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दिल्ली में हुई झमाझम बारिश और तेज हवाओं ने प्रदूषकों को धो डाला है, जिससे हवा की गुणवत्ता में जादुई सुधार हुआ है और ये पहाड़ों जैसी ‘शुद्ध’ हो गई है. सफर (SAFAR) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का AQI गिरकर 92 के स्तर पर आ गया है. पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई इस बारिश ने न केवल भीषण प्रदूषण से राहत दी बल्कि बढ़ती गर्मी के बीच मौसम को भी बेहद सुहावना बना दिया है.
बारिश से गिरा प्रदूषण: झमाझम बारिश ने दिल्ली की हवा को पूरी तरह धो दिया है. सफर (SAFAR) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का AQI जो अक्सर 300 के पार रहता था वह गिरकर 92 (संतोषजनक) पर आ गया है. राजधानी सहित नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम की हवा आज इतनी साफ और ठंडी है कि लोग जमकर इसका लुत्फ उठा रहे हैं.
पश्चिमी विक्षोभ का असर: भूमध्य सागर से उठी नमी वाली हवाएं (पश्चिमी विक्षोभ) हिमालय से टकराईं, जिसके चलते उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जमकर बारिश हुई. यह मौसमी सिस्टम अपने साथ पहाड़ों की ठंडक लेकर आया है, जिससे दिल्ली वालों को बढ़ती गर्मी से अचानक बड़ी राहत मिली है. (PTI)
ट्रफ और चक्रवाती हवाओं का संगम: हरियाणा के ऊपर बने इंड्यूस्ड साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वहां से दक्षिण भारत तक जा रही ‘ट्रफ’ (कम दबाव की रेखा) के कारण बादलों की सघन आवाजाही हुई. इसी सिस्टम ने दिल्ली-एनसीआर में बारिश की जमीन तैयार की, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया और धूल भरी हवाएं शांत हो गईं. (PTI)
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पहाड़ों की बर्फबारी से मैदानी ठंडक: पिछले दो-तीन दिनों से पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब दिल्ली में दिखेगा. बारिश बंद होने के बाद उत्तर दिशा से आने वाली बर्फीली हवाएं तापमान में गिरावट लाएंगी. इससे अगले 2-3 दिनों तक तेज धूप निकलने के बावजूद लोगों को सुखद ठंडक और सुहावने मौसम का अनुभव होता रहेगा. (PTI)
21 मार्च से मौसम का नया रुख: पूर्वानुमान के अनुसार, 20 मार्च की शाम से दिल्ली और पंजाब-हरियाणा में मौसम साफ होने लगेगा. यह वर्षा तंत्र (Weather System) अब पूर्व की ओर बढ़ रहा है, जिससे कल तक बारिश का असर उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी राज्यों में शिफ्ट हो जाएगा और दिल्ली में आसमान साफ हो जाएगा. (PTI)
अल्पकालिक राहत और भविष्य की चुनौती: हालांकि बारिश ने तत्काल राहत दी है, लेकिन यह लंबे समय तक टिकने वाली नहीं है. मौसम विभाग का अनुमान है कि बादल छंटते ही और हवा की गति कम होते ही अगले दिन AQI फिर से 309 (बहुत खराब) तक पहुंच सकता है. यानी, साफ हवा का यह झोंका फिलहाल केवल कुछ ही घंटों की मेहमाननवाजी करेगा. (File Photo)
मार्च में प्री-मानसून जैसा अहसास: मार्च के महीने में इस तरह की बारिश और ओलावृष्टि को सामान्य मौसमी प्रक्रिया माना जा सकता है. यह प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जहां तापमान बढ़ने से पहले प्रकृति एक बार फिर ठंडक का अहसास कराती है. आने वाले दिनों में गर्मी धीरे-धीरे अपने पैर पसारेगी, लेकिन फिलहाल राहत जारी है. (File Photo)
