शराब की लत में बर्बाद होने वाला था… युजवेंद्र चहल ने बताई तलाक के बाद की अपनी दर्दनाक कहानी

नई दिल्ली: युजवेंद्र चहल लंबे समय से अपने खेल के लिए कम और पर्सनल लाइफ की वजह से ज्यादा चर्चा में रहे हैं. हाल ही में चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया. ऐसे में अब चहल सिर्फ वनडे और टी20 फॉर्मेट में ही खेलेंगे. हालांकि, चहल की फिलहाल टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद नहीं दिख रही है, लेकिन इसके बावजूद वह कोशिश में लगे हुए. खाली में समय में चहल अब कमेंट्री भी करते हैं.

हाल ही में चहल पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के पॉडकास्ट में आए थे. इस पॉडकास्ट में चहल ने अपने करियर, पर्सनल लाइफ की परेशानियां और शराब की लत पर खुलकर बात की. चहल ने बताया कि उनकी शराब पीने की लत इतनी ज्यादा बढ़ गई थी उन्हें रिहैब सेंटर में जाना पड़ गया, तब जाकर वह इससे उबर पाए. चहल ने बताया, “पिछले साल काउंटी क्रिकेट के बाद शराब की लत सारी सीमाएं पार कर गया था, इसलिए मैं एक रिहैब सेंटर में दाखिल हुआ और वहां 26 दिन रहा. अब मैं जानता हूं कि इसे कैसे संभालना है.”

2011 में चहल को लगी शराब पीने की आदत

पॉडकास्ट में चहल ने बताया कि शराब की समस्या 2011 के आसपास शुरू हुई थी, जब उन्होंने आईपीएल में खेलना शुरू किया और उनके तलाक के बाद यह और बढ़ गई. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अपनी लत पर काबू पाने के बाद अब वह काफी खुशहाल स्थिति में हैं. उन्होंने कहा, “शराब छोड़ने के फैसले से मेरे जीवन में बहुत बड़ा बदलाव लाया. मेरी समझदारी बढ़ी. अब मेरी भावनाएं संतुलित हैं. पिछले आईपीएल में मेरे शरीर को ऐसा महसूस हुआ जैसे मैं फिर से 30 साल का हो गया हूं.”

उन्होंने कहा कि उनके परिवार और दोस्तों ने उनके जीवन के इस मुश्किल दौर से निकलने में उनकी मदद की. उन्होंने कहा, “शुरुआत में मैं युवा था. पार्टियां होती थीं. 2011 में मैंने अपना पहला आईपीएल खेला. एबी डिविलियर्स ने एक बार मुझसे कहा था कि जीवन में संतुलन सबसे बड़ा सक्सेस मंत्रा है. यह सुनने में आसान लगता है, लेकिन ऐसा है नहीं.”

तलाक के बाद युजवेंद्र चहल की हालत हो गई थी खराब

चहल ने कहा, “मेरे तलाक के बाद चीजें जरूरत से ज्यादा बढ़ गईं और मेरी मानसिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी. मुझे अहसास हुआ कि अगर मैं इसी रास्ते पर चलता रहा, तो मैं उस चीज को बर्बाद कर दूंगा जिसे मैं सबसे ज्यादा प्यार करता हूं, क्रिकेट. इसलिए मैंने शराब छोड़ने का निर्णय लिया.”

अपनी पर्सनल लाइफ में उथल-पुथल के बारे में बात करते हुए चहल ने कहा कि एक पब्लिक फिगर होने के कारण अक्सर लोगों को उनके निजी मामलों पर टिप्पणी करने की खुली छूट मिल जाती है. उन्होंने कहा, “जब आप एक पब्लिक फिगर होते हैं तो आपके जीवन में होने वाली हर घटना लोगों के लिए टिप्पणी करने का मौका बन जाता है. मुझे बुरा लगा और बहुत सारी मुश्किलें थीं.”

एंग्जायटी के कारण परेशान होने लगे थे युजवेंद्र चहल

उन्होंने अपने एंग्जायटी को लेकर कहा, “मुझे एंग्जायटी ऐसी होती थी कि दिल की धड़कन बढ़ जाती है. मेरे लिए पैनिक अटैक के दौरान मेरा चेहरा सिकुड़ जाता था. मैं बोल भी नहीं पाता था. मेरा होंठ कस जाता था और एक तरफ खिंच जाता था, जिससे लोग समझ जाते थे कि मेरे साथ कुछ गड़बड़ है.”

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