सेक्रेटरी कोड, LOC का रास्ता, ड्रोन से डिलिवरी, कैसे एक से दूसरे देश घूमता था नशा, मास्टरमाइंड ने उगले राज

भारत सहित कई देशों के बीच होने वाले नशे के कारोबार लेकर बड़ी चीजें सामने आई हैं. वर्ल्ड के टॉप-5 ड्रग्स किंगपिन और तुर्की से डिपोर्ट होकर भारत आए मास्टरमाइंड नवप्रीत सिंह से स्पेशल सेल की पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है. नवप्रीत को कथित तौर पर करीब 1,000 करोड़ रुपये के हेरोइन केस का मास्टरमाइंड माना गया है.

पूछताछ में नार्को टेरर नेटवर्क का नया चेहरा सामने आया है. इसमें कई ऐसे खुलासे हुए हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से भी काफी चुनौतीपूर्ण हैं. आरोपी ने बताया कि नार्को टेरर के लिए कश्मीर के रास्ते लाइन ऑफ कंट्रोल यानि LOC का इस्तेमाल होता था. यह कारोबार कोड वर्ड पर काम करता था और नार्को टेरर नेटवर्क में ‘सेक्रेटरी’ कोड वर्ड का इस्तेमाल होता था.

विक्की लाहौरी ड्रग्स स्मगलिंग का नया चेहरा सामने आया.

पूछताछ में नवप्रीत ने विक्की लाहौरी नाम के शख्स का नाम लिया है. उसने बताया कि विक्की लाहौर का रहने वाला है और उसके लिंक्स पाक ISI से बताए जाते हैं. इसके अलावा पेशावर का रहने वाला मूसा भी नवप्रीत सिंह से डील कर रहा था. पूछताछ में इंटरनेशनल नारको नेटवर्क के सामने आने के बाद एजेंसियां इससे जुड़े लोगों को पकड़ने की कोशिश कर रही हैं.

स्पेशल सेल की पूछताछ में सामने आए इनपुट के मुताबिक, नवप्रीत सिंह के भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, श्रीलंका और दूसरे देशों में सक्रिय ड्रग तस्करों और ट्रैफिकर्स से संपर्क में था.

जांच में यह भी पता चला है कि भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए एक नहीं बल्कि कई अलग-अलग रूट और चैनल इस्तेमाल किए जा रहे थे.नारको नेटवर्क द्वारा कश्मीर में LOC के रास्ते होने वाले सीमा-पार व्यापार की आड़ में ड्रग्स की तस्करी का चैनल इस्तेमाल किए जाने का इनपुट सामने आया है.

पंजाब बॉर्डर पर ड्रोन से ड्रग्स की डिलीवरी

दूसरा बड़ा चैनल पाकिस्तान से पंजाब बॉर्डर पर ड्रोन के जरिए ड्रग्स की खेप पहुंचाने का बताया गया है. उसने बताया कि ड्रोन के जरिए सीमा के इस पार खेप गिराई जाती थी और इसके बाद स्थानीय नेटवर्क के जरिए उसे आगे पहुंचाने की व्यवस्था की जाती थी.

समुद्री रास्ते से भी नारकोटिक्स की तस्करी

जांच में समुद्री रास्ते के इस्तेमाल का भी इनपुट सामने आया है. आरोप है कि अफगानिस्तान से ड्रग्स को समुद्री रूट के जरिए भारत के पश्चिमी तट तक पहुंचाने की कोशिश की जाती थी. उसने बताया कि ‘सेक्रेटरी’ कोई संगठन नहीं, कोड वर्ड है, जिसके इस्तेमाल से तस्करी का काम चलता था.

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क में कोई एक संगठित ‘नारको संस्था’ नहीं बल्कि अलग-अलग ड्रग स्मगलर और इंटरनेशनल ड्रग ट्रैफिकर्स आपस में संपर्क में रहकर काम करते हैं.

विक्की लाहौरी और मूसा के नाम सामने

पूछताछ में विक्की लाहौरी का नाम ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क के एक अहम चेहरे के तौर पर सामने आने की बात कही जा रही है. वहीं पेशावर का मूसा नवप्रीत सिंह से डील करने वाले संपर्क के तौर पर सामने आया है. जांच एजेंसियां अब इन सभी संपर्कों की भूमिका, आपसी कनेक्शन और भारत में ड्रग्स की सप्लाई से इनके संबंधों की जांच कर रही हैं.

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