रोटी का सवाल! कहीं 1 किलो गैस को भटक रहे, तो कहीं जुगाड़ से चला रहे काम, LPG की किल्लत बनी आफत

LPG Shortage in Noida: ईरान और इजराइल युद्ध की आग में गरीब आदमी झुलस रहा है. फिर चाहे यह किसी भी देश का हो. एलपीजी की किल्लत से भारत के शहरों में रह रहे गरीब और तंगहाल लोगों के सामने बड़ा संकट पैदा हो गया है. गांवों में भले ही गैस सिलेंडर न मिलने से खास असर न पड़े लेकिन शहरों में जैसे-तैसे दो वक्त की रोटी कमाने वाले लोग एक-एक किलो एलपीजी गैस के लिए भटक रहे हैं. यह हाल नोएडा जैसे शहर का है, जहां घरों में काम करने वाली हाउस हेल्प और सहायिकाओं के सामने परिवारों के पेट भरने का सवाल खड़ा हो गया है.

ये वे लोग हैं जिनके पास न तो एलपीजी गैस कनेक्शन हैं और न ही बड़े सिलेंडर हैं. सिर्फ नोएडा ही नहीं आसपास के शहरों में भी एक कमरे में जीवन काटने और घरों में साफ-सफाई या खाना बनाकर रोजी कमाने वाले लोगों के पास छोटे सिलेंडर हैं, जिन्हें बार-बार बाजार से गैस भरवाकर ये काम चलाते हैं, लेकिन अभी एक हफ्ते से इन लोगों को सिलेंडरों में भरवाने के लिए गैस नहीं मिल रही है.

नोएडा के मोरना में रहने वाली और घरों में काम करने वाली श्रीदेवी ने बताया कि एक हफ्ते पहले उनकी गैस खत्म हो गई तो पहले की तरह वे उसकी फिलिंग कराने के लिए दुकानों पर गईं, लेकिन 3 दुकानों से उन्हें वापस लौटना पड़ा जबकि एक दुकान पर काफी मिन्नतें करने के बाद उन्हें 1 किलो गैस मिली और वह भी 300 रुपये किलो, जो सामान्य गैस का करीब साढ़े तीन से चार गुना ज्यादा है.

घरों में काम कर बच्‍चे पाल रही श्रीदेवी को कहीं भी गैस नहीं म‍िल पा रही.

उन्होंने कहा कि हाल ही में वे अपने पूरे परिवार को लेकर यहां आई हैं जिनमें चार बच्चे और पति-पत्नी शामिल हैं, उससे पहले सिर्फ दो बच्चे और वे खुद ही यहां रहती थीं, श्रीदेवी ने कहा, हमें नहीं पता था कि यहां आते ही ये मुसीबत आ जाएगी, अब क्या करें. बच्चों का पेट कैसे भरें, कहीं भी गैस नहीं मिल रही है. दो दिन तो एक मैडम ने खाना दे दिया तो काम चल गया लेकिन एक किलो गैस कितने दिन चलेगी? एक ही कमरा है, उसमें चूल्हा भी नहीं रख सकते. हो सकता है कि घर ही न जाना पड़े.’

श्रीदेवी ने बताया कि उनके गांव में गैस सिलेंडर है लेकिन अक्सर खाना चूल्हे पर ही बनता है, गांव भी इतना दूर है कि आने जाने में डेढ़ दिन लगेगा. अभी तक तो 3 ही लोग थे तो काम चल रहा था और गैस भी मिल पा रही थी, लेकिन अब अचानक ये मुसीबत आ गई, ऐसे में समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें.

शिवानी ने किया जुगाड़

वहीं हाउस हेल्प शिवानी ने बताया कि पिछले करीब दो हफ्ते से सिलेंडर और गैस की किल्लत चल रही है. वे भी छोटे सिलेंडर से काम चलाती थीं लेकिन अब उसमें गैस नहीं मिल पा रही है. इतना ही नहीं उनकी बिल्डिंग में करीब 8 से 10 परिवार ऐसे ही रहते हैं जो हर हफ्ते गैस खरीदते हैं और उससे काम चलाते हैं, लेकिन सभी के सामने बुरी मुसीबत आ गई है. ऐसे में सभी ने मिलकर एक तोड़ निकाला है और बिल्डिंग की छत पर एक चूल्हा बनाया है.

शि‍वानी की पूरी ब‍िल्‍ड‍िंग ने एक चूल्‍हा बनाया है ज‍िस पर सभी बारी बारी से खाना बनाते हैं.

शिवानी बताती हैं,’ परिवार कई हैं और चूल्हा एक ही है, तो इस चूल्हे पर रोटी बनाने के लिए लाइन लगती है. सभी ने अपना-अपना समय तय कर लिया है. यह चूल्हा सुबह 5 बजे से सुलगना शुरू होता है और इसपर बारी-बारी से खाना बनता है. मेरा नंबर दोपहर में आता है. इसके बाद शाम को भी यही हालत रहती है, लेकिन इससे इतनी राहत है कि भूखे नहीं मर रहे और काम चल रहा है, लेकिन ये जुगाड़ कब तक चलेगा, कुछ तो इंतजाम होना चाहिए.’

रूम लेकर शिफ्ट हुई नेहा ने भी बताया हाल

हाल ही में गुरुग्राम से नई कंपनी ज्वॉइन करके नोएडा शिफ्ट हुई नेहा ने बताया कि उनके पास गैस कनेक्शन नहीं है, घर से एक सिलेंडर मंगाया था जिसके खत्म होने पर वह ब्लैक में सिलेंडर खरीद लेती थीं लेकिन जब पिछले हफ्ते सिलेंडर खत्म हुआ तो गैस वाले भईया ने मना कर दिया कि उनके पास गैस नहीं है और अभी इंतजाम नहीं हो पाएगा. तभी से नेहा बाहर खाना-खाने को मजबूर हैं और गैस की व्यवस्था हो जाए इसका इंतजार कर रही हैं.

क्या बोले दुकानदार?

उदयगिरी बी9 में रहने वाले मनोज (बदला हुआ नाम) नोएडा में ही गैस फिलिंग का काम करते हैं और ब्लैक में लोगों को एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई का काम करते हैं. उन्होंने बताया,’मैं कई साल से गैस का काम कर रहा हूं, बहुत सारे लोगों के पास गैस कनेक्शन नहीं होता या होता है तो गांव या दूसरे शहर में होता है तो यहां वे हम लोगों से सिलेंडर लेते हैं, ऐसे भी बहुत सारे मजदूर और कामगार हैं जो छोटे सिलेंडरों में गैस खरीदने आते हैं, तो उन लोगों हम लोगों की वजह से राहत भी होती है, लेकिन अभी करीब 15 दिन से काम ठप पड़ा है और कब तक स्थिति ठीक होगी कुछ कहा नहीं जा सकता.’

ऐसे में साफ है कि बहुत सारे लोग गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं और खासतौर पर वे लोग जिनके पास न कनेक्शन हैं और न पैसा, वे लोग ईरान-इजरायल युद्ध में पिस रहे हैं. आखिर इन लोगों के लिए क्या इंतजाम हैं?

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *