Rising Bharat Summit: जैसे-जैसे भारत आर्थिक गति से वैश्विक महत्वाकांक्षा की ओर बढ़ रहा है, पश्चिमी भारत की पूंजी, उद्योग और उद्यमशीलता की ऊर्जा भविष्य को आकार देने में मदद कर रही है. ‘न्यूज़18 राइजिंग भारत समिट – वेस्ट एडिशन’ उन लोगों और विचारों को एक मंच पर लाएगा जो इस बदलाव को आगे बढ़ा रहे हैं. भारत की उद्यम यात्रा (Enterprise Journey) एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आ गई है. व्यवसाय बनाने, निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर निर्माण करने की अपनी क्षमता साबित करने के बाद, अब देश को टिकाऊ संस्थानों का विकास करना होगा, उद्योगों को नए सिरे से ढालना होगा और वैश्विक नेतृत्व के लिए प्रतिस्पर्धा करनी होगी.
‘भारतीय उद्यम का अगला चरण’ (The Next Phase of Indian Enterprise) विषय के तहत, ‘न्यूज़18 राइजिंग भारत समिट – वेस्ट एडिशन’ इस बदलाव को चर्चा के केंद्र में लाएगा. इसमें यह पता लगाया जाएगा कि कैसे पूंजी, नीति, तकनीक, बुनियादी ढांचा और प्रतिभा मिलकर भारत के विकास के अगले दशक को गति दे सकते हैं. भारत इस चरण में काफी मजबूत आर्थिक गति के साथ प्रवेश कर रहा है. वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक जीडीपी (GDP) में 7.7% की वृद्धि का अनुमान है, सकल स्थिर पूंजी निर्माण (Gross Fixed Capital Formation) जीडीपी का 30% रहने का अनुमान है, और वित्त वर्ष 2024-25 में वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 825.3 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है.
वहीं, एमएसएमई (MSMEs) का जीडीपी में 31.1%, विनिर्माण क्षेत्र में 35.4% और निर्यात में 48.58% योगदान है. ये आंकड़े एक ऐसी अर्थव्यवस्था को दर्शाते हैं जो निवेश, उद्यमशीलता और वैश्विक बाजारों की जरूरतों को पूरा करने की बढ़ती क्षमता से संचालित है. इस विकास गाथा में पश्चिमी भारत की भूमिका केंद्रीय है. महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और गोवा जैसे राज्यों को मिलाकर, यह क्षेत्र वित्तीय बाजारों, औद्योगिक समूहों, बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, विनिर्माण क्षमताओं, तकनीकी केंद्रों, नवीकरणीय ऊर्जा और एक मजबूत सेवा अर्थव्यवस्था को एक साथ लाता है.
पूंजी, बुनियादी ढांचे और उद्यमशीलता की महत्वाकांक्षाओं का यह संगम पश्चिमी भारत को विचारों को निवेश से, उद्योगों को बाजारों से, और क्षेत्रीय क्षमताओं को राष्ट्रीय स्तर से जोड़ने में सक्षम बनाता है. यह सब मिलकर पश्चिमी भारत को एक ‘उद्यमशील राष्ट्र’ (Enterprise Nation) के निर्माण में एक शक्तिशाली ताकत बनाता है.
इस गति को स्थापित संस्थानों और व्यवसायों की नई पीढ़ी, दोनों ही आगे बढ़ा रहे हैं. विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, वित्त, रियल एस्टेट, मोबिलिटी, तकनीक, उपभोक्ता व्यवसाय और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्र विकास के नए रास्ते खोल रहे हैं. साथ ही, स्टार्टअप और MSME नए बिजनेस मॉडल ला रहे हैं, उन बाजारों तक पहुंच रहे हैं जहां अब तक सेवाएं नहीं पहुंची थीं, और रोजगार पैदा कर रहे हैं. अब चुनौती यह है कि इन उद्यमों को पूंजी जुटाने, तकनीक अपनाने, सप्लाई चेन को मजबूत करने, कुशल टीमें बनाने और घरेलू स्तर पर सफल होने के बाद वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी व्यवसाय बनने में मदद की जाए.
‘न्यूज18 राइजिंग भारत समिट – वेस्ट एडिशन’ में, नीति बनाने वाले, पूंजी आवंटित करने वाले, उद्योग खड़ा करने वाले और नए बाजार बनाने वाले दिग्गजों के साथ बातचीत के जरिए इन प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी. इस समिट में इस बात पर गौर किया जाएगा कि व्यवसाय अपनी महत्वाकांक्षाओं को बड़े पैमाने पर कैसे बदल सकते हैं, स्थापित संस्थान विकास के नए स्रोत कैसे खोज सकते हैं, और भारत किस तरह पूंजी तक पहुंच बढ़ा सकता है, नवाचार (इनोवेशन) में तेजी ला सकता है, बुनियादी ढांचे को मजबूत कर सकता है और उभरते अवसरों के लिए प्रतिभाओं को तैयार कर सकता है.
पिछले कुछ वर्षों में, ‘न्यूज18 राइजिंग भारत समिट’ भारत के सबसे बड़े मंचों में से एक के रूप में उभरा है, जो भारत के भविष्य को आकार देने वाली चर्चाओं को बढ़ावा देता है. यह मंच नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के दिग्गजों, उद्यमियों, इनोवेटर्स, सांस्कृतिक दूतों और बदलाव लाने वालों को एक साथ लाता है. यह क्षेत्रीय ताकतों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से जोड़ता है और ‘एंटरप्राइज नेशन’ (उद्यमशील राष्ट्र) के विचार को विकास के एक साझा एजेंडे में बदल देता है.
HDFC बैंक द्वारा प्रस्तुत ‘न्यूज18 राइजिंग भारत समिट – वेस्ट एडिशन’ में ITC लिमिटेड ‘भारत ग्रोथ पार्टनर’ के रूप में, और फोनपे (PhonePe), स्पिनी (Spinny), जॉय पर्सनल केयर (Joy Personal Care) तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ‘एसोसिएट पार्टनर’ के रूप में शामिल हैं. यह कार्यक्रम 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई में सुबह 10 बजे से आयोजित होगा. अधिक जानकारी के लिए https://www.news18features.com/risingbharatsummit/ पर जाएं.
