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Bodaki Railway Station: ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी गांव में दिल्ली-एनसीआर का सबसे आधुनिक रेलवे स्टेशन तैयार होने जा रहा है. इस रेलवे स्टेशन से पूर्वांचल, बिहार और नॉर्थ ईस्ट के लिए ट्रेनें मिलेंगी. यह रेलवे स्टेशन तीन साल में तैयार हो जाएगा.
नोएडा में तैयार होने जा रहा रेलवे स्टेशन.
गौतमबुद्ध नगरः नोएडा वालों को अब ट्रेन पकड़ने के लिए गाजियाबाद, आनंद विहार और दिल्ली के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों से ट्रेन पकड़ने की जरूरत नहीं होगी. क्योंकि बहुत जल्द ग्रेटर नोएडा में दिल्ली-एनसीआर का सबसे आधुनिक रेलवे स्टेशन तैयार होने वाला है. दरअसल, ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी स्टेशन मल्टी कॉम्प्लेक्स रेलवे टर्मिनल के तौर पर विकसित किया जा रहा है. साथ ही इस रेलवे स्टेशन को नमो भारत रैपिड रेड लेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा. इसे ग्रेटर नोएडा टर्मिनल भी कहा जा रहा है.
बोड़ाकी रेलवे स्टेशन के लिए 46 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण
बता दें कि बोड़ाकी गांव में मौजूदा रेलवे हॉल्ट के पास यह तैयार हो रहा है. ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर यह स्थित है. पूरा प्रोजेक्ट 176 से 400 एकड़ के मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब परिसर में फैला है. इसमें अकेले रेलवे स्टेशन के लिए 46 हेक्टेयर से अधिक लैंड तय की गई है. साथ ही भूमि अधिग्रहण और अन्य काम तेजी से चल रहे हैं. बताया जा रहा है कि बोड़ाकी रेलवे स्टेशन की डीपीआर और एनसीआर मास्टर प्लान के मुताबिक निर्माण कार्य 3 साल में पूरा होगा.
बोड़ाकी रेलवे स्टेशन पर होंगे 12 प्लेटफॉर्म
प्राप्त जानकारी के मुताबिक बोड़ाकी रेलवे स्टेशन में 12 प्लेटफॉर्म, 63 यार्ड, लूप लाइनें होंगी. ये नई दिल्ली या आनंद विहार टर्मिनल जैसा बड़ा रेलवे स्टेशन होगा. इस टर्मिनल से हर रोज 100 से अधिक वंदे भारत, राजधानी और दूसरी बड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन और रखरखाव होगा. दो मंजिला रेलवे स्टेशन के ग्राउंड फ्लोर पर रेलवे ऑपरेशन होगा. ऊपरी फ्लोर पर होटल, फूड चेन और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स होंगे.
बिहार और पूर्वांचल के लिए मिलेंगे ट्रेनें
नोएडा रेलवे स्टेशन दिल्ली-हावड़ा मेन ट्रंक रेल लाइन पर है. इससे दिल्ली के आनंद विहार, पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर भीड़ कम होगी. नोएडा से पूर्वी उत्तर प्रदेश और अवध में कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर जाना आसान होगा. बिहार की राजधानी पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा आने-जाने में आसानी होगी. झारखंड और पश्चिम बंगाल के धनबाद, रांची, आसनसोल, हावड़ा, कोलकाता भी रेल यात्रा पर दबाव कम होगा. बताया जा रहा है कि असम में गुवाहाटी और दूसरे पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए लंबी दूरी की ट्रेनें यहां से चल सकती हैं.
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Prashant Rai is a digital journalist with over 9 years of experience in Hindi journalism, specializing in politics, crime, hyper-local reporting, and viral news. He currently serves as Chief Sub Editor at News1…
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