दिल्ली पुलिस के कैमरों ने 9 महीने में काटे 40 लाख से ज्यादा ट्रैफिक चालान, रिकवरी रेट सिर्फ 5 प्रतिशत

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दिल्ली में हर मिनट कट रहे 10 ट्रैफिक चालान, 79% लोगों ने नहीं भरा है जुर्माना

Agency:एजेंसियां

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Delhi Traffic Challan: दिल्ली में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर ऑटोमेटिक कैमरे कड़ी नजर रख रहे हैं. इस साल शुरुआती नौ महीनों में ही कैमरों ने हर मिनट 10 चालान काटे हैं. इनमें सबसे ज्यादा मामले तय स्पीड से तेज गाड़ी चलाने के हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि 2021 से अब तक करीब 79 प्रतिशत चालान का भुगतान ही नहीं हुआ है. लोग चालान कटने के बाद जुर्माना भरने में लापरवाही बरत रहे हैं.

दिल्ली में हर मिनट कट रहे 10 चालान, 79 प्रतिशत लोगों ने नहीं भरा जुर्माना. (File Photo : PTI)

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के ऑटोमेटिक कैमरे हर मिनट कम से कम 10 चालान काट रहे हैं. यह आंकड़े साल 2026 के शुरुआती नौ महीनों के हैं. इन चालान में लगभग आधे मामले ओवरस्पीडिंग से जुड़े हैं. तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने वालों पर कैमरे लगातार नजर रख रहे हैं. हालांकि चालान कटने के बाद लोग जुर्माना भरने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2021 से सितंबर 2026 के बीच करीब 79 प्रतिशत नोटिस का भुगतान नहीं किया गया. इस साल शहर में लगे 404 ट्रैफिक कैमरों ने लाखों चालान जारी किए. लेकिन इनमें से पांच प्रतिशत से भी कम पर जुर्माने की वसूली हो पाई है. लोग चालान कटने के बाद भी बेखौफ होकर सड़क पर गाड़ियां दौड़ा रहे हैं.

पिछले छह साल में 2026 के अंदर सबसे ज्यादा चालान कटने का रेट दर्ज किया गया है. इस साल 30 सितंबर तक ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर 30.8 लाख चालान काटे. वहीं ऑटोमेटिक कैमरों ने 40.6 लाख अतिरिक्त नोटिस जारी किए. इस तरह कुल चालान की संख्या करीब 71.4 लाख तक पहुंच गई. इसका सीधा मतलब है कि दिल्ली में हर मिनट औसतन 18 चालान काटे गए. यह आंकड़ा दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी को साफ दिखाता है. लोग कैमरे और पुलिस दोनों की नजर से बच नहीं पा रहे हैं.

(वीडियो : AI जेनेरेटेड)

ट्रैफिक कैमरे सबसे ज्यादा किस गलती पर काट रहे चालान?

कैमरों ने सबसे ज्यादा एक्शन उन लोगों पर लिया है जो तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं. ओवरस्पीडिंग के मामलों में कार्रवाई लगभग पूरी तरह से कैमरों पर ही निर्भर है. इसके बाद सबसे ज्यादा चालान गलत पार्किंग के लिए काटे गए. साल 2026 में अब तक गलत पार्किंग के करीब 5.5 लाख नोटिस जारी हो चुके हैं. बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वालों पर भी कैमरे सख्त रहे. साल 2021 में इसके 1.8 लाख चालान थे जो इस साल सितंबर तक 5.9 लाख हो गए.

क्या पिछले कुछ सालों में कैमरों के चालान कम हुए हैं?

आंकड़ों को देखें तो कैमरों द्वारा जारी नोटिस में पिछले कुछ सालों में कमी आई है. साल 2021 में कैमरों ने करीब 66 लाख चालान जारी किए थे. यह संख्या 2022 में घटकर 59.9 लाख और 2023 में 56.7 लाख रह गई. इसके बाद 2024 में 51.8 लाख और 2025 में 51.6 लाख चालान कटे. इस साल नौ महीने में यह आंकड़ा 40.6 लाख तक पहुंचा है. इसके बावजूद रेड लाइट पार करने वालों पर सख्ती जारी है. इस साल अब तक 1.9 लाख लोगों ने रेड लाइट जंप की है. स्टॉप-लाइन नियम तोड़ने पर भी पुलिस लगातार नोटिस भेज रही है.

शराब पीकर गाड़ी चलाने पर पुलिस बहुत सख्त है. साल 2021 में शराब पीकर गाड़ी चलाने के करीब 2800 चालान हुए थे. यह आंकड़ा 2025 में बढ़कर 25,600 तक पहुंच गया. इस साल सितंबर तक 16,900 चालान इस श्रेणी में कटे हैं. खतरनाक ड्राइविंग के लिए भी इस साल अब तक 20,700 चालान जारी हुए. वहीं सीट बेल्ट न लगाने पर इस साल 33,600 लोगों का चालान कटा. बिना पीयूसी और इंश्योरेंस के गाड़ी चलाने वालों की संख्या भी बहुत ज्यादा है. इस साल बिना पीयूसी के करीब 4.1 लाख और बिना लाइसेंस के 3.6 लाख चालान कटे.

लोग जुर्माना भरने में आखिर क्यों पीछे हट रहे हैं?

कैमरों द्वारा काटे गए चालान पर जुर्माना वसूली की कम दर बड़ी चिंता का विषय है. साल 2021 से 2026 के बीच कैमरों ने करीब 3.26 करोड़ नोटिस जारी किए. इनमें से सिर्फ 67 लाख लोगों ने अपना चालान भरा. करीब 2.59 करोड़ चालान अभी भी पेंडिंग हैं. साल 2021 में 26 प्रतिशत लोगों ने जुर्माना भरा था. साल 2026 में तो पेमेंट रेट पांच प्रतिशत से भी कम रहा है. सितंबर तक जारी 40.6 लाख नोटिस में से सिर्फ दो लाख का भुगतान हुआ. इसी बीच गंभीर उल्लंघनों पर पुलिस ने 21,800 वाहनों को जब्त भी किया है.

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दीपक वर्माDeputy News Editor

दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…

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