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6 indian cricketer 1 odi match: बदकिस्मत खिलाड़ियों की फेहरिस्त पर नजर डाले तो पंकज धरमानी, फैज फजल, परवेज रसूल, डोडो गणेश, पकंज सिंह के साथ महान भगवत चंद्रशेखर का नाम नजर आएगा जो भारत के लिए सिर्फ 1 वनडे मैच खेल पाए. कोई अर्धशतक लगाकर टीम से बाहर हो गया तो किसी का करियर सिर्फ 8 गेंदों में खत्म हो गया.
6 भारतीय क्रिकेटर जिनका डेब्यू मैच में हो गया करियर खत्म
नई दिल्ली. घरेलू क्रिकेट में सालों की मेहनत के बाद अगर किसी खिलाड़ी को देश के लिए खेलने का मौका मिले और उसका सफर पहले ही मैच के बाद खत्म हो जाए तो उसे किस्मत की मार कहेंगे ये इंटरनेशनल क्रिकेट और डोमेस्टिक के बीच का बड़ा फासला. कई बल्लेबाज ऐसे आए भारतीय टीम में ऐसे आए जो घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगा चुके थे कुछ ऐसे गेंदबाज भी आए जिन्होंने डोमेस्टिक स्तर पर कमाल का प्रदर्शन किया पर उन सभी का सफर भारतीय टीम के साथ सिर्फ एक मैच का रहा.
बदकिस्मत खिलाड़ियों की फेहरिस्त पर नजर डाले तो पंकज धरमानी, फैज फजल, परवेज रसूल, डोडा गणेश, पंकज सिंह के साथ महान भगवत चंद्रशेखर का नाम नजर आएगा जो भारत के लिए सिर्फ 1 वनडे मैच खेल पाए. कोई अर्धशतक लगाकर टीम से बाहर हो गया तो किसी का करियर सिर्फ 8 गेंदों में खत्म हो गया.
पंकज धरमानी
पंजाब के लिए घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बाद पंकज धरमानी को टाइटन कप में खेलने का मौका मिला. 1996 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डेब्यू करने का मौका मिला. साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 249 रन बनाए और उस समय ये टारगेट आसान नहीं हुआ करते थे. पंकज जब क्रीज पर उतरे तो एलन डॉनल्ड और फैनी डिविलियर्स की गेंद आग उगल रही थी. पंकज सिर्फ 8 गेंद खेलकर 8 रन बना पाए और पैट सिमकॉक्स का शिकार हो गए. टीम इंडिया मैच हार गई और बलि चढ़ गई धरमानी की वो दोबारा नीली जर्सी नहीं पहन पाए.
डोडा गणेश और पंकज सिंह
1997 में जिम्बाब्वे दौरे पर डोडा गणेश बतौर तेज गेंदबाज गए और हरारे के मैदान पर डेब्यू हुआ. मैच में उन्होंने 5 ओवर में 20 रन देकर ग्रांट फ्लावर का विकेट लिया. सभी को लगा कि वो आगे और मैच खेलेंगे पर उनको दोबारा भारत के लिए वनडे खेलने का मौका नहीं मिला. कुछ ऐसी ही कहानी राजस्थान के 6 फुच 5 इंच लंबे पंकज सिंह की है. घरेलू क्रिकेट में 400 से ज्यादा विकेट लेने के बाद जब पंकज सिंह जिम्बाब्वे ट्राई सीरीज खेले गए तो श्रीलंका के खिलाफ उनका डेब्यू हुआ. 7 ओवर में पंकज ने 47 रन दिए और कोई विकेट नहीं मिला और वो उनके करियर का अंतिम वनडे मैच बन गया.
परवेज रसूल- भगवत चंद्रशेखर
जम्मू कश्मीर के परवेज रसूल को सुरेश रैना की कप्तानी में मीरपुर के मैदान पर खेलने का मौका मिला. रसूल ने 10 ओवर में 60 रन देकर 2 विकेट लिया. भारत मैच तो जीत गया टीम बस मैदान से होटल चली गई पर रसूल स्टॉप पर दूसरा मैच खेलने के इंतजार में खड़े ही रह गए. टेस्ट क्रिकेट में 242 विकेट लेने वाले लेग स्पिनर भगवत चंद्रशेखर का हाल भी कुछ ऐसे ही रहा. 1976 में न्यूजीलैंड के क्रास्टचर्च मैदान पर चंद्रशेखर ने वनडे का डेब्यू किया. 35 ओवर के मैच में लेग स्पिनर ने 7 ओवर 36 रन देकर 3 विकेट लिया. इसके बावजूद वो कभी दोबारा वनडे मैच नहीं खेल पाए.
फैज फजल
विदर्भ के बाएं हाथ के ओपनर फैज फजल शायद इन सभी में सबसे अनलकी क्रिकेटर रहे. 2016 में जिम्बाब्वे के खिलाफ फैज को महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में डेब्यू करने का मौका मिला. 124 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए फैज फजल ने 61 गेंदो पर नाबाद 55 रन बनाए और भारत ने मैच 10 विकेट से जीत लिया. मैच खत्म होने के बाद फैंस को लगा कि एक भरोसेमंद ओपनर मिला गया. पर अगले दौरे पर उनका नाम टीम से गायब हो गया. और उनका करियर हमेशा के लिए खत्म हो गया.
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राजीव मिश्रा, खेल पत्रकारिता में एक जाना पहचाना चेहरा है जो अपनी बेबाक विशलेषण के लिए जाने जाते है. वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स …
