार्किंग स्थलों के अनुबंध की अवधि समाप्त हो चुकी है और उन्हें दोबारा टेंडर प्रक्रिया में शामिल किया गया है. वहीं, 155 स्थलों के नवीनीकरण या पुनर्निविदा की प्रक्रिया अलग-अलग स्तरों पर लंबित है.
MCD ने पिछले तीन वित्त वर्ष के दौरान 433 सरफेस पार्किंग और 30 मल्टीलेवल या मैकेनिकल पार्किंग समेत कुल 463 पार्किंग सुविधाओं से संबंधित राजस्व का ब्योरा भी दिया. वर्ष 2023-24 में पार्किंग से 179.45 करोड़ रुपये, 2024-25 में 186.05 करोड़ रुपये और 2025-26 में 137.17 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. कुल राजस्व क्रमश: 253.93 करोड़, 275.74 करोड़ और 265.58 करोड़ रुपये रहा.
आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में कुल राजस्व 275.74 करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर पहुंचा, लेकिन अगले वित्त वर्ष में घटकर 265.58 करोड़ रुपये रह गया. वहीं पार्किंग राजस्व में 2025-26 में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई. निगम के अनुसार, अनुबंधों के हस्तांतरण और डिफॉल्ट विवादों के दौरान राजस्व संग्रह प्रभावित हुआ.
यातायात दबाव और पार्किंग की बढ़ती मांग को देखते हुए MCD ने 83 नए पार्किंग स्थल विकसित कर आवंटित करने की योजना बनाई है. इनमें से 34 स्थलों के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं, जबकि बाकी स्थलों की बोली प्रक्रिया नवंबर तक पूरी करने का लक्ष्य है. निगम ने व्यावसायिक केंद्रों और अधिक यातायात वाले कॉरिडोर की पहचान की है. निगम सभी मौजूदा और नए टेंडर किए गए पार्किंग स्थलों का भौतिक सत्यापन भी कर रहा है. साथ ही GIS आधारित डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, ताकि निगरानी मजबूत हो और अनधिकृत पार्किंग संचालन पर रोक लगाई जा सके.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…
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