'हमारे पास 5-6 टाइटल थे', नाम बदलकर रिलीज हुई मनोज बाजपेयी की फिल्म 'घूसखोर पंडत', विवादों पर तोड़ी चुप्पी

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मनोज बाजपेयी इस साल की शुरुआत विवादों में घिरे हुए थे. नीरज पांडे के निर्देशन में बनी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल पर जमकर विवाद हुआ था. मामला बढ़ते देख फिल्म का टीजर डिलीट हो गया था. अब नीरज पांडे की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ नए टाइटल ‘गजब रात’ के साथ रिलीज हो गई है.

मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘गजब रात’ नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है.

नई दिल्ली. इस साल की शुरुआत में निर्देशक नीरज पांडे और एक्टर मनोज बाजपेयी अपनी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर विवादों में घिरे हुए थे. फिल्म के नाम पर जमकर बवाल मचा था. इसके टाइटल पर इतना विवाद हुआ कि मेकर्स को आखिरकार टीजर तक हटाना पड़ा था. अब ये फिल्म नए नाम के साथ रिलीज हो गई है. नीरज पांडे ने अपनी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का नाम बदलकर ‘गजब रात’ रखा है और अब ये नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है.

‘घूसखोर पंडत’ टाइटल की घोषणा के साथ ही विवादों में घिर गई थी.  फिल्म का नाम सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना शुरू हो गई. मामला धीरे-धीरे इतना बढ़ा कि राजनीतिक विरोध, कानूनी कार्रवाई और एफआईआर तक की नौबत आ गई. फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठी और आखिरकार इसके प्रमोशनल कंटेंट को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाना पड़ा. अब इस पूरे विवाद पर मनोज बाजपेयी ने न्यूज18 इंग्लिश के साथ खुलकर बात की है.

मनोज बाजपेयी ने ‘गजब रात’ विवाद पर तोड़ी चुप्पी

मनोज बाजपेयी ने इस पूरे विवाद पर अपनी राय रखते हुए कहा कि उनकी टीम ने फिल्म के लिए कई नाम शॉर्टलिस्ट किए थे, लेकिन ‘घूसखोर पंडत’ सबको बहुत पसंद आया था. इसी वजह से सबकी सहमति से ये नाम रखा गया था. एक्टर कहते हैं, ‘हमारे पास पांच-छह और टाइटल थे, जो उतने ही दिलचस्प थे. हालांकि ज्यादातर लोगों की सहमति पहले वाले टाइटल पर बनी थी, इसलिए हमने उसे चुना. हमने कभी नहीं सोचा था कि इतनी बड़ी संख्या में लोग इस टाइटल को अलग नजरिए से देखेंगे’.

फिल्म के खिलाफ दर्ज हुई थी शिकायत

मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘गजब रात’ नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है. इस फिल्म में नुसरत भरूचा, दिव्या दत्ता, अक्षय ओबेरॉय, साकिब सलीम और कीकू शारदा ने अहम किरदार अदा किया है. बता दें, फिल्म के टाइटल को लेकर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज यानी एफडब्ल्यूआईसीई  (FWICE) ने भी आपत्ति जताई थी.

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) का कहना था कि ‘पंडत’ शब्द को एक खास समुदाय और उसके पारंपरिक पेशे से जोड़कर देखा जाता है. ऐसे में इसे ‘घूसखोर’ शब्द के साथ इस्तेमाल करना आपत्तिजनक और अपमानजनक है.  विवाद बढ़ने के बाद मनोज बाजपेयी ने सोशल मीडिया के जरिए अपना रिएक्शन देते हुए कहा कि इस पूरे विवाद ने उन्हें रुककर सोचने पर मजबूर कर दिया.

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Pranjul SinghSub-Editor

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