एशियन गेम्स 2026: 6 पदकों के साथ भारत 12वें नंबर पर, शूटिंग में मेडल की बरसात के बाद भी गोल्ड का इंतजार

नई दिल्ली. एशियन गेम्स 2026 में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीतने का इंतजार जारी है. हालांकि, भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 पदक देश की झोली में डाल दिए हैं. भारत चार रजत और दो कांस्य पदक के साथ ओवरऑल पदक तालिका में 12वें स्थान पर मौजूद है. पहले दिन की ही तरह दूसरे दिन भी शूटिंग रेंज भारतीय दल के लिए सबसे ज्यादा खुशियां लेकर आई. पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष पाटिल ने देश के लिए जलवा दिखाया. हिमांशु ढिल्लों ने बेहतरीन एकाग्रता और सटीक निशानों के बल पर रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया, जबकि रुद्रांक्ष पाटिल ने दबाव के क्षणों में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) पर कब्जा जमाया.

स्पर्धा का स्वर्ण पदक चीन के ओलंपिक चैंपियन शेंग लिहाओ के नाम रहा. शेंग लिहाओ ने 254.2 अंकों का स्कोर बनाकर अपना एशियन गेम्स का खिताब सफलता पूर्वक डिफेंड किया. वहीं भारत के हिमांशु ढिल्लों दूसरे स्थान पर रहे, जबकि रुद्रांक्ष पाटिल ने 230.9 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया.

एशियन गेम्स में भारत मेडल टैली में इस समय 12वें नंबर पर है.

व्यक्तिगत सफलता के अलावा, टीम स्पर्धा में भी भारतीय निशानेबाजों का दबदबा देखने को मिला. हिमांशु ढिल्लों, रुद्रांक्ष पाटिल और पार्थ माने की तिकड़ी ने एकजुट होकर बेहतरीन प्रदर्शन किया और पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा का रजत पदक अपने नाम किया. प्रतियोगिता के पहले दिन एलावेनिल वालारिवन और उनकी साथियों द्वारा जीते गए दो रजत पदकों के बाद, शूटिंग रेंज में भारत के पदकों की कुल संख्या अब पांच हो गई है, जिसमें चार रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं.

MMA में सुचिका तरियाल का ऐतिहासिक कांस्य
दिन का चौथा और सबसे ऐतिहासिक पदक मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) से आया, जहां सुचिका तरियाल ने एशियन गेम्स के इतिहास में MMA में भारत को पहला पदक दिलाकर एक नया अध्याय लिखा. हालांकि, इस ऐतिहासिक कांस्य पदक के साथ एक बेहद भावुक और दर्दनाक मोड़ भी जुड़ा रहा.

वजन के नियम से टूटा सपना, फाइनल में पहुंचीं टीओ
सुचिका तरियाल का सेमीफाइनल मुकाबला सिंगापुर की हुई हून टीओ के खिलाफ खेला गया था. यह मुकाबला बेहद कड़ा रहा और तय समय तक दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला बराबरी (ड्रॉ) पर समाप्त हुआ. लेकिन प्रतियोगिता के कड़े नियमों के कारण परिणाम भारत के पक्ष में नहीं गया. सुबह के वजन सत्र के दौरान सुचिका का वजन अपनी प्रतिद्वंद्वी से लगभग 700 ग्राम अधिक पाया गया था. प्रतियोगिता के नियमानुसार, यदि कोई मुकाबला टाई पर छूटता है, तो सुबह के वजन में हल्की रहने वाली एथलीट को विजेता घोषित कर फाइनल में भेजा जाता है. इस नियम के चलते सिंगापुर की टीओ ने फाइनल में प्रवेश किया और भारतीय सुचिका तरियाल को कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा.

चीन का जलवा कायम, तैराकी में टूटे रिकॉर्ड
दूसरी ओर, एशियन गेम्स में चीन का एकतरफा दबदबा विभिन्न खेल परिसरों में लगातार देखने को मिला. तैराकी में चीन की 13 वर्षीय बाल सनसनी यू ज़िदी ने लगातार दूसरे दिन अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता. उन्होंने महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले स्पर्धा में एशियन गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाते हुए पहला स्थान हासिल किया. तैराकी के ही पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में चीन के डोंग झिहाओ ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि उनके ही हमवतन क़िन हियांग को कांस्य पदक मिला.

शीर्ष पर चीन का कब्जा, जापान और कोरिया भी रेस में आगे
दूसरे दिन के खेल खत्म होने तक चीन 23 स्वर्ण, 10 रजत और 5 कांस्य पदक मिलाकर कुल 38 पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर मजबूती से बना हुआ है. मेजबान जापान 8 स्वर्ण, 12 रजत और 12 कांस्य के साथ कुल 32 पदक लेकर दूसरे स्थान पर है. दक्षिण कोरिया 5 स्वर्ण, 3 रजत और 15 कांस्य पदक (कुल 23 पदक) के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है.

अन्य देशों की स्थिति
पदक तालिका में इसके बाद कजाकिस्तान 4 स्वर्ण, 1 रजत और 3 कांस्य सहित 8 पदकों के साथ चौथे और थाईलैंड 3 स्वर्ण तथा 1 रजत सहित 4 पदकों के साथ पांचवें स्थान पर है. हांगकांग (चीन) 2 स्वर्ण, 3 रजत और 3 कांस्य पदक (कुल 8) के साथ छठे स्थान पर है, जबकि चीनी ताइपे 1 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य (कुल 6 पदक) लेकर सातवें स्थान पर मौजूद है. मकाऊ (चीन) 1 स्वर्ण और 3 रजत (कुल 4 पदक) के साथ आठवें स्थान पर है.

म्यांमार, उज्बेकिस्तान और कुवैत का प्रदर्शन
म्यांमार और उज्बेकिस्तान दोनों ही देश 1 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य (कुल 3-3 पदक) के साथ संयुक्त रूप से नौवें स्थान पर हैं. वहीं कुवैत 1 स्वर्ण और 2 कांस्य (कुल 3 पदक) के साथ 11वें स्थान पर बना हुआ है. भारत शून्य स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य के साथ कुल 6 पदक जीतकर तालिका में 12वें स्थान पर है.

गोल्ड मेडल की तलाश में भारतीय एथलीट
भारत के लिए छह पदकों की शुरुआत भले ही मजबूत रही हो, लेकिन स्वर्ण पदक का न मिल पाना अब भी सबसे बड़ी कमी बनी हुई है. आने वाले दिनों में कई बड़ी स्पर्धाएं बाकी हैं, ऐसे में भारतीय फैंस की निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या भारतीय एथलीट अपने रजत पदकों के सिलसिले को स्वर्ण पदक में बदल पाएंगे या नहीं.

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