दिल्ली नगर निगम ने खुले में पेशाब करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की है. एमसीडी ने जन विश्वास अधिनियम लागू होने के बाद पिछले पांच महीनों में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ करीब 28,000 चालान जारी किए हैं. इन पर कुल 2.31 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. अधिकारियों के अनुसार इनमें से लगभग हर चौथा चालान सार्वजनिक जगह पर शौच करने, कचरा फेंकने या सार्वजनिक संपत्ति खराब करने जैसे मामलों का है.
एमसीडी के मुताबिक मई के अंत से 28 अक्टूबर तक कुल 27,915 चालान जारी किए गए. इनमें से करीब 7,000 चालान ‘न्यूसेंस’ यानी सार्वजनिक अशांति पैदा करने वाले अपराधों के थे. इनमें सार्वजनिक जगह पर पेशाब करना, दीवारों पर पोस्टर चिपकाना, कचरा फेंकना और दिल्ली नगर निगम अधिनियम की धारा 397 के तहत मना की गई अन्य गतिविधियां शामिल हैं.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 16,281 चालान का भुगतान हो चुका है, जिससे 99.15 लाख रुपये वसूले गए. वहीं 11,634 चालान अभी भी बकाया हैं, जिन पर 1.32 करोड़ रुपये का जुर्माना बाकी है.
अगस्त से अक्टूबर के बीच जारी आंकड़ों में धारा 397 के तहत न्यूसेंस के 3,633 चालान दर्ज हुए, जिन पर 18.16 लाख रुपये का जुर्माना लगा. इनमें से 1,810 का भुगतान हो गया. 24 घंटे से ज्यादा कचरा या गंदगी छोड़ने पर 3,180 चालान जारी किए गए. सड़कों पर गंदगी बहने देने पर 2,764 चालान लगे.
बता दें कि जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम 2026 को गृह मंत्रालय ने 15 मई को अधिसूचित किया था. इससे डीएमसी अधिनियम के कई प्रावधानों में बदलाव हुआ. अब कुछ उल्लंघनों पर आपराधिक कार्रवाई की जगह सिर्फ मौद्रिक जुर्माना लगाया जाता है.
एमसीडी ने 19 मई को अधिकारियों को सिविल जुर्माना लगाने का अधिकार दिया. नए नियमों के तहत सार्वजनिक जगह पर पेशाब करने पर पहले 50 रुपये तक जुर्माना था, अब 500 रुपये हो गया है.
बिना पट्टा के आवारा कुत्ता छोड़ने पर जुर्माना 50 से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है. एमसीडी के नौ विभागों में पर्यावरण प्रबंधन सेवा विभाग (डीईएमएस) ने सबसे ज्यादा 15,961 चालान जारी किए. इनमें से 10,773 का भुगतान हो चुका है. सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने 3,904 और मलेरिया विभाग ने 5,599 चालान जारी किए.
जोनल स्तर पर पुरानी दिल्ली वाले सिटी-एसपी जोन में सबसे ज्यादा 6,066 चालान दर्ज हुए. एक एमसीडी अधिकारी ने कहा कि सिर्फ जुर्माना लगाने से नागरिक व्यवहार नहीं बदलेगा. बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि जुर्माना रोकथाम का काम करे.
अधिकारी ने इंदौर मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां नियमों का पालन करने वालों को प्रोत्साहन और उल्लंघन करने वालों पर सख्ती दोनों अपनाई जाती है.एमसीडी ने डिजिटल चालान सिस्टम शुरू किया है, जो एमसीडी 311 मोबाइल ऐप से जुड़ा है. इससे शिकायतें और उल्लंघन डिजिटल तरीके से दर्ज होते हैं और फॉलो-अप आसान हो जाता है.
नगर निगम का प्रयास है कि दिल्ली को साफ-सुथरा रखने के लिए नागरिक नियमों का पालन करें. जुर्माने की राशि बढ़ाई गई है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि लगातार और सख्त प्रवर्तन से ही असली बदलाव आएगा.
