दिल्ली वालों के लिए अब और सख्त नियम, बिना पट्टे के कुत्ता घुमाना पड़ेगा महंगा, देना होगा 1000 रुपए का फाइन

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दिल्ली वालों के लिए अब और सख्त नियम, बिना पट्टे के कुत्ता घुमाना पड़ेगा महंगा

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दिल्ली में सड़क पर बिना पट्टे के पालतू कुत्ता घुमाना अब भारी पड़ेगा. पहले इसके लिए सिर्फ 50 रुपये का जुर्माना लगता था. लेकिन नए बिल में इसे बढ़ाकर सीधे 1000 रुपये कर दिया गया है. सड़क पर कूड़ा फेंकने और गंदगी फैलाने पर 50 की जगह 200 रुपये देने होंगे. घर में कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था न करने पर 500 रुपये का जुर्माना लगेगा.

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बिना पट्टे के कुत्ता घुमाने पर अब दिल्ली में 1000 रुपए का जुर्माना लगेगा. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 के प्रावधानों के तहत वर्तमान में पालतू कुत्ते को बिना पट्टा सड़क पर घुमाने वाले मालिक पर 50 रुपये का जुर्माना लगता है, लेकिन संसद में पेश जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 में इसे बढ़ाकर 1,000 रुपये का प्रस्ताव किया गया है. यह बदलाव जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 का हिस्सा है, जिसे वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया. इस विधेयक में दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 में कई संशोधन प्रस्तावित किये गए हैं.

संसद में पेश विधेयक में सड़क पर मवेशियों को बांधने पर जुर्माना 100 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है. इसके अतिरिक्त, मकान नंबर को मिटाने या नष्ट करने पर मौजूदा 50 रुपये के जुर्माने को बढ़ाकर एक हजार रुपये करने का प्रस्ताव है. अन्य संशोधनों में खतरनाक आतिशबाजी करने पर जुर्माना 50 रुपये से बढ़कर 500 रुपये करने, नगर निगम के अधिकारी को परिसर में प्रवेश करने से रोकने पर जुर्माना बढ़ाकर 50 से 500 रुपए करने का प्रस्ताव है.

विधेयक में स्वच्छता के संदर्भ में, कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था न करने पर वर्तमान जुर्माने की राशि 50 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने, गंदगी को सड़क पर बहने देना और कूड़ा फेंकने पर जुर्माना मौजूदा 50 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है. विधेयक में इमारतों के संबंध में कहा गया है कि आदेश दिए जाने पर भी खतरनाक संरचना को खाली न करने पर जुर्माना मौजूदा 200 रुपये से बढ़कर 1,000 रुपये किया जाए.

विधेयक में पूर्व के अधिनियम की धारा 465 में भी संशोधन का प्रस्ताव है. इसमें उन उल्लंघनों के लिए सामान्य जुर्माना का प्रावधान है, जिनके लिए कोई विशिष्ट जुर्माना निर्धारित नहीं है. विधेयक में इस धारा के तहत जुर्माना 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने के साथ ही दैनिक निरंतर जुर्माना 20 रुपये से बढ़कर 50 रुपये करने का प्रस्ताव है.

इस विधेयक में कई प्रावधानों को समाप्त करने का भी प्रस्ताव है. धारा 387 के तहत नगर निगम के सफाईकर्मी को बिना सूचना दिए अनुपस्थित रहने पर एक महीने तक की कैद की सजा हो सकती थी, लेकिन प्रस्तवित विधेयक में इसे अपराध की श्रेणी से हटाकर उसके स्थान पर 500 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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