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Chocolate Mitha Recipe : पहाड़ की मिठाइयों का जिक्र होने पर क्या आप भी बाल मिठाई के बारे में सोचने लगते हैं. अब ऐसा नहीं होगा. आज हम आपको एक ऐसी मिठाई के बारे में बताएंगे, जो बाल मिठाई से कम नहीं है. बात हो रही है चॉकलेट मिठाई की. बागेश्वर के मिठाई व्यापारी नरेंद्र राणा लोकल 18 से बताते हैं कि कुमाऊं की चॉकलेट मिठाई खोये से बनाई जाती है. पकने के दौरान इसका रंग धीरे-धीरे गहरा भूरा होने लगता है. चॉकलेट मिठाई उन लोगों के लिए एक और विकल्प है, जो पहाड़ के पारंपरिक स्वाद में कुछ अलग तलाश रहे हैं.
बागेश्वर. उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की पहचान यहां की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और खानपान से है. यहां की मिठाइयों का स्वाद भी लोगों को खूब पसंद आता है. अब तक पहाड़ की मिठाइयों का जिक्र होने पर ज्यादातर लोगों के मन में बाल मिठाई का नाम आता था, लेकिन चॉकलेट मिठाई भी अपनी अलग पहचान रखती है. गहरे भूरे रंग और खोये से तैयार होने वाली इस मिठाई को देखने पर चॉकलेट जैसा अहसास होता है. अगर आपका मन दानेदार बाल मिठाई खाने का नहीं है, तो कुमाऊं की इस पारंपरिक मिठाई का स्वाद चख सकते हैं. बागेश्वर के मिठाई व्यापारी नरेंद्र राणा लोकल 18 से बताते हैं कि कुमाऊं की चॉकलेट मिठाई मुख्य रूप से खोये यानी मावे से बनाई जाती है. इसे तैयार करने के लिए मावे को धीमी आंच पर लगातार पकाया जाता है. पकने के दौरान इसका रंग धीरे-धीरे गहरा भूरा होने लगता है. इसी प्रक्रिया से मिठाई को अलग स्वाद और चॉकलेट जैसा रंग मिलता है.
साथ ले जाना नहीं भूलते
नरेंद्र राणा कहते हैं कि बाल मिठाई के ऊपर लगी छोटी-छोटी सफेद चीनी की गोलियां इसे दानेदार बनाती हैं. चॉकलेट मिठाई का रंग गहरा भूरा होता है. दोनों मिठाइयां खोये से बनाई जाती हैं, लेकिन इन्हें बनाने की प्रक्रिया और बाहरी बनावट अलग है. उत्तराखंड से बाहर रहने वाले लोग जब अपने घर आते हैं, तो पहाड़ के स्वाद को अपने साथ ले जाना नहीं भूलते हैं. चॉकलेट मिठाई को भी लोग खरीदकर साथ ले जाते हैं. हालांकि, मिठाई को लंबी दूरी तक ले जाने से पहले उसकी पैकिंग और सुरक्षित रखने के निर्देशों का ध्यान रखना जरूरी है. यह कितने दिन तक ताजा रहेगी, यह बनाने की विधि, सामग्री, पैकिंग और तापमान पर निर्भर करता है. इसलिए तीन से चार दिन तक सुरक्षित रहने की बात की पुष्टि संबंधित दुकानदार से कर लें.
कहां मिलेगी
अगर आप बागेश्वर में चॉकलेट मिठाई का स्वाद चखना चाहते हैं, तो बस स्टेशन रोड पर आना होगा. यहां चॉकलेट मिठाई की कीमत 440 रुपये प्रति किलो मिल जाएगी. पहाड़ की पारंपरिक मिठाइयां यहां के खानपान और स्थानीय संस्कृति का अहम हिस्सा हैं. ऐसे में बाल मिठाई के अलावा कुमाऊं की चॉकलेट मिठाई भी उन लोगों के लिए खास विकल्प है, जो पहाड़ के पारंपरिक स्वाद में कुछ अलग तलाश रहे हैं.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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