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जागृति मिश्रा का एनिमल शेल्टर तोड़ने के मामले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जूनियर इंजीनियर के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही, मुख्यमंत्री ने जागृति मिश्रा को मुख्यमंत्री राहत फंड से पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की बात भी कही है. वहीं, इस मामले के तूल पकड़ने के बाद आम आदमी पार्टी ने भी अपना पक्ष रखा है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जागृति मिश्रा से मुलाकात कर पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद देने और जेई के खिलाफ जांच की बात कही है. (Image: @gupta_rekha)
Delhi Jagriti Mishra Case: दिल्ली में बेसहारा और घायल पशुओं की देखभाल के लिए एनिमल शेल्टर और गौशाला बना रहीं जागृति मिश्रा के मामले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आरोपी जूनियर इंजीनियर के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. जागृति मिश्रा से उनके शेल्टर में मुलाकात करने पहुंची मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले की पूरी जांच कराने, संबंधित जूनियर इंजीनियर के आचरण की जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं. इसके अलावा, शेल्टर में हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जागृति मिश्रा को पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की बात भी कही है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा से मुलाकात के बाद कहा कि उनके मामले को गंभीरता से लिया गया है. अधिकारियों को पूरे मामले की गहन जांच कर कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा, आरोपी जूनियर इंजीनियर के आचरण की जांच के साथ जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पुलिस को केस दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने जिला मजिस्ट्रेट को जागृति मिश्रा की एनिमल शेल्टर बनाने में मदद करने को कहा है. इसके अलावा, मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भरोसा भी दिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
जागृति मिश्रा ‘स्ट्रीट वर्ल्ड ट्रस्ट’ और ‘स्ट्रीट वर्ल्ड्ज’ एनजीओ के माध्यम से बेसहारा, घायल और लावारिस पशुओं की देखभाल करती हैं. वह दिल्ली में अपनी जमीन पर पशुओं के लिए एक एनिमल शेल्टर और गौशाला तैयार कर रही थीं. इस शेल्टर का निर्माण करीब 70 लाख रुपए से किया जा रहा है. यह राशि जागृति मिश्रा ने लोगों से आर्थिक सहयोग के तौर पर जुटाई थी. जागृति मिश्रा का आरोप है कि निर्माण स्थल पर कार्रवाई से चार दिन पहले आम आदमी पार्टी के एक पार्षद का नाम लेते हुए एक शख्स ने उनसे शेल्टर निर्माण के एवज में रिश्वत की मांग की थी.
जागृति मिश्रा के अनुसार, रिश्वत देने से इनकार करने पर उन्हें गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी गई थी. इकसे बाद, नगर निगम के जेई विकास गुप्ता ने शेल्टर पर बुलडोजर चला दिया. जागृति मिश्रा का यह भी आरोप है कि कार्रवाई के दौरान कोई कानूनी नोटिस नहीं दिया गया और न ही आधिकारिक कागजात दिखाए गए. इस कार्रवाई में पशुओं के लिए तैयार किया जा रहा निर्माणाधीन ढांचा और शेल्टर की चारदीवारी को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया.
आम आदमी पार्टी की सफाई
वहीं इस मामले में आम आदमी पार्टी की ओर से इस मामले में कहा गया कि स्ट्रीट वर्ल्ड ट्रस्ट के माध्यम से बेसहारा पशुओं की सेवा करने वाली जागृति मिश्रा के मामले में पार्टी के पार्षद का नाम बेवजह जोड़ा गया है. पार्टी की ओर से कहा गया कि मौके पर जाकर जागृति मिश्रा से मुलाकात की गई और उन्हें बताया गया कि इस मामले से आम आदमी पार्टी का कोई संबंध नहीं है. आम आदमी पार्टी की तरफ से विधायक जनरैल सिंह ने मुलाकात भी की है.
