नई दिल्ली: फ्री, फ्री, फ्री… जहां पर यह लिखा होता है या कोई चिल्ला रहा होता है. वहां पर आपको भीड़ जरूर नजर आएगी. फ्री का आइटम आज महंगाई के जमाने में कौन खरीदना नहीं चाहता है. इसी मार्केटिंग ट्रिक को अपनाया दिल्ली में रावण बनाने वाले एक कारीगर ने, जिनके इस मार्केटिंग आइडिया को अपनाते ही उनकी 50,000 की बुकिंग हो गई.
यह सुनकर आप भी चौंक गए होंगे, लेकिन आपको सुनकर और भी ज्यादा हैरानी तब होगी, जब आपको पता चलेगा कि यह कारीगर बिल्कुल भी पढ़े लिखे नहीं हैं, लेकिन इंटरनेट पर बदलता हुआ दौर और मार्केटिंग के जरिए लाखों कमाने वालों को देख रहे हैं. देख रहे हैं कि कैसे लोग अपने बिजनेस की मार्केटिंग कर रहे हैं. यहीं से इन्होंने सोचा कि दिल्ली एनसीआर में अब प्रदूषण बढ़ रहा है. ऐसे में रावण कैसे बेचें, तब उन्होंने एक अनोखा मार्केटिंग आइडिया खोज लिया, जिस वजह से बड़ी से बड़ी कार रोककर लोग रावण खरीद रहे हैं.
पहला आइडिया हो गया था फेल
बीते 50 सालों से दिल्ली के सबसे बड़े रावण मार्केट जिसे टैगोर गार्डन कहते हैं. वहां पर पूरण रावण बना रहे हैं, लेकिन दिल्ली एनसीआर में बीते 4 सालों से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है. बढ़ते हुए प्रदूषण को देखते हुए रावण की खरीदारी अब कम हो गई है. लोग बड़े रावण की जगह छोटा रावण जला रहे हैं. ऐसे में अपनी रोजी-रोटी बचाने के लिए पूरण ने मार्केटिंग आइडिया खोजने का सोचा.
लोकल 18 से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि इस साल उन्होंने सोच लिया था कि रावण हर हाल में बेचकर रहेंगे, ताकि मुनाफा हो सके. परिवार को साल भर इसी से रोटी खानी होती है. इसलिए उन्होंने मार्केटिंग आइडिया सोचा. इसके तहत सबसे पहले उन्होंने छोटा रावण बनाना शुरू किया. ताकि लोग छोटा रावण तो हर हाल में खरीदी लेंगे, जिसकी कीमत उन्होंने 50 रुपये रखी. सबसे बड़ा रावण उनके पास 20000 रुपए तक का है, लेकिन छोटे रावण बनाने के बाद भी लोग कम संख्या में आ रहे थे. तब इन्होंने नया आइडिया खोज निकाला.
रावण के साथ फ्री शॉपिंग बैग
लोकल 18 से खास बातचीत में पूरण ने बताया कि उन्होंने नया मार्केटिंग आइडिया खोजते हुए रावण के पुतले के साथ फ्री शॉपिंग बैग देने का फैसला किया. इन शॉपिंग बैग को लेने के लिए उन्होंने एक कंपनी से बातचीत की. उस कंपनी ने अपने फ्री शॉपिंग बैग इनको दे दिए और इन्होंने उस कंपनी के शॉपिंग बैग को रावण के हाथों में टांग दिया. नजारा देखकर ऐसा लगता है कि जैसे मानो रावण कहीं से शॉपिंग करके आ रहा है या फिर शॉपिंग करने जा रहा है. छोटे-छोटे बच्चे अपने मां-बाप के साथ यह देखकर काफी आकर्षित हो रहे हैं और बड़ी-बड़ी गाड़ियों से लोग यहां पर रुक कर देख रहे हैं. जो नहीं भी खरीदना चाह रहा रावण वो भी खरीद कर ले जा रहा है.
उन्होंने बताया कि ज्यादातर इस साल छोटे रावण बिक रहे हैं. क्योंकि लोग अब प्रदूषण से बचने के लिए छोटा रावण ही खरीद रहे हैं, लेकिन इस मार्केटिंग आइडिया से पहले लोग छोटा रावण भी नहीं खरीद रहे थे. अब आलम यह है कि बीते एक हफ्ते से उन्होंने इस मार्केटिंग स्ट्रेटजी को अपनाया और 50000 रुपए की उनकी बुकिंग हो चुकी है. जिससे उन्हें मुनाफा हो रहा है. क्योंकि रावण की जितनी लागत थी उससे ज्यादा की बुकिंग उन्हें मिल चुकी है. अब तक एक हफ्ते के दौरान उन्होंने कई रावण बेच भी दिए हैं.
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