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Ghaziabad No PUC No Fuel Rule: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की रोकथाम और नियमों की सख्ती को लेकर गाजियाबाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. 1 अक्टूबर से जिले के सभी ईंधन केंद्रों पर ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ की व्यवस्था प्रभावी कर दी गई है. 10 हजार रुपये के भारी-भरकम जुर्माने और दूषित हवा के खतरे को देखते हुए आम जनता भी इस फैसले के समर्थन में आगे आ रही है.
Ghaziabad No PUC No Fuel Rule: अगर आप गाजियाबाद में अपनी कार, बाइक या किसी दूसरे वाहन से सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. अब पेट्रोल पंप पर सिर्फ पैसे देकर पेट्रोल-डीजल लेना काफी नहीं होगा. वाहन में वैध PUC (Pollution Under Control) प्रमाण पत्र होना भी जरूरी है. 1 अक्टूबर से गाजियाबाद के पेट्रोल पंपों पर ‘NO PUC, NO FUEL’ नियम लागू कर दिया गया है; यानी जिस वाहन का PUC वैध नहीं होगा, उसे पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा.
पेट्रोल पंपों पर ऐप से जांच और जागरूकता
इसके लिए पेट्रोल पंपों पर जागरूकता वाले बैनर लगाए गए हैं. साथ ही पंप कर्मचारियों के मोबाइल में एक ऐप भी उपलब्ध कराया गया है. कर्मचारी वाहन का नंबर डालकर यह पता कर सकते हैं कि उसके PUC की वैधता है या नहीं. पेट्रोल पंप संचालक वैभव ने बताया कि कर्मचारियों को पहले ही ऐप की ट्रेनिंग दी जा चुकी है और करीब 15-20 दिन पहले से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई थी. सोशल मीडिया और मौखिक रूप से भी वाहन चालकों को नियम की जानकारी दी जा रही है.
नए नियम पर वाहन चालकों की प्रतिक्रिया
इस नियम को लेकर वाहन चालकों में भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. अब्दुल्ला परवेज ने इसे सरकार का सही कदम बताया. उनका कहना है कि करीब 80-100 रुपये में PUC बन जाता है, जबकि नियमों का उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये तक का चालान हो सकता है. ऐसे में वाहन चालकों को समय पर PUC बनवाकर रखना चाहिए. उनका मानना है कि इससे वाहनों की जांच होगी और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी.
भारी चालान से बचने और पर्यावरण सुधार की अपील
शिव कुमार मिश्रा ने भी नियम का समर्थन करते हुए कहा कि जब प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है तो PUC होना जरूरी है. उनका कहना है कि अगर छोटी रकम में प्रदूषण प्रमाण पत्र बन सकता है, तो भारी चालान से बचने के लिए इसे बनवाने में लोगों को लापरवाही नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए सरकार के साथ जनता को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी.
सर्दियों और दिवाली से पहले प्रदूषण पर लगाम
फराज सिद्दीकी ने कहा कि NCR में बढ़ते एयर पॉल्यूशन को देखते हुए यह नियम जरूरी था. उनका मानना है कि पेट्रोल पंप पर PUC की जांच एक तरह से लोगों को अपने वाहनों के प्रदूषण पर ध्यान देने के लिए जागरूक करेगी. सर्दियों और दिवाली के आसपास बढ़ने वाले प्रदूषण को देखते हुए उन्होंने इसे जरूरी कदम बताया.
जिम्मेदारी निभाकर सेहत सुधारने की पहल
एसडी शर्मा ने कहा कि जब लोग खुद जागरूक नहीं होते, तो नियमों के जरिए रोक लगानी पड़ती है. उनके मुताबिक PUC की जांच से पर्यावरण को फायदा होगा और अंततः इसका असर लोगों की सेहत पर भी पड़ेगा. उन्होंने कहा कि नियम का विरोध करने के बजाय लोगों को इसे समझकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए.
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Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…
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