Narmadapuram Tourism : मध्य प्रदेश के इटारसी के पास स्थित होशंगाबाद जो पहले नर्मदापुरम के नाम से मशहूर था, अपनी कुदरती सुंदरता, ऐतिहासिक सेठानी घाट और मां नर्मदा के पावन तट पर होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों के लिए श्रद्धालुओं के लिए सदियों से मुख्य केंद्र रहा है.इटारसी से महज 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह क्षेत्र दिल्ली और मुंबई से सड़क और हवाई मार्ग से जुड़ा हुआ है. दिल्ली-मुंबई नजदीक होने के कारण देश भर के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आसानी से सुलभ है. नर्मदा नदी के पावन हिलकोरों से स्पर्शित यह धाम अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऊंचे-ऊंचे पर्वतों, विशाल वृक्षों और प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है. यहां आने वाले भक्तगण सबसे पहले नर्मदा के तट पर पहुंचकर पवित्र जल में डुबकी लगाते हैं, जिससे मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है. नर्मदा माता की कल-कल ध्वनि और यहां गूंजने वाले मंत्रों से यह संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना रहता है. जानिए इस पावन धाम की महिमा और यात्रा से जुड़ी खास बातें.
Narmadapuram Tourism : मध्य प्रदेश के इटारसी के पास स्थित होशंगाबाद जो पहले नर्मदापुरम के नाम से मशहूर था, अपनी कुदरती सुंदरता, ऐतिहासिक सेठानी घाट और मां नर्मदा के पावन तट पर होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों के लिए श्रद्धालुओं के लिए सदियों से मुख्य केंद्र रहा है.इटारसी से महज 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह क्षेत्र दिल्ली और मुंबई से सड़क और हवाई मार्ग से जुड़ा हुआ है. दिल्ली-मुंबई नजदीक होने के कारण देश भर के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आसानी से सुलभ है. नर्मदा नदी के पावन हिलकोरों से स्पर्शित यह धाम अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऊंचे-ऊंचे पर्वतों, विशाल वृक्षों और प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है. यहां आने वाले भक्तगण सबसे पहले नर्मदा के तट पर पहुंचकर पवित्र जल में डुबकी लगाते हैं, जिससे मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है. नर्मदा माता की कल-कल ध्वनि और यहां गूंजने वाले मंत्रों से यह संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना रहता है. जानिए इस पावन धाम की महिमा और यात्रा से जुड़ी खास बातें.
