नोएडा: नोएडा में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और आसपास के सेक्टरों व गांवों के लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए प्राधिकरण नोएडा ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर दो नए अंडरपास का निर्माण करा रहा है. पहला अंडरपास सेक्टर-128 में और दूसरा सेक्टर-150 व 151 के पास बनाया जा रहा है. दोनों परियोजनाओं पर करीब 131 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आई है. इन अंडरपास के बनने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास बसे दर्जनों गांव और दर्जनों सेक्टर्स औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा.
करीब 50 प्रतिशत काम हुआ पूरा
आपको बता दें कि सेक्टर-128 में बन रहे अंडरपास का निर्माण नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-9 के अंदर है. इस निर्माण की निगरानी कर रहे सुपरवाइजर धीरज कुमार और राजबीर सिंह ने बताया कि परियोजना का करीब 25 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. मुख्य कैरिजवे का 50 प्रतिशत से अधिक काम हो गया है. दोनों तरफ की सर्विस रोड तैयार हो चुकी हैं.
उन्होंने बताया कि अंडरपास की डी-वॉल और स्लैब डालने का काम भी पूरा कर लिया गया है. अब रैंप का निर्माण शुरू किया जाना है. बिजली की केबल और अन्य यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम अभी चल रहा है. इसके पूरा होते ही रैंप का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा. परियोजना डेडलाइन 31 जनवरी 2027 बताई गई है, लेकिन यूटिलिटी शिफ्टिंग के कारण काम में देरी हो रही है.
दर्जनों सेक्टर और गांवों को फायदा
आपको बता दें कि सेक्टर-128 का यह अंडरपास पहले काफी संकरा था, जिसकी वजह से यहां से गुजरने वाले वाहनों को परेशानी होती थी और कई बार ट्रैफिक लगता था और एक बार में एक तरफ से सिर्फ वाहन पास हो पाता था. अब इसे चौड़ा करने के साथ दोनों तरफ यू-टर्न भी बनाए जा रहे हैं, ताकि वाहन चालकों को आसानी से एक तरफ से दूसरी तरफ जाने की सुविधा मिलेगी.
इस अंडरपास से सेक्टर-104, 105, 106, 107, 108, 109, 110, 128, 129, 130, 131, 134, 135 और 136 सहित आसपास के क्षेत्रों को कनेक्टिविटी मिलेगी. इसके अलावा सेक्टर, 93B, 96 और 132 के आसपास के इलाकों और जेपी विशटाउन के निवासियों को लाभ मिलेगा. साथ ही आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों के लिए भी आवागमन आसान हो सकेगा.
इन सेक्टर्स और गांवों को मिलेगा सीधा फायदा
वहीं, दूसरा अंडरपास सेक्टर-150 और 151 के पास बनाया जा रहा है. ये प्रोजैक्ट नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-10 के अंदर आता है. सेक्टर-150-151 के पास बनने वाले अंडरपास से आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों और करीब 20 गांवों को फायदा मिलेगा. ऐसे में अंडरपास बनने से औद्योगिक सेक्टरों में आने-जाने वाले कर्मचारियों, वाहन चालकों और ग्रामीणों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. दोनों अंडरपास का निर्माण शुरू हो चुका है और इनके लिए करीब 18 महीने में काम पूरा करना की डेडलाइन रखी है.
