Dhruv Rathee: इंजीनियरिंग के बाद राजनीति विज्ञान की पढ़ाई, 2 महीने में एडिट किया था पहला वीडियो

नई दिल्ली (Dhruv Rathee Educational Qualification). राजधानी दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कुछ छात्र संगठनों के 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं हैं. इसी कड़ी में भारत लौटते ही लोकप्रिय सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर और यूट्यूबर ध्रुव राठी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. इससे सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है.

राजनीति, इतिहास और समसामयिक मुद्दों पर बेबाक और फैक्ट्स-बेस्ड वीडियो के लिए मशहूर ध्रुव राठी का सफर हमेशा से चर्चा में रहा है. जर्मनी में पढ़ाई के दौरान साधारण ट्रैवल व्लॉग से अपने करियर की शुरुआत करने वाले ध्रुव राठी आज देश-विदेश के डिजिटल स्पेस में मजबूत और प्रभावशाली आवाज बन चुके हैं. हाल ही में हिरासत में लिए जाने के बाद से उनका अब तक का सफर इंटरनेट पर सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है. जानिए ध्रुव राठी कितने पढ़े-लिखे हैं.

ध्रुव राठी कौन हैं?

ध्रुव राठी का नाम आते ही दिमाग में राजनीति और समाज के कॉम्प्लेक्स मुद्दों पर बनाए गए उनके लंबे, एनिमेटेड और डेटा-बेस्ड एक्सप्लेनर वीडियो आते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनके इस मुकाम के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और बेहद दिलचस्प एजुकेशनल बैकग्राउंड छिपा हुआ है. मैकेनिकल इंजीनियरिंग से लेकर रिन्यूएबल एनर्जी, इकोनॉमिक्स और पॉलिटिकल साइंस तक की शिक्षा ने उनकी सोच और मुद्दों को परखने का नजरिया बदल दिया है.

2014 में आया था पहला वीडियो

साल 2014 में जब ध्रुव राठी ने अपना पहला वीडियो अपलोड किया था, तब उनके पास कोई बड़ी टीम या हाई-टेक स्टूडियो नहीं था. सिर्फ आईफोन 5एस और अपनी जिद के दम पर उन्होंने एडिटिंग सीखी. साल 2016 में राजनीति पर पहला वीडियो बनाकर उन्होंने अपने चैनल को नया मोड़ दिया. आज लाखों-करोड़ों लोग उनके वीडियो देखते हैं. प्रतिष्ठित ‘टाइम मैगजीन’ ध्रुव राठी को अपनी नेक्स्ट जनरेशन लीडर्स सूची में जगह दे चुकी है.

इंजीनियरिंग और राजनीति विज्ञान की पढ़ाई

ध्रुव राठी की शैक्षणिक योग्यता उन्हें आम कंटेंट क्रिएटर्स से अलग खड़ा करती है. भारत में शुरुआती पढ़ाई के बाद उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली. इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वे जर्मनी चले गए. वहां उन्होंने प्रतिष्ठित कार्ल्सरूहे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (KIT) से रिन्यूएबल एनर्जी में मास्टर डिग्री हासिल की. तकनीकी विषयों के अलावा उनकी रुचि सामाजिक विज्ञान में भी गहरी थी. उन्होंने इकोनॉमिक्स और पॉलिटिकल साइंस की भी डिग्री ली है.

ट्रैवल व्लॉगर से शुरू किया करियर

ध्रुव राठी ने 2014 में यूट्यूब चैनल शुरू किया था. जर्मनी में पढ़ाई के दौरान उन्होंने आईफोन 5एस से कुछ ट्रैवल वीडियो रिकॉर्ड किए थे. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि पहला ट्रैवल व्लॉग खुद एडिट करने में उन्हें 2 महीने से ज्यादा का समय लगा था. शुरुआत में उनका चैनल ट्रैवल और लाइफस्टाइल पर फोकस्ड था. 16 सितंबर 2016 को उन्होंने राजनीतिक व्यवस्था पर पहला कमेंट्री वीडियो अपलोड किया था. इसने उनके चैनल को नई दिशा दी और वे धीरे-धीरे देश के सबसे चर्चित डिजिटल एक्सप्लेनर्स में शुमार हो गए.

टाइम मैगजीन ने किया सम्मानित

शुरुआती 6 सालों (2020 तक) तक ध्रुव राठी ने अपने चैनल का सारा काम अकेले ही संभाला- चाहे विषयों पर रिसर्च करना हो, स्क्रिप्ट लिखना हो या वीडियो एडिटिंग. सब्सक्राइबर बेस में भारी उछाल आने पर उन्होंने प्रोफेशनल टीम तैयार की. उनकी मेहनत का ही नतीजा था कि साल 2023 में प्रतिष्ठित ‘टाइम मैगजीन’ ने उन्हें अपनी ‘नेक्स्ट जनरेशन लीडर्स’ की लिस्ट में जगह दी. मैगजीन ने हिंदी में बनाए जाने वाले उनके फैक्ट-चेक और ट्रेंडिंग विषयों पर आधारित वीडियो की जमकर सराहना की थी.

जंतर-मंतर के प्रदर्शन और हिरासत की हलचल

10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन की योजना ने पुलिस प्रशासन को अलर्ट कर दिया था. कानून-व्यवस्था बनाए रखने और एहतियाती कदमों के तहत भारत लौटे सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर ध्रुव राठी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इस घटना के बाद से उनके समर्थकों और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *