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UPSSSC PET 2026 Exam: उत्तर प्रदेश में 35 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए प्रारंभिक अर्हता परीक्षा 2026 आज, 25 अक्टूबर 2026 (रविवार) से शुरू हो गई है. यूपी के 60 शहरों के 1372 केंद्रों पर हो रही यूपी पीईटी परीक्षा में इस बार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन समेत सुरक्षा के कई सख्त इंतजाम किए गए हैं. जानिए पिछले सालों का डेटा और परीक्षा का पूरा एनालिसिस.
UPSSSC PET 2026 Exam: आज 12 लाख अभ्यर्थी यूपी पीईटी परीक्षा देंगे
नई दिल्ली (UPSSSC PET 2026 Exam). सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं के लिए उत्तर प्रदेश में हलचल तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा 2026 शुरू हो चुकी है. यह प्रदेश के लाखों युवाओं के करियर की दिशा तय करेगी. यूपी पीईटी सरकारी महकमों में ग्रुप-सी के पदों पर नौकरी पाने की सीढ़ी मानी जाती है. यूपी पीईटी परीक्षा 2026 के लिए राज्य के 60 अलग-अलग शहरों में हजारों केंद्र बनाए गए हैं.
यूपी पीईटी का सफर: पिछले सालों के आंकड़ों पर नजर
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी के प्रति क्रेज लगातार बढ़ रहा है. यूपी पीईटी परीक्षा के 2 सालों के आंकड़ों से यह साबित भी होता है:
- यूपी पीईटी 2024: इस साल परीक्षा के लिए लगभग 25 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था. इसके लिए प्रदेश के 48 जिलों में करीब 1,479 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे.
- यूपी पीईटी 2025: इसमें भी लगभग 25 से 26 लाख के बीच परीक्षार्थी शामिल हुए थे. परीक्षा राज्य के 48 जिलों के 1,479 केंद्रों पर 6 पालियों में हुई थी.
- यूपी पीईटी 2026 (वर्तमान आंकड़ा): इस साल आवेदकों का आंकड़ा छलांग लगाकर 35 लाख के पार पहुंच गया है. अब 60 शहरों में 1,372 केंद्र बनाए गए हैं.
यूपी पीईटी के लिए बने सख्त नियम
इस साल यूपी पीईटी परीक्षा 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को कुल 6 पालियों में होगी. पहले दिन ही लगभग 12 लाख अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं. आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा शुरू होने से ठीक आधा घंटा पहले केंद्रों के मुख्य गेट बंद कर दिए जाएंगे. इसलिए समय का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. इसके अलावा, परीक्षा हॉल में एंट्री के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया गया है. किसी भी तरह की नकल रोकने के लिए आजीवन कारावास और 1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.
डेटा एनालिसिस: क्या कहते हैं इस बार के इंतजाम?
- भौगोलिक विस्तार: पिछले साल परीक्षा 48 जिलों तक सीमित थी. लेकिन इस बार अभ्यर्थियों की बंपर संख्या को देखते हुए इसे 60 शहरों तक फैलाया गया है.
- सुरक्षा कवच: फर्जीवाड़ा रोकने के लिए इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बायोमेट्रिक आइरिस स्कैन का सहारा लिया जा रहा है. इससे सॉल्वर गैंग का बचना नामुमकिन हो गया है.
- दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी: यूपी पीईटी परीक्षा में केवल यूपी के ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के युवा भी हिस्सा ले रहे हैं. इससे राष्ट्रीय स्तर पर इसकी बढ़ती लोकप्रियता समझ में आती है.
