'खारा पानी, सड़कों पर ट्रैफिक और…', रोजाना किन परेशानियों से जूझ रही नोएडा की जनता? सुनिए उन्हीं की जुबानी

नोएडा: नोएडा में बेहतर सुविधाओं और रोजगार की उम्मीद लेकर बड़ी संख्या में लोग रहने आते हैं. लेकिन शहर में रहने वाले लोगों की नजर में जिंदगी आसान नहीं है. इस मुद्दे पर हमने अलग-अलग लोगों से पूछा कि ट्रैफिक, महंगाई, पानी, प्रदूषण और किराए में सबसे बड़ी परेशानी क्या है. धवल शर्मा ने बताया कि वह पिछले दो साल से नोएडा में रह रहे हैं. जब उन्होंने फ्लैट लिया था तो किराया करीब 20 से 22 हजार रुपये था. अब उसी सोसाइटी में किराया बढ़कर 32 से 35 हजार रुपये तक पहुंच गया है.

उनका कहना है कि ऑफिस से दूर रहने पर भी किराए में खास अंतर नहीं रह गया है और कई जगह मकान मालिक अपनी मनमानी के अनुसार किराया मांग रहे हैं. खासकर अकेले रहने वाले लोगों के लिए यह बड़ी समस्या बन गई है.

20 मिनट की जगह लगता है 45 मिनट
धवल शर्मा ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी परेशानी बताई. उनका कहना है कि एक ही सड़क पर कई रेड लाइट होने के बावजूद हर जगह ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी नहीं रहती. इससे वाहन चालक मनमाने तरीके से निकलते हैं और जाम की स्थिति बनती है. उनके मुताबिक, कई बार जिस रास्ते को तय करने में 25 मिनट लगने चाहिए, उसी रास्ते में 45 मिनट से एक घंटे तक लग जाता है.

उन्होंने बिजली कटौती की सूचना समय से नहीं मिलने की समस्या भी बताई. उनका कहना है कि इतने बड़े शहर में किसी भी तरह की कटौती या समस्या की जानकारी लोगों को पहले से दी जानी चाहिए. उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु करने और नोएडा के मास्टर प्लान के मुताबिक भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर व्यवस्था बनाने की मांग की.

इस कारण जाम करना पड़ता है सामना
विकास ने भी नोएडा में सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक को बताया. उनका कहना है कि एक्सप्रेसवे की किसी सोसाइटी से शाम के समय सेक्टर-62 जाने में डेढ़ से दो घंटे तक लग सकते हैं. सुबह कार्यालय जाने के समय भी लंबा जाम लोगों की परेशानी बढ़ाता है. इससे लोगों की उत्पादकता प्रभावित होती है. ईंधन की खपत बढ़ती है और लोगों का बजट भी प्रभावित होता है.

उन्होंने सड़क डिजाइन और कुछ यू-टर्न को भी समस्या का कारण बताया. बरौला कट का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां सर्विस रोड और यू-टर्न को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने की जरूरत है. उनके मुताबिक, ट्रैफिक व्यवस्था पर संबंधित अधिकारियों को लगातार ध्यान देना चाहिए.

प्रदूषण और महंगाई भी जोर पर
साजिद ने बताया कि वह वर्ष 2019 से नोएडा में रह रहे हैं और पिछले कुछ वर्षों में ट्रैफिक की समस्या काफी बढ़ी है. सेक्टर-122 से निकलकर सेक्टर-71, महामाया और सेक्टर-15 की तरफ जाने के दौरान उन्हें अलग-अलग जगह जाम का सामना करना पड़ता है. उन्होंने प्रदूषण को भी गंभीर समस्या बताया. उनके मुताबिक, प्रदूषण के कारण आंखों में जलन और फेफड़ों से जुड़ी परेशानी महसूस होती है. उनका कहना है कि शहर में रोजगार के लिए लोगों की संख्या और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ी है. ऐसे में सरकार और प्राधिकरण को आने वाले समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर पहले से योजना तैयार करनी चाहिए.

खारा पानी भी एक बड़ी समस्या
वहीं सूरज ने नोएडा के पानी को अपनी सबसे बड़ी परेशानी बताया. वह करीब 10 साल से नोएडा में रह रहे हैं. उनके मुताबिक, यहां का पानी काफी खारा है. उनका दावा है कि इससे बाल झड़ने और त्वचा के रूखेपन जैसी समस्याएं हो रही हैं. उन्होंने ट्रैफिक को लेकर भी अपनी परेशानी बताई. उनका कहना है कि वह करीब तीन किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते हैं. रास्ते में ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी नहीं होने और तेज रफ्तार वाहनों के कारण परेशानी होती है.

खुले यू-टर्न और जाम की वजह से तीन किलोमीटर का सफर तय करने में कई बार एक घंटे तक लग जाता है. यानी नोएडा में रहने वालों की परेशानियां अलग-अलग हैं. किसी के लिए बढ़ता किराया बड़ी चुनौती है, तो किसी के लिए ट्रैफिक, प्रदूषण या पानी. लोगों की मांग है कि शहर की बढ़ती आबादी और वाहनों के हिसाब से बुनियादी सुविधाओं और ट्रैफिक व्यवस्था की भी लगातार समीक्षा की जाए.

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