CJP के बाद अब राहुल गांधी दिखाएंगे दम! सोमवार को दिल्ली में विपक्षी नेताओं का जुटान, कल पुलिस क्या करेगी?

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Rahul Gandhi Monday March: 10 अक्टूबर के भारी तनाव और पुलिस बंदोबस्त के बाद अब दिल्ली की राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर चरम पर है. कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने दावा किया है कि सोमवार 12 अक्टूबर को दिल्ली एक ऐसा ऐतिहासिक प्रदर्शन देखेगी जो पहले कभी नहीं हुआ. उधर, बीजेपी के ‘छात्रों की गूंज’ और राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार के बीच दिल्ली पुलिस ने राजधानी की सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं.

डीएमके ने निशाना साधा. (Twitter/ TN DIPR)

नई दिल्ली. दिल्ली की राजनीति में हलचल थमने का नाम नहीं ले रही है. पिछले शनिवार और रविवार को जहां कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के चलते दिल्ली में जगह-जगह नाकेबंदी और भारी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली, वहीं अब सोमवार को कांग्रेस पार्टी की वजह से राजधानी का सियासी पारा फिर चढ़ने वाला है. कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिया गया था और कई प्रशासनिक पाबंदियां भी लगाई गई थीं. अब इसके बाद, इंडिया गठबंधन ने सोमवार 12 अक्टूबर 2026 को एक बड़े राष्ट्रव्यापी विरोध मार्च का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा है कि, ‘कल दिल्ली एक ऐसा विरोध प्रदर्शन देखेगी, जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा होगा.’ उनके इस बयान के बाद दिल्ली पुलिस ने इस बड़े प्रदर्शन से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है. आइए जानते हैं सोमवार का दिन दिल्लीवालों के कितना अहम रहने वाला है.

सोमवार को कांग्रेस और पूरा इंडिया गठबंधन देश के युवाओं और नागरिकों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेगा. विपक्षी नेता और सांसद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और हालिया चुनावी विवादों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेंगे. राहुल गांधी ने भी देश भर के युवाओं से आह्वान किया है कि वे इस तानाशाही और दमन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते रहें.

दिल्ली में सोमवार को क्या होगा? 

इस पर बीजेपी ने तंज कसा है. चेन्नई में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयानों पर बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बड़ा हमला बोला था. अब जेबी माथर ने कहा कि बीजेपी आज ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां उसे खुद समझ नहीं आ रहा कि इस गंभीर राजनीतिक और संवैधानिक संकट से कैसे निपटा जाए. सरकार जनता के सवालों से डरकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस के भारी पहरे, बैरिकेडिंग और छात्रों पर सख्ती के बावजूद देश के युवा और विपक्षी दल लोकतंत्र, संविधान और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए पीछे हटने वाले नहीं हैं.

12 अक्टूबर के प्रदर्शन की रणनीति

विपक्ष के इस ऐलान के बाद दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी को एक बार फिर हाई अलर्ट पर रख दिया है. संसद भवन, जंतर-मंतर, सुप्रीम कोर्ट और राजघाट के आसपास के इलाकों में अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया गया है. बॉर्डर और मेट्रो पर कड़ी नजर रखी जा रही है. दिल्ली की सीमाओं और प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर पुलिस की विशेष चेकिंग टीमें तैनात कर दी गई हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या अचानक होने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सके.

पुलिस प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति के राजधानी की शांति व्यवस्था भंग करने या वीवीआईपी जोन में मार्च करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा. एक तरफ जहां विपक्षी दल इसे ‘संविधान और लोकतंत्र बचाने की आखिरी लड़ाई’ बता रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष इसे ‘अराजकता फैलाने की साजिश’ करार दे रहा है. कल 12 अक्टूबर होने वाले इस महाप्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली एक बार फिर राजनीतिक संग्राम और पुलिसिया किलेबंदी का गवाह बनने जा रही है.

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रविशंकर सिंहChief Reporter

Ravishankar Singh: Digital Journalist
Ravishankar Singh is a senior Hindi journalist with around 21 years of experience across television, digital media, investigative journalism and political…

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