नई दिल्ली: अमूमन सर्दियों के आगाज के साथ सुनाई देने वाला GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) का शोर इस बार तपती अप्रैल में सुनाई दे रहा है. दिल्ली-एनसीआर की हवा में जहर घुलने की शुरुआत हो चुकी है जिसके चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से GRAP का स्टेज-I लागू कर दिया है. 16 अप्रैल 2026 को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 226 दर्ज किया गया, जिसने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं.
बेमौसम प्रदूषण की क्या है वजह?
आमतौर पर GRAP अक्टूबर या नवंबर में लागू होता है जब पराली का धुआं और कम तापमान प्रदूषण को जमीन के करीब रोक लेते हैं. लेकिन अप्रैल में ग्रैप-1 का लागू होना चौंकाने वाला है. इसके पीछे मुख्य रूप से तीन कारण माने जा रहे हैं:
1. धूल भरी आंधियां और शुष्क मौसम: अप्रैल के महीने में चलने वाली तेज और शुष्क हवाएं सड़क की धूल और निर्माण स्थलों से उड़ने वाले धूल कणों को हवा में फैला देती हैं.
2. तापमान में बढ़ोतरी: बढ़ती गर्मी की वजह से स्थानीय स्तर पर प्रदूषकों का फैलाव तेजी से हो रहा है, जिससे हवा ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है.
3. निर्माण कार्यों की अधिकता: दिल्ली-एनसीआर में चल रहे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से निकलने वाला धूल-धुआं भी इस बेमौसम प्रदूषण का बड़ा कारक है.
क्या है GRAP-1 और अब क्या बदल जाएगा?
GRAP-1 लागू होने का मतलब है कि अब दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. इसके तहत मुख्य पाबंदियां इस प्रकार हैं:
· निर्माण स्थलों पर सख्ती: 500 वर्ग मीटर से बड़े उन निर्माण स्थलों पर काम रोकना होगा जो धूल नियंत्रण नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं.
· मैकेनाइज्ड स्वीपिंग और वाटर स्प्रिंकलिंग: सड़कों पर धूल न उड़े, इसके लिए मशीनों से सफाई और पानी का छिड़काव बढ़ाया जाएगा.
· एंटी-डस्ट गन का इस्तेमाल: सभी हॉटस्पॉट्स और बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स पर एंटी-डस्ट गन चलाना अनिवार्य होगा.
· कचरा जलाने पर रोक: खुले में कूड़ा जलाने पर सख्त पाबंदी होगी और भारी जुर्माना वसूला जाएगा.
· डीजल जनरेटर पर नजर: अनावश्यक रूप से डीजल जनरेटर चलाने पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी.
नागरिकों के लिए सलाह
CAQM ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है. नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी गाड़ियों के टायर में हवा का दबाव सही रखें और रेड लाइट पर इंजन बंद करें. साथ ही, कचरा न जलाएं और निर्माण कार्य करते समय धूल रोकने के लिए तिरपाल का उपयोग करें.
सवाल-जवाब
क्या अप्रैल में प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है?
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक हवा की गति धीमी रहने और मौसम शुष्क रहने की संभावना है. यदि धूल नियंत्रण के उपाय सख्ती से लागू नहीं किए गए, तो AQI 300 (बेहद खराब श्रेणी) के पार भी जा सकता है.
क्या GRAP-2 भी लागू हो सकता है?
फिलहाल CAQM स्थिति की समीक्षा कर रहा है. यदि AQI लगातार 300 के ऊपर बना रहता है, तो आयोग स्टेज-II लागू करने पर विचार कर सकता है, जिसमें होटल और रेस्तरां में कोयले व लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक जैसे कड़े कदम शामिल होंगे.
