सोशल मीडिया पर इन दिनों स्किनकेयर का एक तरीका काफी चर्चा में है, जिसे Slugging कहा जाता है. इसमें रात के स्किनकेयर रूटीन के बाद चेहरे पर पेट्रोलियम जेली की बहुत पतली परत लगाई जाती है. माना जाता है कि इससे त्वचा की नमी लॉक रहती है और सुबह चेहरा मुलायम व चमकदार नजर आ सकता है. लेकिन क्या यह तरीका हर किसी की स्किन के लिए सही है या ऑयली और पिंपल वाली त्वचा में परेशानी बढ़ा सकता है?
Slugging एक ऐसा स्किनकेयर तरीका है जिसमें रात में चेहरे पर पेट्रोलियम जेली की पतली परत लगाई जाती है. पेट्रोलियम जेली त्वचा के ऊपर एक सुरक्षात्मक परत बना देती है, जिससे त्वचा से पानी जल्दी बाहर नहीं निकलता. इसी वजह से बहुत ज्यादा रूखी और नमी की कमी वाली त्वचा को फायदा मिल सकता है. इसका मतलब यह नहीं है कि पेट्रोलियम जेली त्वचा में नई नमी पैदा करती है. यह मुख्य रूप से पहले से मौजूद नमी को त्वचा में बनाए रखने में मदद करती है. इसी वजह से Slugging के बाद स्किन कुछ समय के लिए ज्यादा मुलायम, चिकनी और चमकदार दिखाई दे सकती है.
क्या Slugging से पोर्स बंद हो जाते हैं?
यह बात पूरी तरह सही नहीं है कि Slugging करने से हर व्यक्ति के पोर्स बंद हो जाएंगे. लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि हर स्किन टाइप पर इसे आंख बंद करके इस्तेमाल किया जाए. अगर त्वचा बहुत ऑयली है या पहले से पिंपल, ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स की समस्या रहती है, तो चेहरे पर पेट्रोलियम जेली की मोटी परत लगाने से ब्रेकआउट बढ़ सकता है. अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी एक्ने-प्रोन त्वचा पर ऐसे प्रोडक्ट चुनने की सलाह देती है जिन पर “non-comedogenic” या “won’t clog pores” लिखा हो. इसलिए अगर आपकी स्किन पहले से ऑयली या एक्ने-प्रोन है, तो पूरे चेहरे पर Slugging करने के बजाय इससे बचना बेहतर हो सकता है.
किन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है?
Slugging खासतौर पर बहुत रूखी, खिंची हुई या नमी की कमी वाली त्वचा में मदद कर सकता है. ठंडे और सूखे मौसम में भी यह तरीका उपयोगी हो सकता है, क्योंकि पेट्रोलियम जेली त्वचा से पानी के नुकसान को कम करने में मदद करती है. अगर पूरे चेहरे की स्किन बहुत ज्यादा ड्राई नहीं है, तो पेट्रोलियम जेली सिर्फ सूखे हिस्सों जैसे होंठ, आंखों के आसपास की सूखी त्वचा या नाक के किनारों पर थोड़ी मात्रा में लगाई जा सकती है.
Slugging करने का सही तरीका
सबसे पहले चेहरे को किसी हल्के क्लेंजर से साफ करें. इसके बाद अपनी त्वचा के हिसाब से मॉइस्चराइजर लगाएं. जब मॉइस्चराइजर त्वचा पर अच्छी तरह बैठ जाए, तो पेट्रोलियम जेली की बहुत पतली परत लगाएं. यहां ज्यादा प्रोडक्ट लगाने की जरूरत नहीं है. चेहरे को पूरी तरह सफेद या चिपचिपी परत से ढकने के बजाय बहुत कम मात्रा इस्तेमाल करना बेहतर है. Slugging के दौरान रेटिनॉल, AHA और BHA जैसे एक्टिव प्रोडक्ट्स को पेट्रोलियम जेली के नीचे लगाने से बचना चाहिए. पेट्रोलियम जेली इन चीजों को त्वचा पर लंबे समय तक बनाए रख सकती है, जिससे कुछ लोगों में जलन या इरिटेशन हो सकता है.
सुबह क्या करें?
सुबह चेहरे को हल्के क्लेंजर से साफ कर लें, ताकि रात में लगी पेट्रोलियम जेली और त्वचा पर जमा तेल व गंदगी हट जाए. इसके बाद जरूरत के हिसाब से मॉइस्चराइजर और दिन में सनस्क्रीन लगाएं. Slugging रोज करना जरूरी नहीं है. अगर त्वचा बहुत ड्राई है तो जरूरत के अनुसार कभी-कभी किया जा सकता है. अगर इसके बाद पिंपल, लालिमा, खुजली या जलन बढ़ने लगे तो इसे बंद कर दें.
