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Noida Elevated Road: 480 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार नोएडा की लाइफलाइन कहे जाने वाले एलिवेटेड रोड पर निर्माण की गुणवत्ता एक बार फिर कटघरे में है. सेक्टर-33 इस्कॉन मंदिर के सामने अचानक कंक्रीट की परत हटने और नीचे का स्टील स्ट्रक्चर बाहर आने से हड़कंप मच गया है. आनन-फानन में ट्रैफिक रोककर बैरिकेडिंग की गई है और नोएडा प्राधिकरण ने मामले की गंभीरता को देखते हुए IIT रुड़की से तकनीकी जांच कराने के आदेश जारी कर दिए हैं.
नोएडा एलिवेटेड रोड पर फिर दिखा स्टील स्ट्रक्चर, धंसी कंक्रीट, IIT रुड़की करेगा जांच
Noida Elevated Road: नोएडा की प्रमुख सड़कों में शामिल एलिवेटेड रोड पर एक बार फिर गड्ढा होने से निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. सेक्टर-33 स्थित इस्कॉन मंदिर के सामने एलिवेटेड रोड पर दोबारा गड्ढा होने की घटना सामने आई है. सड़क की कंक्रीट परत हटने के बाद नीचे का स्टील स्ट्रक्चर दिखाई देने लगा. घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित हिस्से में यातायात को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग कर दी गई है. वहीं, नोएडा प्राधिकरण ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एलिवेटेड रोड की तकनीकी जांच कराने के आदेश दिए हैं.
सेक्टर-61 से सेक्टर-18 की ओर जाने वाला हिस्सा बंद
एलिवेटेड रोड पर गड्ढा होने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर सेक्टर-61 से सेक्टर-18 की ओर जाने वाले हिस्से को बंद कर दिया गया है. मौके पर बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की आवाजाही को रोका गया है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके. सड़क के एक हिस्से में कंक्रीट हटने और स्टील का स्ट्रक्चर दिखाई देने से निर्माण की मजबूती को लेकर चिंता बढ़ गई है.
पीक आवर्स में जाम और वाहन चालकों की परेशानी
इस मार्ग का इस्तेमाल प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन चालक करते हैं. ऐसे में एलिवेटेड रोड के एक हिस्से को बंद किए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है. खासकर पीक आवर्स के दौरान इस मार्ग पर पहले से ही वाहनों का दबाव अधिक रहता है, जिसके चलते जाम की स्थिति बन जाती है. अब सड़क के प्रभावित हिस्से पर यातायात प्रतिबंध से वाहन चालकों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
IIT रुड़की और ब्रिज कॉर्पोरेशन करेंगे जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए नोएडा प्राधिकरण ने एलिवेटेड रोड की तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं. जांच में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की और ब्रिज कॉर्पोरेशन की भूमिका रहेगी. तकनीकी विशेषज्ञ सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण करेंगे और स्ट्रक्चर की स्थिति का आकलन करेंगे. जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि कंक्रीट की परत हटने और गड्ढा बनने के पीछे क्या कारण हैं. साथ ही, स्टील स्ट्रक्चर को कितना नुकसान पहुंचा है और एलिवेटेड रोड की मजबूती पर इसका क्या प्रभाव पड़ा है, इसका भी अनुमान लगाया जाएगा. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की मरम्मत और सुरक्षा से जुड़े कदम तय किए जा सकते हैं.
480 करोड़ रुपये की लागत से बना है एलिवेटेड रोड
नोएडा का यह एलिवेटेड रोड लगभग 4.8 किलोमीटर लंबा है और सेक्टर-18 को सेक्टर-62 से जोड़ता है. करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया यह मार्ग शहर के प्रमुख यातायात कॉरिडोर में शामिल है. इसका उद्देश्य शहर के व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव कम करना और वाहन चालकों को सुगम आवागमन की सुविधा देना है.
पिछले महीने भी धंसा था सड़क का बड़ा हिस्सा
गौरतलब है कि पिछले महीने भी नोएडा एलिवेटेड रोड पर सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंसने की घटना सामने आई थी. अब एक बार फिर गड्ढा होने से सड़क की स्थिति और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के कारण वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है. फिलहाल प्रभावित हिस्से पर बैरिकेडिंग कर यातायात को नियंत्रित किया गया है. अब सभी की नजरें तकनीकी जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं.
जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि एलिवेटेड रोड के क्षतिग्रस्त होने के पीछे क्या वजह रही और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन उपायों की आवश्यकता है. साथ ही, यह भी महत्वपूर्ण होगा कि मरम्मत और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई समय पर पूरी की जाए, ताकि नोएडा के इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात सामान्य हो सके.
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Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…
