Last Updated:
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नकली ENO और FeviKwik बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने घोंडा में नकली ENO के दो गोदामों और नांगलोई के अमन पुरी में एक अवैध पैकिंग फैक्ट्री का पता लगाया. कार्रवाई में ENO के 1,97,856 पैकेट और FeviKwik के 1,12,560 पाउच बरामद हुए. इसके अलावा 310 किलो से ज्यादा खुले और भरे हुए पाउच, करीब 200 किलो साइट्रिक एसिड और नामी ब्रांडों की पैकिंग सामग्री भी मिली.
राजधानी दिल्ली में नामी ब्रांडों के नाम पर नकली सामान बेचने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने घोंडा इलाके में नकली ENO के दो गोदामों और नांगलोई के अमन पुरी में एक अवैध पैकिंग फैक्ट्री का पता लगाया है. पुलिस ने मौके से नकली ENO के करीब 1.98 लाख पैकेट और FeviKwik के 1.12 लाख से ज्यादा पाउच बरामद किए हैं. मामले में नवीन सिंघल और बलराज बंसल नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस के मुताबिक, इस अवैध कारोबार में नामी कंपनियों के ब्रांड और पैकिंग का इस्तेमाल कर नकली उत्पाद तैयार किए जा रहे थे. छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार माल के साथ-साथ पैकिंग सामग्री और नकली ENO बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल भी मिला है.
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में बरामद सामान की मात्रा काफी बड़ी बताई जा रही है. पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान 1,97,856 पैकेट नकली ENO, 1,12,560 पाउच नकली FeviKwik, 310 किलो से ज्यादा खुले और भरे हुए पाउच, करीब 200 किलो साइट्रिक एसिड, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर नकली ENO बनाने में किया जा रहा था.
Add News18 as
Preferred Source on Google
पुलिस के मुताबिक, नांगलोई के अमन पुरी स्थित अवैध फैक्ट्री में इलेक्ट्रिक मशीनों और सीलिंग गन की मदद से उत्पादों की पैकिंग की जा रही थी. आरोप है कि नकली सामान को नामी ब्रांडों की पैकिंग में तैयार किया जाता था, ताकि वह असली उत्पाद जैसा दिखाई दे.
घोंडा में मिले दो गोदामों का इस्तेमाल नकली ENO रखने के लिए किए जाने का संदेह है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सामान कहां तैयार होता था और उसे बाजार तक पहुंचाने का तरीका क्या था.
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, नवीन सिंघल नकली उत्पादों की बिक्री का काम संभालता था, जबकि बलराज बंसल कथित तौर पर नकली सामान बनाने और उसकी पैकिंग करने में शामिल था. पुलिस का कहना है कि दोनों की पहले भी इसी तरह के मामलों में संलिप्तता सामने आई है.
क्राइम ब्रांच अब इस कथित गिरोह के सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली उत्पाद किन बाजारों में बेचे जा रहे थे, उनकी सप्लाई दिल्ली के बाहर भी होती थी या नहीं और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं.
