Harish Rana News : हरीश राणा के आखिरी वक्‍त में AIIMS में कौन उनके पास ज्‍यादा रहता है, क्‍या वेंटिलेटर पर रखा गया है?

Last Updated:

Harish Rana Update News : हरीश राणा मामले में एक अहम पहलू परिवार की काउंसलिंग भी है. एम्स प्रशासन ने माना है कि मनोचिकित्सकों की एक टीम तैनात की है. यह टीम रोजाना माता-पिता और भाई से बातचीत कर रही है. परिवार को मानसिक रूप से इस कठिन परिस्थिति के लिए तैयार किया जा रहा है.

AIIMS में हरीश राणा के अंगों की स्थिति को लेकर भी जांच जारी है.

नई दिल्ली/गाजियाबाद : सुप्रीम कोर्ट से इच्‍छामृत्‍यु की इजाजत पाए हरीश राणा को पैसिव यूनिथिसिया देने की प्रकिया में नया अपडेट है. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने यहां भर्ती हरीश राणा को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब उनके मेडिकल बोर्ड का विस्तार करते हुए एक तो सदस्यों की संख्या 5 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है. इसे हरीश राणा की सम्‍मानजनक विदाई के साथ-साथ परिवार की काउंसलिंग के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है.

एम्‍स के नए मेडिकल बोर्ड में अलग-अलग विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिनमें मनोचिकित्सकों (Psychiatrists) की संख्या भी बढ़ाई गई है. इसका मकसद ना केवल हरीश की स्थिति का मूल्यांकन करने के साथ ही परिवार को इस कठिन दौर में मानसिक सहारा देना भी है.

हरीश राणा (Harish Rana) फिलहाल एम्स के पैलेटिव केयर यूनिट में भर्ती हैं, जहां गंभीर मरीजों को आराम और सहायक उपचार दिया जाता है. डॉक्टरों के अनुसार, उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन शरीर के कई अंग पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं.

धीरे-धीरे हटाए जा रहे सपोर्ट सिस्टम
इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उनके कुछ मेडिकल सपोर्ट सिस्टम हटाने शुरू कर दिए हैं. सूत्रों के मुताबिक, उनका न्यूट्रीशन सपोर्ट यानि पोषण सहायता भी हटा लिया गया है. उन्हें वेंटिलेटर पर नहीं रखा गया है. हालांकि, जरूरी दवाइयां अभी भी दी जा रही हैं. डॉक्टरों का कहना है कि यह प्रक्रिया मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत की जा रही है और हर फैसला विशेषज्ञों की राय के आधार पर लिया जा रहा है.

हरीश राणा के अंगों की स्थिति को लेकर भी जांच जारी है. चूंकि उनके शरीर के कई अंग पूरी तरह स्वस्थ नहीं बताए जा रहे हैं, ऐसे में अंगदान संभव होगा या नहीं, इस पर आखिर निर्णय मेडिकल जांच के बाद ही लिया जाएगा.

परिवार को मानसिक सहारा देने पर जोर
इस पूरे मामले में एक अहम पहलू परिवार की काउंसलिंग भी है. एम्स प्रशासन ने माना है कि मनोचिकित्सकों की एक टीम तैनात की है. यह टीम रोजाना माता-पिता और भाई से बातचीत कर रही है. परिवार को मानसिक रूप से इस कठिन परिस्थिति के लिए तैयार किया जा रहा है. अस्पताल प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए परिवार के एक सदस्य को हरीश के साथ रहने की अनुमति दी है. वैसे ज्यादातर समय उनकी मां उनके पास रहती हैं. पिता, भाई और बहन भी समय-समय पर मुलाकात करते हैं.

About the Author

Sandeep KumarSenior Assistant Editor

Senior Assistant Editor in News18 Hindi with the responsibility of Regional Head (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Bihar, Jharkhand, Rajasthan, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Himachal Pradesh, Haryana). Active in jou…और पढ़ें

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *