रामजस कॉलेज की छात्रा ने किया कमाल, सूखे फूलों से खिलाया इको-फ्रेंडली स्टार्टअप

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रामजस कॉलेज की छात्रा ने किया कमाल,सूखे फूलों से खिलाया इको-फ्रेंडली स्टार्टअप

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दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज की बी.कॉम चौथे वर्ष की छात्रा श्वेता राज ने ‘Blooming Lovely Woods’ नाम से स्टार्टअप शुरू किया है, जो सूखे फूलों से बने आकर्षक बुके तैयार करता है. इन बुके की खासियत है कि ये 4 से 5 साल तक खराब नहीं होते. ये गिफ्टिंग के लिए एक बेहतर विकल्प बन रहे हैं. श्वेता का स्टार्टअप पूरी तरह इको-फ्रेंडली है और इसमें प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाता.

नई दिल्ली: राजधानी के दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज की बी.कॉम चौथे वर्ष की छात्रा श्वेता राज ने एक ऐसा स्टार्टअप शुरू किया है, जो पारंपरिक फूलों के बाजार को नई दिशा दे रहा है. उनके ब्रांड Blooming Lovely Woods के तहत सूखे (ड्राइड) फूलों से आकर्षक बुके तैयार किए जाते हैं, जो 4 से 5 साल तक खराब नहीं होते. इस खासियत के कारण ये बुके बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं.

देशभर की सामग्री से तैयार होता है एक बुके
इस स्टार्टअप की सबसे खास बात यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाले फूल और सजावटी सामग्री भारत के अलग-अलग हिस्सों से जुटाई जाती है. सोलावुड पश्चिम बंगाल और असम से, पाइन कोन हिमालयी क्षेत्रों से, पम्पास ग्रास गंगा बेसिन से, बाजरा राजस्थान और गुजरात से तथा बेलकौप पश्चिम बंगाल से लाया जाता है. इस तरह एक बुके में देश के विभिन्न क्षेत्रों की झलक देखने को मिलती है.

इको-फ्रेंडली और कम देखभाल वाले उत्पाद
आज के समय में जहां प्लास्टिक से बने कृत्रिम फूलों का उपयोग बढ़ रहा है, वहीं श्वेता का स्टार्टअप पूरी तरह प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों पर आधारित है. इन ड्राइड फूलों को खास देखभाल की जरूरत नहीं होती और ये लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं, जिससे यह गिफ्टिंग के लिए एक बेहतर विकल्प बनते जा रहे हैं.

कारीगरों को जोड़ने और सशक्त बनाने की पहल
श्वेता का उद्देश्य सिर्फ व्यवसाय करना नहीं है, बल्कि देशभर के कारीगरों को मंच देना भी है. वह अलग-अलग राज्यों के आर्टिसन्स को अपने स्टार्टअप से जोड़कर उन्हें पहचान और बेहतर आमदनी दिलाना चाहती हैं.

बाजार में बढ़ती संभावनाएं
श्वेता के मुताबिक, ड्राइड फ्लावर इंडस्ट्री का वैश्विक बाजार करीब 1.8 बिलियन डॉलर का है, लेकिन भारत और एशिया में यह अभी शुरुआती चरण में है. ऐसे में इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की काफी संभावनाएं हैं.

भविष्य की योजनाएं और सफलता
श्वेता आगे इवेंट डेकोरेशन, कॉर्पोरेट गिफ्टिंग, वेडिंग डेकोर और होटल इंडस्ट्री में विस्तार की योजना बना रही हैं. साथ ही होम डेकोर सेक्टर में प्लास्टिक फूलों के विकल्प के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहती हैं. एक बुके तैयार करने में करीब 45 मिनट लगते हैं, जबकि फूलों को सुखाने में 3-4 सप्ताह का समय लगता है. फिलहाल उनका प्रॉफिट मार्जिन लगभग 47.3% है. हाल ही में दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के एक फेस्ट में उनका स्टॉल मात्र 3 घंटे में पूरी तरह बिक गया, जो इस स्टार्टअप की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें

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